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Jabalpur: आरोपी डॉक्टर दंपती पुलिस रिमांड पर, होटल में चल रहा था आयुष्मान कार्डधारियों का फर्जी इलाज

Mon, 29 Aug 2022 08:51 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 29 Aug 2022 08:51 PM IST
सार

जबलपुर में उजागर हुए आयुष्मान कार्डधारकों के फर्जी इलाज मामले में पुलिस ने आरोपी डॉक्टर दंपती को एक दिन के रिमांड पर लिया है। जांच में और भी फर्जावाड़े की जानकारी सामने आ रही है। 

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Accused doctor couple on police remand, fake treatment of Ayushman card holders was going on in the hotel
जबलपुर की होटल में आयुष्मान कार्डधारियों को भर्ती कर चल रहा था उपचार। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जबलपुर के होटल में रखकर आयुष्मान कार्डधारियों के उपचार के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले डॉक्टर दंपती को पुलिस ने रिमांड पर लिया है। जिला न्यायालय ने पूछताछ के लिए पुलिस को एक दिन का रिमांड दिया है। आयुष्मान उपचार योजना में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सक वर्ग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
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गौरतलब है कि राइट टाउन स्थित सेंट्रल इंडिया किडनी अस्तपाल प्रबंधन द्वारा बाजू में स्थित बैगा होटल में आयुष्मान कार्ड धारियों को उपचार के लिए भर्ती कर रखा था। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग तथा पुलिस टीम ने दबिश दी थी। होटल के एक पलंग में दो-दो मरीज भर्ती थे। स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान उपचार योजना के नोडल अधिकारी डॉ डी. धबंडे को जांच कर पुलिस को प्रतिवेदन देने के निर्देश जारी किए थे।
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सीएसपी प्रभात शुक्ला ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई प्रतिवेदन रिपोर्ट में आयुष्मान उपचार योजना के तहत फर्जीवाड़ा तथा अनियमितताओं की जानकारी थी। जिसके बाद अस्पताल संचालिका दुलिता पाठक तथा उसके पति डॉ. अश्वनी पाठक के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार को पुलिस ने आरोपी दंपती को न्यायालय में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड मांगा था। न्यायालय ने पुलिस के आवेदन पर एक दिन का पुलिस रिमांड स्वीकृत किया।
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सीएचएमओ डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि अस्पताल का पंजीयन डॉ. दुलिता पाठक के नाम पर था। फायर एनओसी सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाने तथा होटल में रखकर मरीजों का उपचार किए जाने के कारण अस्पताल का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। जिला कलेक्टर के निर्देश पर रविवार को होटल सीज कर दिया गया था।


जांच में यह बात भी सामने आई है कि पूर्व में कार्यरत डॉक्टर के हस्ताक्षर का उपयोग अस्पताल प्रबंधन द्वारा किया जा रहा था। इसके अलावा पुलिस मरीजों के डाटा को एकत्र करने में जुटी हुई है। संभावना है कि आरोपी डॉक्टर दंपती के साथ पुलिस अस्पताल सहित उनके अन्य ठिकानों में दबिश दे सकती है।
 
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