{"_id":"61b60372ff606a449a47d12c","slug":"jabalpur-factionalism-in-the-general-assembly-of-the-state-advocates-council-two-groups-declared-their-respective-presidents","type":"story","status":"publish","title_hn":"जबलपुर: राज्य अधिवक्ता परिषद की सामान्य सभा में गुटबाजी, दो गुटों ने घोषित किए अपने-अपने अध्यक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जबलपुर: राज्य अधिवक्ता परिषद की सामान्य सभा में गुटबाजी, दो गुटों ने घोषित किए अपने-अपने अध्यक्ष
Sun, 12 Dec 2021 07:43 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 12 Dec 2021 07:43 PM IST
सार
राज्य अधिवक्ता परिषद की सामान्य सभा की बैठक के बाद दोनों गुटों ने अपने-अपने अध्यक्ष घोषित कर दिए हैं। एक गुट बहुमत के आधार पर तो दूसरा गुट विधि अनुसार अध्यक्ष होने का दावा कर रहा है।
विज्ञापन
दो गुटों ने घोषित किए अपने-अपने अध्यक्ष
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश के अधिवक्ताओं की मातृ संस्था राज्य अधिवक्ता परिषद में कुल निर्वाचित सदस्यों की संख्या 25 है। रविवार को राज्य अधिवक्ता परिषद की सामान्य सभा की बैठक हुई। इसमें 21 सदस्य व्यक्तिगत रूप से तथा चार सदस्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए। बैठक के एजेंडे में स्वास्थ्यगत कारण से अध्यक्ष पद से डॉ. विजय चौधरी का इस्तीफा देने का मुददा भी शामिल था।
एक गुट ने डॉ. चौधरी के इस्तीफे को अस्वीकार कर दिया। दूसरा गुट वोटिंग करवाने पर अड़ गया। इस दौरान दो सदस्यों ने विवाद से खुद को अलग कर लिया। जिसके बाद व्यक्तिगत सदस्यों की उपस्थिति 19 रह गई थी। डॉ. चौधरी का समर्थन कर रहे गुट ने भी मतदान से खुद को अलग कर लिया। जिसके बाद 10 सदस्यों ने सर्वसम्मति से शैलेन्द्र वर्मा को अध्यक्ष चुन लिया।
वीसी के सदस्यों की वोटिंग पर भी उठे सवाल
डॉ. चौधरी के समर्थक गुट का दावा है कि वीडियो क्रांफेंसिंग के माध्यम से उपस्थित चार सदस्यों ने उनका समर्थन किया था। दूसरे गुट का कहना है कि वीडियो क्रांफेंसिंग के माध्यम से किसी को वोट का अधिकार नहीं है। व्यक्तिगत रूप से उपस्थ्ति सदस्य ही हाथ उठाकर अपना समर्थन कर सकते हैं। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने बहुमत के आधार पर शैलेन्द्र वर्मा को अध्यक्ष चुना है।
विज्ञापन
अध्यक्ष को लेकर विवाद की स्थिति
डॉ. चौधरी ने पूर्व की सभी समिति को भंग करते हुए 6 नए को-चेयरमैन नियुक्त करने की जानकारी मीडिया को दी। नई समिति भी गठित कर दी है। दूसरी तरफ अधिवक्ता शैलेन्द्र वर्मा ने अध्यक्ष पद का पदभार ग्रहण कर लिया। पूरे घटनाक्रम के बाद राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है।
विज्ञापन
एक गुट ने डॉ. चौधरी के इस्तीफे को अस्वीकार कर दिया। दूसरा गुट वोटिंग करवाने पर अड़ गया। इस दौरान दो सदस्यों ने विवाद से खुद को अलग कर लिया। जिसके बाद व्यक्तिगत सदस्यों की उपस्थिति 19 रह गई थी। डॉ. चौधरी का समर्थन कर रहे गुट ने भी मतदान से खुद को अलग कर लिया। जिसके बाद 10 सदस्यों ने सर्वसम्मति से शैलेन्द्र वर्मा को अध्यक्ष चुन लिया।
विज्ञापन
वीसी के सदस्यों की वोटिंग पर भी उठे सवाल
डॉ. चौधरी के समर्थक गुट का दावा है कि वीडियो क्रांफेंसिंग के माध्यम से उपस्थित चार सदस्यों ने उनका समर्थन किया था। दूसरे गुट का कहना है कि वीडियो क्रांफेंसिंग के माध्यम से किसी को वोट का अधिकार नहीं है। व्यक्तिगत रूप से उपस्थ्ति सदस्य ही हाथ उठाकर अपना समर्थन कर सकते हैं। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने बहुमत के आधार पर शैलेन्द्र वर्मा को अध्यक्ष चुना है।
विज्ञापन
अध्यक्ष को लेकर विवाद की स्थिति
डॉ. चौधरी ने पूर्व की सभी समिति को भंग करते हुए 6 नए को-चेयरमैन नियुक्त करने की जानकारी मीडिया को दी। नई समिति भी गठित कर दी है। दूसरी तरफ अधिवक्ता शैलेन्द्र वर्मा ने अध्यक्ष पद का पदभार ग्रहण कर लिया। पूरे घटनाक्रम के बाद राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है।
