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जबलपुर: नाबालिग से दुराचार करने वाले को 10 साल की सजा, पॉक्सो की अदालत ने एक हजार का जुर्माना भी लगाया
Fri, 24 Dec 2021 08:09 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 24 Dec 2021 08:09 PM IST
सार
जिला अदालत ने एक नाबालिग के साथ दुराचार करने वाले अभिषेक ठाकुर कुशवाहा उर्फ पप्पू को दोषी करार देते हुए दस साल के सश्रम कारावास से दंडित किया है। पॉक्सो की विशेष न्यायधीश ज्योति मिश्रा की अदालत ने आरोपी पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जिला अदालत ने एक नाबालिग के साथ दुराचार करने वाले अभिषेक ठाकुर कुशवाहा उर्फ पप्पू को दोषी करार देते हुए दस साल के सश्रम कारावास से दंडित किया है। पॉक्सो की विशेष न्यायधीश ज्योति मिश्रा की अदालत ने आरोपी पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि पीड़िता ने 23 जून 2016 को गढ़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बड़ी बहन मेडिकल अस्पताल गढ़ा में तीन माह से प्रेग्नेंट होने के कारण भर्ती थी। वह अपनी माता व बड़ी बहन के साथ घटना दिनांक के तीन दिन पहले अस्पताल आई थी। उसे उसकी मां अस्पताल में छोड़कर गांव चली गई थी। 20 जून 2016 को 8.30 बजे उसकी बड़ी बहन ने उसे कुछ सामान लेने नीचे जाने को कहा, तब वार्ड नंबर 9 की सफाई कर्मचारी कल्लोबाई ने उसे अभिषेक के साथ खाना और सामान लेने के लिए चले जाने का कहा। जिस पर वह अभिषेक के साथ चली गई। अभिषेक उसे ऑटो में बैठाकर अंधेरे में पहाड़ी की तरफ ले गया और वहां पर उसके साथ दुराचार किया। उसके चिल्लाने पर कुछ लोग आ गए तो आरोपी अभिषेक वहां से भाग गया। शिकायत पर पुलिस ने दुराचार व पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनीषा दुबे ने पैरवी की।
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अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि पीड़िता ने 23 जून 2016 को गढ़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बड़ी बहन मेडिकल अस्पताल गढ़ा में तीन माह से प्रेग्नेंट होने के कारण भर्ती थी। वह अपनी माता व बड़ी बहन के साथ घटना दिनांक के तीन दिन पहले अस्पताल आई थी। उसे उसकी मां अस्पताल में छोड़कर गांव चली गई थी। 20 जून 2016 को 8.30 बजे उसकी बड़ी बहन ने उसे कुछ सामान लेने नीचे जाने को कहा, तब वार्ड नंबर 9 की सफाई कर्मचारी कल्लोबाई ने उसे अभिषेक के साथ खाना और सामान लेने के लिए चले जाने का कहा। जिस पर वह अभिषेक के साथ चली गई। अभिषेक उसे ऑटो में बैठाकर अंधेरे में पहाड़ी की तरफ ले गया और वहां पर उसके साथ दुराचार किया। उसके चिल्लाने पर कुछ लोग आ गए तो आरोपी अभिषेक वहां से भाग गया। शिकायत पर पुलिस ने दुराचार व पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनीषा दुबे ने पैरवी की।
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