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MP हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक: आर्य समाज मंदिरों में शादियां करना हुआ आसान, मैरिज सर्टिफिकेट भी जारी होंगे
Tue, 05 Apr 2022 02:41 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 05 Apr 2022 02:41 PM IST
सार
आर्य समाज में शादी करना अब फिर से आसान हो गया है। साथ ही आर्य समाज मंदिरों को मैरिज सर्टिफिकेट जारी करने का अधिकार फिर से मिल गया है।
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शादी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आर्य समाज में शादी करना अब फिर से आसान हो गया है। साथ ही आर्य समाज मंदिरों को मैरिज सर्टिफिकेट जारी करने का अधिकार फिर से मिल गया है। दरअसल आर्य समाज मंदिर में शादी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मप्र हाईकोर्ट के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें आर्य समाज शादी में विशेष विवाह अधिनियम 1954 की धारा पांच से आठ तक के प्रावधान लागू करने की बात कही गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शादी से पहले नोटिस देकर आपत्ति मंगाने वाला आदेश फिलहाल अमान्य हो गया है।
जानकारी के अनुसार मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ ने 17 दिसंबर 2021 को एकल पीठ के 9 दिसंबर 2020 के उस आदेश को सही ठहराया था, जिसमें शादी का प्रमाणपत्र सिर्फ कानून में अधिकृत सक्षम अथारिटी ही जारी कर सकती है। आर्य समाज संस्था सेक्रेटरी मध्य भारत आर्य प्रतिनिधि सभा ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सोमवार को न्यायमूर्ति केएम जोसेफ और ऋषिकेश राय की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है साथ ही नोटिस जारी किया है।
हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने करीब डेढ़ साल पहले आदेश दिया था कि स्पेशल मैरिज एक्ट में हिंदू मैरिज एक्ट के प्रावधानों को भी शामिल किया जाए, तब तक आर्य समाज मंदिरों में शादी नहीं हो सकेगी। सर्टिफिकेट भी जारी नहीं किए जा सकेंगे। इस आदेश को मध्य भारतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के मंत्री प्रकाश आर्य ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर, हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। इसके बाद अब मप्र के 273 से अधिक आर्य समाज मंदिरों में पहले की तरह शादियां हो सकेंगी। प्रतिनिधि सभा की ओर से सीनियर एडवोकेट श्याम दीवान, ऋषि तिवारी और वंशिका तिवारी ने पैरवी की।
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जानकारी के अनुसार मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ ने 17 दिसंबर 2021 को एकल पीठ के 9 दिसंबर 2020 के उस आदेश को सही ठहराया था, जिसमें शादी का प्रमाणपत्र सिर्फ कानून में अधिकृत सक्षम अथारिटी ही जारी कर सकती है। आर्य समाज संस्था सेक्रेटरी मध्य भारत आर्य प्रतिनिधि सभा ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सोमवार को न्यायमूर्ति केएम जोसेफ और ऋषिकेश राय की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है साथ ही नोटिस जारी किया है।
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हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने करीब डेढ़ साल पहले आदेश दिया था कि स्पेशल मैरिज एक्ट में हिंदू मैरिज एक्ट के प्रावधानों को भी शामिल किया जाए, तब तक आर्य समाज मंदिरों में शादी नहीं हो सकेगी। सर्टिफिकेट भी जारी नहीं किए जा सकेंगे। इस आदेश को मध्य भारतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के मंत्री प्रकाश आर्य ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर, हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। इसके बाद अब मप्र के 273 से अधिक आर्य समाज मंदिरों में पहले की तरह शादियां हो सकेंगी। प्रतिनिधि सभा की ओर से सीनियर एडवोकेट श्याम दीवान, ऋषि तिवारी और वंशिका तिवारी ने पैरवी की।
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