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Mystery: फंदे पर लटके छात्र के पास खून नहीं सिंदूर पड़ा था, साड़ी मेकअप का राज नहीं खुला
Mon, 20 May 2024 09:41 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 20 May 2024 09:41 PM IST
सार
इंदौर में छात्र की रहस्यमयी मौत के राज गहराते जा रहे हैं। पुलिस ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है। छात्र के लैपटॉप और मोबाइल जांच के लिए भेजे हैं।
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पुनीत
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
विस्तार
इंदौर में शनिवार को महिला जैसी वेशभूषा में बीएससी के छात्र पुनीत पिता त्रिभुवन दुबे (21) का शव मिला था। परिजन को इस मामले में हत्या की आशंका थी लेकिन अब पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक मामला सुसाइड का नजर आ रहा है। पुलिस को शव के पास एक चाकू भी मिला था लेकिन शरीर पर किसी तरह के कट के निशान नहीं मिले हैं। शव के पास जो लाल रंग बिखरा था वह खून नहीं बल्कि सिंदूर और मेहंदी का रंग था। इसके साथ कमरे में किसी के आने या होने के सबूत भी नहीं मिले हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस मामले में बयान जारी नहीं किया है।
भंवरकुआ टीआई राजकुमार यादव ने कहा कि पुनीत के पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उसकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है। इसके बाद ही कुछ कह सकेंगे।प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि शव के पास मिले चाकू से भी कोई वार नहीं किया गया है। चाकू का इस्तेमाल केवल पुनीत ने हाथ की रस्सी काटने के लिए किया था। बताया जा रहा है कि फंदा लगाने से पहले पुनीत ने अपनी आंखें बांधने के बाद मुंह में कपड़ा ठूंस लिया था। इसके बाद उसने अपने हाथ भी बांध लिए थे।
दोस्तों के साथ नहीं रहना चाहता था
पुनीत रायसेन का रहने वाला था और इंदौर के खंडवा नाका इलाके की एक मल्टी में अपने दोस्तों के साथ फ्लैट में रहता था। पुनीत के पिता पेशे से किसान हैं और वह रणजीत सिंह कॉलेज में बीएससी सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। वह अपने दोस्तों के साथ रहने में खुश नहीं था इसलिए माता-पिता ने उसे उसी बिल्डिंग में अलग कमरा दिला दिया था। पुलिस की पूछताछ में उसके दोस्तों ने बताया कि पुनीत किसी से ज्यादा बात नहीं करता था। पुलिस ने मोबाइल, लैपटॉप जब्त कर लिए हैं और फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं।
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भंवरकुआ टीआई राजकुमार यादव ने कहा कि पुनीत के पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उसकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है। इसके बाद ही कुछ कह सकेंगे।प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि शव के पास मिले चाकू से भी कोई वार नहीं किया गया है। चाकू का इस्तेमाल केवल पुनीत ने हाथ की रस्सी काटने के लिए किया था। बताया जा रहा है कि फंदा लगाने से पहले पुनीत ने अपनी आंखें बांधने के बाद मुंह में कपड़ा ठूंस लिया था। इसके बाद उसने अपने हाथ भी बांध लिए थे।
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दोस्तों के साथ नहीं रहना चाहता था
पुनीत रायसेन का रहने वाला था और इंदौर के खंडवा नाका इलाके की एक मल्टी में अपने दोस्तों के साथ फ्लैट में रहता था। पुनीत के पिता पेशे से किसान हैं और वह रणजीत सिंह कॉलेज में बीएससी सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। वह अपने दोस्तों के साथ रहने में खुश नहीं था इसलिए माता-पिता ने उसे उसी बिल्डिंग में अलग कमरा दिला दिया था। पुलिस की पूछताछ में उसके दोस्तों ने बताया कि पुनीत किसी से ज्यादा बात नहीं करता था। पुलिस ने मोबाइल, लैपटॉप जब्त कर लिए हैं और फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं।
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