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Indore News: बुजुर्गों को थाने और कोर्ट जाने से रोका, 5 हजार परिवार टूटने से बचाए, काउंसलिंग से विवाद सुलझाए
Wed, 09 Oct 2024 06:35 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 09 Oct 2024 06:35 PM IST
सार
देश की पहली सीनियर सिटिजन पुलिस पंचायत ने पांच हजार परिवारों को नया जीवन दिया, देश के हर शहर में इस तरह की समिति शुरू करने की अपील की।
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परिवार की काउंसलिंग करते समिति के सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
बुजुर्गों को परिवारों में कई तरह की परेशानियां आती हैं और अधिक उम्र की वजह से कई बार वे कोर्ट और थाने तक जा भी नहीं पाते। एेसी स्थिति में वे या तो परेशानियों को झेलते रहते हैं या फिर परेशान होकर कोई गलत कदम उठा लेते हैं। इस परेशानी को समझते हुए पुलिस विभाग ने इंदौर में एक एेसी पहल की जो पूरे देश के लिए मिसाल बनती जा रही है। इसका नाम है सीनियर सिटिजन पुलिस पंचायत।
कैसे काम करती है सीनियर सिटिजन पुलिस पंचायत
समिति के मुख्य सदस्य आरडी यादव, पुरुषोत्तम यादव, रमेश शर्मा, सन्नी मोदी और संजय शर्मा हैं। सदस्यों ने बताया कि यदि किसी बुजुर्ग को बहू, बेटों या परिवार के अन्य सदस्यों से कोई परेशानी है या फिर उनके बच्चे विदेशों में रहते हैं और वे इंदौर में अकेले रहते हैं तो एेसे में उन्हें कई बार पुलिस की सुरक्षा की जरूरत पड़ती है। बुजुर्ग होने के नाते वे थाने पर जा नहीं पाते या बचते हैं। इन मामलों के लिए इंदौर में यह समिति गठित की गई है। इसमें कोई भी बुजुर्ग रीगल पर स्थित पुलिस मुख्यालय में जाकर अपनी परेशानी का आवेदन दे सकता है। यहां पर आवेदन लेने के बाद शहर के वरिष्ठ नागरिकों की एक टीम और पुलिस अधिकारी पीड़ित बुजुर्ग और अन्य परिजन की काउंसलिंग करती है। काउंसलिंग के माध्यम से वह परिवार की परेशानियों को सुलझाने का प्रयास करती है और मामलों को कोर्ट में जाने से रोकती है।
30 हजार बुजुर्गों ने बनवाया है समिति का कार्ड
30 हजार बुजुर्गों ने सीनियर सिटिजन पुलिस पंचायत का कार्ड बनवाया है। इस कार्ड की मदद से बुजुर्गों को अस्पतालों में विशेष सुविधाएं मिलती है। इसमें सस्ती दवाएं, टेस्ट और इलाज शामिल है।
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देश के हर जिले में समिति बनाने की मांग
समिति के सदस्यों ने कहा कि देश के हर जिले में इस तरह की समिति होने चाहिए। इससे लाखों मामले कोर्ट और थाने पहुंचने से रुक जाएंगे। समिति के सदस्यों ने कहा कि मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव को सबसे पहले मप्र के जिलों में इसे शुरू करना चाहिए फिर केंद्र सरकार को हर जिले में इस तरह की समिति को गठित करने पर विचार करना चाहिए। इससे परिवार टूटने से बचेंगे, उनका समय और पैसा बचेगा और सरकार, कोर्ट और पुलिस विभाग का भी समय और पैसा बचेगा।
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कैसे काम करती है सीनियर सिटिजन पुलिस पंचायत
समिति के मुख्य सदस्य आरडी यादव, पुरुषोत्तम यादव, रमेश शर्मा, सन्नी मोदी और संजय शर्मा हैं। सदस्यों ने बताया कि यदि किसी बुजुर्ग को बहू, बेटों या परिवार के अन्य सदस्यों से कोई परेशानी है या फिर उनके बच्चे विदेशों में रहते हैं और वे इंदौर में अकेले रहते हैं तो एेसे में उन्हें कई बार पुलिस की सुरक्षा की जरूरत पड़ती है। बुजुर्ग होने के नाते वे थाने पर जा नहीं पाते या बचते हैं। इन मामलों के लिए इंदौर में यह समिति गठित की गई है। इसमें कोई भी बुजुर्ग रीगल पर स्थित पुलिस मुख्यालय में जाकर अपनी परेशानी का आवेदन दे सकता है। यहां पर आवेदन लेने के बाद शहर के वरिष्ठ नागरिकों की एक टीम और पुलिस अधिकारी पीड़ित बुजुर्ग और अन्य परिजन की काउंसलिंग करती है। काउंसलिंग के माध्यम से वह परिवार की परेशानियों को सुलझाने का प्रयास करती है और मामलों को कोर्ट में जाने से रोकती है।
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30 हजार बुजुर्गों ने बनवाया है समिति का कार्ड
30 हजार बुजुर्गों ने सीनियर सिटिजन पुलिस पंचायत का कार्ड बनवाया है। इस कार्ड की मदद से बुजुर्गों को अस्पतालों में विशेष सुविधाएं मिलती है। इसमें सस्ती दवाएं, टेस्ट और इलाज शामिल है।
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देश के हर जिले में समिति बनाने की मांग
समिति के सदस्यों ने कहा कि देश के हर जिले में इस तरह की समिति होने चाहिए। इससे लाखों मामले कोर्ट और थाने पहुंचने से रुक जाएंगे। समिति के सदस्यों ने कहा कि मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव को सबसे पहले मप्र के जिलों में इसे शुरू करना चाहिए फिर केंद्र सरकार को हर जिले में इस तरह की समिति को गठित करने पर विचार करना चाहिए। इससे परिवार टूटने से बचेंगे, उनका समय और पैसा बचेगा और सरकार, कोर्ट और पुलिस विभाग का भी समय और पैसा बचेगा।
