{"_id":"653287b16d90cee8290e5a66","slug":"mp-election-2023-antersingh-darbar-2023-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore: अंतरसिंह दरबार का टिकट कटने से समर्थक नाराज, निर्दलीय चुनाव लड़ने की संभावना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore: अंतरसिंह दरबार का टिकट कटने से समर्थक नाराज, निर्दलीय चुनाव लड़ने की संभावना
Sat, 21 Oct 2023 09:56 AM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 21 Oct 2023 09:56 AM IST
सार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अंतरसिंह दरबार का टिकट कटने से कार्यकर्ता नाराज हैं, उन्होंने विरोध में बैठक की और रैलियां निकालने की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
अंतरसिंह दरबार के समर्थक।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस की दूसरी सूची के बाद कई क्षेत्रों में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। इसी में से एक सीट महू की है। कल रात आई सूची में महू से रामकिशोर शुक्ला को टिकट दिए जाने का विरोध हो रहा है। आज सुबह नांदेड़ गांव में अंतरसिंह दरबार के समर्थक इकट्ठा हो गए और नारेबाजी की। दरबार निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला कर सकते हैं।
अंतरसिंह दरबार लगातार तीन चुनाव हार चुके हैं। 2008 में कैलाश विजयवर्गीय ने उन्हें हराकर यह सीट भाजपा की झोली में डाली थी और दूसरी बार भी उन्हें ही हराया था। तीसरी बार उषा ठाकुर ने उन्हें हराया। उनका टिकट कट जाने से निराश समर्थक रैली निकालकर सभा भी कर रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि दरबार अपने समर्थकों से चर्चा करने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। दरबार महू विधानसभा से पहले भी दो बार विधायक रह चुके हैं।
उषा ठाकुर को सात हजार के अंतर से मिली थी जीत
2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अंतर सिंह दरबार ने मंत्री उषा ठाकुर को मात्र 7 हजार 157 वोटों के अंतर पर लाकर खड़ा कर दिया था। इसलिए दरबार को इस बार पूरी उम्मीद थी कि कांग्रेस पार्टी से उन्हें टिकट दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अंतरसिंह दरबार लगातार तीन चुनाव हार चुके हैं। 2008 में कैलाश विजयवर्गीय ने उन्हें हराकर यह सीट भाजपा की झोली में डाली थी और दूसरी बार भी उन्हें ही हराया था। तीसरी बार उषा ठाकुर ने उन्हें हराया। उनका टिकट कट जाने से निराश समर्थक रैली निकालकर सभा भी कर रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि दरबार अपने समर्थकों से चर्चा करने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। दरबार महू विधानसभा से पहले भी दो बार विधायक रह चुके हैं।
विज्ञापन
उषा ठाकुर को सात हजार के अंतर से मिली थी जीत
2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अंतर सिंह दरबार ने मंत्री उषा ठाकुर को मात्र 7 हजार 157 वोटों के अंतर पर लाकर खड़ा कर दिया था। इसलिए दरबार को इस बार पूरी उम्मीद थी कि कांग्रेस पार्टी से उन्हें टिकट दिया जाएगा।
विज्ञापन
