Indore News नकली वकील बनी युवती के मोबाइल में 20 से ज्यादा वीडियो, कोर्ट रुम में बहस का वीडियो भी बनाया
इंदौर के जिला कोर्ट मेें जिस सोनू को सुनवाई के वीडियो उतारते हुए पकड़ा है। उसके बारे में पता चला कि वह खरगोन जिले के बोरावां गांव में रहती है। उनके पिता वहां किराने की दुकान चलाते है। सोनू पढ़ाई के लिए इंदौर आकर रहने लगी थी।
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जिला कोर्ट में हिन्दू संगठन के पदाधिकारियों की सुनवाई की वीडियो बनाते पकड़ी गई युवती सोनू मंसूरी फिलहाल पुलिस रिमांड पर है। सुनवाई के पहले वह दस्तावेजों के वीडियो तक बना रही थी। सुनवाई शुरू होने के पहले वह सुबह से कोर्ट परिसर में आ गई थी। उसके मोबाइल की गैलरी में 20 से ज्यादा वीडियों कोर्ट परिसर के मिले। कुछ वकीलों को उस पर शक तब हुआ। जब वह कोर्ट रुम में चल रही बहस को भी अपने मोबाइल में कैद कर रही थी,क्योकि कोर्ट रूम में फोटो खींचना या वीडियो उतारना कोर्ट की अवमानना की श्रेणी में आता है। इसके बाद वकील अनिल नायडू ने उससे पूछताछ की तो उसने कहा कि वह वकील है, लेकिन उसने कोई आईडी नहीं बताया।
जिस वकील ने युवती को भेजा, वह नहीं थी कोर्ट में
सोनू मंसूरी से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने कहा कि वह जूनियर है और नूरजहा खान ने उसे वीडियो उतारने के लिए यह कहकर भेजा था कि पीएफआई को सारी जानकारी भेजना है, इसलिए वीडियो बना लेना। सोनू मंसूरी जिस वकील का नाम ले रही है। वह शनिवार को कोर्र्ट परिसर में ही नहीं थी।
खरगोन के गांव रहती है सोनू, पिता किराने की दुकान चलाते है
जिस सोनू को सुनवाई के वीडियो उतारते हुए पकड़ा गया है। उसके बारे में पता चला कि वह खरगोन जिले के बोरावां गांव में रहती है। उनके पिता वहां किराने की दुकान चलाते है। सोनू पढ़ाई के लिए इंदौर आकर रहने लगी थी।
कोर्ट सुरक्षा पर भी सवाल
सोनू मंसूरी वकील नहीं है,लेकिन काला कोर्ट पहन कर कोर्ट में मौजूद थी और वीडियो भी शूट कर रही थी। दो माह पहले भी कोर्ट परिसर में एक नकली वकील को पकड़ कर वकीलों ने पुलिस के हवाले कर दिया था। उसके पास सनद नहीं थी,लेकिन वह खुद के नाम से वकील पत्र भी भर रहा था। इस तरह के मामलों को लेकर इंदौर अभिभाषक संघ के सचिव घनश्याम गुप्ता का कहना है कि इस मामले में नियम है,लेकिन सख्ती से पालन होना चाहिए। इस मामले में हम स्टेट बार एसोसिएशन के पदाधिकाारियों से चर्चा करेंगे। जो कॉलेज कानून की पढ़ाई कराते है। उनसे भी कहा जाएगा कि वे अपने विद्यार्थियों को आईडी कार्ड के साथ ही कोर्ट परिसर में भेजे।
