फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Marathi writers honored in Maharashtra

MP: मप्र के मराठी साहित्यकारों का महाराष्ट्र में सम्मान, देशभर के लेखकों ने मातृभाषा के महत्व पर दिया जोर

Thu, 30 Nov 2023 06:02 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Thu, 30 Nov 2023 06:02 PM IST
सार

महाराष्ट्र के जलगांव में हुए आयोजन में देश के कोने कोने से 400 से अधिक लेखक और साहित्यकार पहुंचे। सभी ने आज के परिदृश्य में मातृभाषा की उपयोगिता पर चर्चा की। 
 

विज्ञापन
Marathi writers honored in Maharashtra
कार्यक्रम का उद्घाटन करते अतिथि। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर

विस्तार

इंदौर के वरिष्ठ कवि और कहानीकार डॉ. श्रीकांत तारे ने जलगांव में दो दिवसीय अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्य में बुहरानपुर की लेखिका तथा शास. मध्यप्रदेश मराठी साहित्य अकादमी ( भोपाल ) की पूर्व निदेशक पूर्णिमा हुंडीवाले, डाक्टर संजय दहाड़, ख्यात अधिवक्ता सुशील अत्रे और कुछ सक्रिय साहित्यकार व कार्यकर्ताओं ने मदद की। 
विज्ञापन


साहित्य संस्कृति मंच के बैनर तले हुए इस आयोजन के लिए मराठी साहित्य और संस्कृति प्रेमी उद्योगपति अशोक भाऊ जैन ने भी मदद की। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत के चार सौ साहित्यकर्मी और साहित्य प्रेमी पहुंचे। भोपाल के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता शरद भोकरदनकर, बडोदा के  साहित्यकार समाज सेवी सुधीर जोशी, इंदौर के राजेंद्र पंडित भी खास तौर पर शामिल हुए।
विज्ञापन


आरंभ में कुमारी कश्मीरा हुंडीवाले ने नृत्य की एकल प्रस्तुति दी तथा जलगांव की सखी माऊली महिला मंडल की प्रतिभावान कलाकारों ने अवसर के अनुरूप अत्यंत सुंदर और नेत्र सुखद समूह नृत्य प्रस्तुत किया। उद्घाटन की रस्म अदायगी महाराष्ट्र विधान सभा के पूर्वाध्यक्ष व ओजस्वी वक्ता अरुण भाई गुजराथी, आगामी 97 वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र शोभने, प्रसिद्ध कवि अशोक नायगांवकर अरुण म्हात्रे, संयोजक श्रीकांत तारे और पूर्णिमा हुंडीवाले ने की। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उद्घाटन सत्र में अशोक भाऊ और अरुणभाई के निजी अनुभवों पर आधारित बहुत ही रोचक और विद्वतापूर्ण भाषण सुनने को मिले। अशोक भाऊ ने अपने मार्मिक संबोधन में कहा, यह एक अभिनव और अभूतपूर्व सुनियोजित मराठी साहित्य सम्मेलन है। जिसमें इतनी बड़ी तादाद में कलमकार साहित्य के साथ एक-दूसरे के सुख-दुख साझा करने के लिए एकजुट हुए हैं। इस अवसर पर अरुण भाई गुजराती ने कहा कि मराठी भाषा-साहित्य और संवर्धन के लिए ऐसे आयोजन होते रहना चाहिए। नाटककार शम्भू पाटिल (जलगाँव), सामाजिक कार्यकर्ता शिरीष चिटनीस (सातारा), वरिष्ठ पत्रकार अनिल कुमार धडवईवाले (इंदौर), संपादक अश्विन खरे (इंदौर) और लेखिका उमा कंपूवाले (ग्वालियर) का  सम्मान किया गया। इस अवसर पर कुछ पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया। दूसरे सत्र में कवि अशोक नायगांवकर ने अध्यक्षता की तथा कवि अरुण म्हात्रे ने अपने सूत्र संचालन से कवि सम्मेलन को यादगार बना दिया। प्रो.संजय बारी, संजय दहाड ने आभार प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed