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बड़ी घोषणाः महाराष्ट्र के अहमदनगर का नाम बदलकर 'अहिल्यादेवी होल्कर नगर' किया जाएगा
Wed, 31 May 2023 10:24 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 31 May 2023 10:24 PM IST
सार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अहिल्यादेवी की 298वीं जयंती समारोह में की घोषणा, इस कार्यक्रम में शिंदे के साथ डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे।
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कार्यक्रम में संबोधित करते शिंदे
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को एक बड़ी घोषणा की। अहमदनगर में आयोजित अहिल्यादेवी की 298वीं जयंती समारोह में उन्होंने कहा कि 1767-1795 तक शासन करने वाली मालवा राज्य की महान रानी की याद में अहमदनगर जिले का नाम बदलकर 'अहिल्यादेवी होल्कर नगर' किया जाएगा। इस कार्यक्रम में शिंदे के साथ डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे। अहिल्यादेवी का जन्म 31 मई, 1725 को चौंडी गांव में हुआ था।
शिंदे ने कहा, हमने अहिल्यादेवी होल्कर के नाम पर अहमदनगर का नाम बदलने का फैसला किया है, क्योंकि यहां के सभी लोगों की यही इच्छा है। शिंदे ने कहा कि वह सौभाग्यशाली हैं कि उन्होंने पहले औरंगाबाद का नाम बदलकर 'छत्रपति संभाजीनगर' और उस्मानाबाद का नाम 'धाराशिव' कर दिया और अब महान रानी की जयंती पर अहमदनगर का नाम 'अहिल्यादेवी होल्कर नगर' करने की घोषणा कर रहे हैं। शिंदे ने कहा कि अहिल्यादेवी का नाम हिमालय जितना ऊंचा है और उन्होंने अपने राज्य के किसानों और श्रमिकों के लिए बहुत कुछ किया। अहमदनगर को उनका नाम देना जयंती समारोह पर उनका उचित सम्मान होगा।
मराठा साम्राज्य की एक शासक महारानी अहिल्यादेवी होल्कर अपने पति खांडेराव होल्कर, अपने ससुर मल्हारराव होल्कर और उनके बेटे मालेराव होल्कर की मृत्यु के बाद मालवा राज्य की गद्दी पर बैठी थीं, उस समय उनकी आयु मात्र 22 वर्ष थी। उनके 28 साल के लंबे शासनकाल (1767-1795) को मराठा साम्राज्य का स्वर्णकाल माना जाता है। उन्होंने किसानों और आम लोगों के लिए बहुत कुछ किया, मंदिरों का निर्माण या जीर्णोद्धार करवाया, राज्य के लोगों की रक्षा की, यहां तक कि अपने भतीजे तुकोजी होल्कर के नेतृत्व में मुगलों के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व किया। उन्होंने अपनी भरोसेमंद टीम के साथ बेहतर शासन चलाकर इतिहास में अपनी जगह बनाई।
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शिंदे ने कहा, हमने अहिल्यादेवी होल्कर के नाम पर अहमदनगर का नाम बदलने का फैसला किया है, क्योंकि यहां के सभी लोगों की यही इच्छा है। शिंदे ने कहा कि वह सौभाग्यशाली हैं कि उन्होंने पहले औरंगाबाद का नाम बदलकर 'छत्रपति संभाजीनगर' और उस्मानाबाद का नाम 'धाराशिव' कर दिया और अब महान रानी की जयंती पर अहमदनगर का नाम 'अहिल्यादेवी होल्कर नगर' करने की घोषणा कर रहे हैं। शिंदे ने कहा कि अहिल्यादेवी का नाम हिमालय जितना ऊंचा है और उन्होंने अपने राज्य के किसानों और श्रमिकों के लिए बहुत कुछ किया। अहमदनगर को उनका नाम देना जयंती समारोह पर उनका उचित सम्मान होगा।
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मराठा साम्राज्य की एक शासक महारानी अहिल्यादेवी होल्कर अपने पति खांडेराव होल्कर, अपने ससुर मल्हारराव होल्कर और उनके बेटे मालेराव होल्कर की मृत्यु के बाद मालवा राज्य की गद्दी पर बैठी थीं, उस समय उनकी आयु मात्र 22 वर्ष थी। उनके 28 साल के लंबे शासनकाल (1767-1795) को मराठा साम्राज्य का स्वर्णकाल माना जाता है। उन्होंने किसानों और आम लोगों के लिए बहुत कुछ किया, मंदिरों का निर्माण या जीर्णोद्धार करवाया, राज्य के लोगों की रक्षा की, यहां तक कि अपने भतीजे तुकोजी होल्कर के नेतृत्व में मुगलों के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व किया। उन्होंने अपनी भरोसेमंद टीम के साथ बेहतर शासन चलाकर इतिहास में अपनी जगह बनाई।
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