{"_id":"63d56d4301f7f57547009277","slug":"indore-women-patwari-corruption-bribe-case-2023-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: रिश्वत के मामले में महिला पटवारी को चार साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: रिश्वत के मामले में महिला पटवारी को चार साल की सजा
Sun, 29 Jan 2023 12:15 AM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 29 Jan 2023 12:15 AM IST
सार
लोकायुक्त पुलिस ने साल 2014 में पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। इस मामले में अब सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन
पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंदौर में रिश्वत के मामले में महिला पटवारी को चार साल की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायालय ने महिला पटवारी को पांच हजार रुपए का अर्थदंड भी किया है। महिला पटवारी भूमि नामांतरण के मामले में 8 साल पहले 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ी गई थी।
मामला ग्राम बधाना तहसील के हातोद का है। यहां पर 2014 में आवेदक राधेश्याम चौहान ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की थी कि भूमि के नामांतरण के लिए पटवारी दीपिका 5 हजार रुपए की मांग कर रही है। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया। टीम मौके पर पहुंची और उसने ढाई हजार रुपए की पहली किश्त लेते हुए पटवारी दीपिका को गिरफ्तार किया।
लोकायुक्त पुलिस ने इस पूरे मामले में ट्रेपिंग की कार्रवाई करते हुए ऑडियो रिकॉर्डिंग करवाई। रिकॉर्डिंग के साथ अन्य सभी जरूरी दस्तावेज कोर्ट के समक्ष पेश किए। सभी सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश संजय कुमार गुप्ता ने इस मामले में पटवारी को दोषी माना। पटवारी को 5 हजार के अर्थदंड और आईपीसी एक्ट में 4 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला ग्राम बधाना तहसील के हातोद का है। यहां पर 2014 में आवेदक राधेश्याम चौहान ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की थी कि भूमि के नामांतरण के लिए पटवारी दीपिका 5 हजार रुपए की मांग कर रही है। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया। टीम मौके पर पहुंची और उसने ढाई हजार रुपए की पहली किश्त लेते हुए पटवारी दीपिका को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
लोकायुक्त पुलिस ने इस पूरे मामले में ट्रेपिंग की कार्रवाई करते हुए ऑडियो रिकॉर्डिंग करवाई। रिकॉर्डिंग के साथ अन्य सभी जरूरी दस्तावेज कोर्ट के समक्ष पेश किए। सभी सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश संजय कुमार गुप्ता ने इस मामले में पटवारी को दोषी माना। पटवारी को 5 हजार के अर्थदंड और आईपीसी एक्ट में 4 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया है।
विज्ञापन
