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Indore: पंडित प्रदीप मिश्रा की ये कैसी कांंवड यात्रा- सात मौतें, 48 घंटों का जाम

Thu, 07 Aug 2025 07:19 PM IST
Abhishek Chendke अभिषेक चेंडके
Updated Thu, 07 Aug 2025 07:19 PM IST
सार

इस कांवड यात्रा का मिश्रा ने अपनी कथा में प्रचार किया। यात्रा में रुद्राक्ष वितरण की बातें कहीं गई। उसके लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान के लोग इस यात्रा में शामिल हुए। इससे हालात बिगड़े और प्रशासन भी भीड़ को संभाल नहीं पाया।

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Indore: What kind of Kavad Yatra is this of Pandit Pradeep Mishra - seven deaths, 48 hours of jam
कावड़ यात्रा में उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोगों को नुस्खे बताकर मशहूर हुए कथा वाचक प्रदीप मिश्रा की कांवड यात्रा में सात मौतें हो गईं और सिहोर से लौटने वाले 14 लोग हादसे का शिकार होकर घायल हो गए। एक युवक को जान भी गंवाना पड़ी। लगातार दूसरी बार इस तरह के हालात सिहोर के कुबेरेश्वर धाम में बने। अब इस तरह के भीड़ भरे आयोजन पर सवाल उठने लगे है।मानव अधिकार आयोग ने रुद्राक्ष वितरण पर रोक लगाने की बात भी कही है।

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ढाई साल पहले रुद्राक्ष वितरण समारोह में इतनी भीड़ जुट गई थी थी कि लोग पीने के पानी के लिए मोहताज हो गए। तब भी कुछ लोगों को भीड़ में अपनी जान गंवाना पड़ी थी और अब कांवड यात्रा में रुद्राक्ष वितरण के दौरान भगदड़ मची। इसमें दो महिलाअेां की मौत हो गई। इसके अलावा पांच मौतेंं अलग अलग कारणों से हुई।  

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इस यात्रा के कारण इंदौर-भोपाल मार्ग पर 48 घंटे का जाम लगा। लोग रास्ते बदल-बदल कर निकले, फिर भी जाम से नहीं बच पाए। अब यह सवाल उठने लगे है कि सिहोर के समीप आयोजन स्थल आठ-दस लाख की भीड़ एकत्र होने की क्षमता नहीं है। लोगों के खाने-रहने का इंतजाम नहीं है तो फिर इतनी भीड़ क्यों जुटाई जा रही है। इस कावंड यात्रा का मिश्रा ने अपनी कथा में प्रचार किया। यात्रा में रुद्राक्ष वितरण की बातें कहीं गई। उसके लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान के लोग इस यात्रा में शामिल हुए। इससे हालात बिगड़े और प्रशासन भी भीड़ को संभाल नहीं पाया।

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तीन साल पहले लगा था दस किलोमीटर लंबा जाम

तीन साल पहले सिहोर में रुद्राक्ष वितरण के दौरान पांच लाख से ज्यादा लोग एक दिन में जुट गए थे। इंदौर-भोपाल मार्ग पर दस किलोमीटर का जाम लग गया था। लाखों वाहन जाम में फंस गए थे।

मंत्री वर्मा बोले-जांच होना चाहिए

मंत्री करण सिंह वर्मा बोले कुबरेश्वर धाम में कुछ भक्तों की मौतों की जानकारी मिली है। इस मामले में न्यायायिक जांच होना चाहिए।

 

स्वस्थ्य लोग आए मेरी यात्रा में

कांवड़ यात्रा में हुई मौतों को लेकर पंडित प्रदीप मिश्रा का बयान आया है। उन्होंने कहा कि मुझे जानकारी मिली की दो महिलाएं अस्वस्थ्य थी। उनकी शुगर बढ़ गई थी। मेरी दोनो बहनों को श्रद्धाजंलि है। हम पहले भी बोल चुके है कि कोई बीमार है,दुखी है तो वे मेरी यात्रा में न आए।

 

प्रदीप मिश्रा से जुड़े विवाद

- पहले रुद्राक्ष वितरण के दौरान बिगड़े हालात के बाद मिश्रा ने कथा रोक दी थी और मंच से रोते हुए कहा था कि उन पर दबाव आ रहा है।

-राधा रानी पर विवादित टिप्पणी के बाद कुछ संत नाराज हो गए थे। बाद में मिश्रा को बरसाना के राधा रानी मंदिर में जाकर नाक रगड़ कर माफी मांगना पड़ी थी।

- हाल ही में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में होने वाली कथा में तय 30 लाख की राशि नहीं मिलने पर कथा रद्द कराने का मामला भी उनका चर्चा में है।

-पिछले माह उन्होंने भगवान चित्रगुप्त को लेकर भी महाराष्ट्र के बीड़ की कथा में विवादित टिप्पणी कर दी थी। इससे कायस्थ समाज भड़क गया था। मिश्रा को इस मामले में माफी मांगना पड़ी थी।

 

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