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Indore: विजयवर्गीय ने बनाई क्रिकेट की राजनीति से दूरी, आईडीसीए अध्यक्ष बनाकर बेटे आकाश की कराई एंट्री

Sat, 13 Jan 2024 08:54 PM IST
Abhishek Chendke अभिषेक चेंडके
Updated Sat, 13 Jan 2024 08:54 PM IST
सार

नेता पुत्रों का क्रिकेट की राजनीति में आना नया नहीं है। पूर्व मंत्री माधव राव सिंधिया एमपीसीए के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे। उनके निधन के बाद बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया एमपीसीए अध्यक्ष बने। 

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Indore: Vijayvargiya distanced himself from cricket politics, made the entry of his son Akash by making him ID
आकाश विजयवर्गीय बने आईडीसीए अध्यक्ष। - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने क्रिकेट की राजनीति से  दूरी बना ली है। 16 साल से वे इंदौर संभागीय क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष थे, लेकिन शनिवार को हुई एसोसिएशन की बैठक में पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय एसोसिएशन के अध्यक्ष चुन लिए गए। मंत्रीपुत्र आकाश इंदौर की तीन नंबर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके है।

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शनिवार को जिमखाना स्टेडियम में आईडीसीए की बैठक हुई। जिसमें अध्यक्ष पद के लिए आकाश विजयवर्गीय का प्रस्ताव रखा गया। एसोसिएशन के सदस्यों ने निर्विरोध आकाश के नाम पर मुहर लगा दी।

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निक्कमें आदमी को अध्यक्ष बनाने से क्या फायदा

वार्षिक बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मजाकिया लहजे में कहा कि मुझे फिर से अध्यक्ष बनने में तकलीफ नहीं है, लेकिन ऐसे निक्कमे आदमी को फिर से अध्यक्ष बनाने से क्या मतलब। आप लोग संगठन का भला चाहते हो तो फिर से विचार कर लो। मैं साल में एक बार आता हुं। मेरा कोई योगदान नहीं रहता। मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा किसभी की इच्छा थी कि आकाश अध्यक्ष बने, इसलिए मैने उनका नाम प्रस्तावित किया।

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सभी सदस्यों ने सर्वानुमति से उनका नाम स्वीकार कर लिया। आईडीसीए संस्था नहीं परिवार है। दस-बारह साल से चुनाव नहीं हुए। सिर्फ एक ही बार चुनाव हुए। विजयवर्गीय ने कहा कि मुझे अपने कार्यकाल से संतोष है, लेकिन संतुष्टि नहीं है। काफी अच्छी प्रगति की है। रणजी ट्राफी में आधी टीम हमारी होती है। इंडिया टीम में हमारे खिलाड़ी खेल रहे है। अभी और मेहनत करने की जरुरत है।

विजयवर्गीय को रास नहीं आई क्रिकेट की राजनीति

विजयवर्गीय ने क्रिकेट की राजनीति में जगह बनाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें रास नहीं आई। वर्ष 2008 में वे संभागीय एसोसिएशन के अध्यक्ष बने। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष का चुनाव लड़ा। वे दो बार ज्योतिरादित्य सिंधिया से चुनाव हार गए। इसके बाद उन्होंने एमपीसीए का चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन संभागीय एसोसिएशन के अध्यक्ष बने रहे। अब उन्होंने यह पद भी छोड़ दिया।

नेता पुत्रों की क्रिकेट की राजनीति में एंट्री

नेता पुत्रों का क्रिकेट की राजनीति में आना नया नहीं है। पूर्व मंत्री माधव राव सिंधिया एमपीसीए के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे। उनके निधन के बाद बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया एमपीसीए अध्यक्ष बने। पिछले साल ज्योदिरादित्य  सिंधिया के पुत्र महानआर्यमन सिंधिया ग्यालियर संभागीय क्रिकेट संगठन के उपाध्यक्ष है।

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