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Indore News: इंदौर उज्जैन के बीच 3 हजार पेड़ कटेंगे, सिंहस्थ में गाड़ियों से जल्दी पहुंच जाएंगे लोग
Wed, 30 Oct 2024 01:48 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 30 Oct 2024 01:48 PM IST
सार
Indore News: सिक्स लेन रोड प्रोजेक्ट के लिए 3000 पेड़ काटने और बिजली के खंभे-ट्रांसफॉर्मर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। Simhastha 2028 के लिए यह तैयारी की जा रही है।
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चौड़ी रोड बनने से लोग गाड़ियां आसानी से चला सकेंगे।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
मध्य प्रदेश में इंदौर-उज्जैन के बीच सिक्स लेन रोड प्रोजेक्ट के लिए 3000 पेड़ काटने और बिजली के खंभे-ट्रांसफॉर्मर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एमपी रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) ने इस परियोजना का ठेका लेने वाली एजेंसी से पेड़ों की गिनती का कार्य पूरा करवाया है और अब संबंधित जिलों के कलेक्टरों से इन पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी गई है। बिजली के खंभों और ट्रांसफॉर्मर्स की शिफ्टिंग के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाई जा रही है। नवंबर-दिसंबर तक इस कार्य को गति देने की योजना है ताकि प्रोजेक्ट का निर्माण समय पर शुरू किया जा सके।
20 मिनट जल्दी पहुंच जाएंगे लोग
यह हाईवे इंदौर के अरबिंदो अस्पताल से उज्जैन के हरिफाटक ब्रिज तक 55 किलोमीटर की लंबाई में बनेगा, जिसका उद्देश्य दोनों शहरों के बीच यातायात की रफ्तार को बढ़ाना है। वर्तमान में यह फोर लेन रोड है, जिस पर इंदौर से उज्जैन पहुंचने में लगभग 60 से 70 मिनट का समय लगता है। सिक्स लेन रोड बनने के बाद इस दूरी को तय करने में केवल 40 से 45 मिनट का समय लगेगा, जिससे लोगों को काफी सुविधा होगी। अनुमानित 700 करोड़ रुपये की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को सिंहस्थ 2028 के पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि तीर्थयात्रियों और अन्य यात्रियों के लिए सुगम यातायात का मार्ग तैयार हो सके।
पेड़ काटने में कोई समस्या नहीं
पेड़ काटने के संदर्भ में एमपीआरडीसी के महाप्रबंधक राकेश जैन ने स्पष्ट किया कि इन 3000 पेड़ों को हटाने में कोई समस्या नहीं है क्योंकि ये पेड़ एमपीआरडीसी की ही जमीन पर लगे हैं और इन्हें संस्था द्वारा ही लगाया गया था। उनका कहना है कि चौड़ीकरण के बाद नए सिरे से पौधारोपण किया जाएगा, जिससे पर्यावरण को किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंचेगी। इस प्रक्रिया में एमपीआरडीसी पर्यावरण संरक्षण के सभी नियमों का पालन करेगा और पेड़ कटाई के बाद वृहद स्तर पर पौधारोपण की योजना भी बनाई जा रही है। बिजली के खंभे और ट्रांसफॉर्मर्स को हटाने की तैयारी भी समानांतर रूप से चल रही है। संबंधित विभागों से इनका स्थानांतरण कर नए स्थान पर स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए और परियोजना निर्धारित समय में पूरी हो सके।
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सरकार ने किया विकास का दावा
इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन रोड प्रोजेक्ट से क्षेत्र में आर्थिक विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, क्योंकि इस मार्ग के बेहतर और चौड़े होने से दोनों शहरों के बीच उद्योग, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। खासकर सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन के लिए यह रोड अहम भूमिका निभाएगा। एमपीआरडीसी का दावा है कि इस रोड के निर्माण से न सिर्फ यात्रा का समय घटेगा बल्कि सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी। आधुनिक तकनीक और मजबूत संरचना के साथ बनने वाला यह मार्ग यात्रियों के लिए सुरक्षित और आरामदायक सफर प्रदान करेगा। इस प्रकार, इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन रोड प्रोजेक्ट राज्य के विकास में एक बड़ा कदम साबित होगा। इस योजना से न केवल यातायात की गति में सुधार होगा, बल्कि इंदौर और उज्जैन के बीच कनेक्टिविटी को भी एक नया आयाम मिलेगा।
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20 मिनट जल्दी पहुंच जाएंगे लोग
यह हाईवे इंदौर के अरबिंदो अस्पताल से उज्जैन के हरिफाटक ब्रिज तक 55 किलोमीटर की लंबाई में बनेगा, जिसका उद्देश्य दोनों शहरों के बीच यातायात की रफ्तार को बढ़ाना है। वर्तमान में यह फोर लेन रोड है, जिस पर इंदौर से उज्जैन पहुंचने में लगभग 60 से 70 मिनट का समय लगता है। सिक्स लेन रोड बनने के बाद इस दूरी को तय करने में केवल 40 से 45 मिनट का समय लगेगा, जिससे लोगों को काफी सुविधा होगी। अनुमानित 700 करोड़ रुपये की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को सिंहस्थ 2028 के पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि तीर्थयात्रियों और अन्य यात्रियों के लिए सुगम यातायात का मार्ग तैयार हो सके।
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पेड़ काटने में कोई समस्या नहीं
पेड़ काटने के संदर्भ में एमपीआरडीसी के महाप्रबंधक राकेश जैन ने स्पष्ट किया कि इन 3000 पेड़ों को हटाने में कोई समस्या नहीं है क्योंकि ये पेड़ एमपीआरडीसी की ही जमीन पर लगे हैं और इन्हें संस्था द्वारा ही लगाया गया था। उनका कहना है कि चौड़ीकरण के बाद नए सिरे से पौधारोपण किया जाएगा, जिससे पर्यावरण को किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंचेगी। इस प्रक्रिया में एमपीआरडीसी पर्यावरण संरक्षण के सभी नियमों का पालन करेगा और पेड़ कटाई के बाद वृहद स्तर पर पौधारोपण की योजना भी बनाई जा रही है। बिजली के खंभे और ट्रांसफॉर्मर्स को हटाने की तैयारी भी समानांतर रूप से चल रही है। संबंधित विभागों से इनका स्थानांतरण कर नए स्थान पर स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए और परियोजना निर्धारित समय में पूरी हो सके।
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सरकार ने किया विकास का दावा
इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन रोड प्रोजेक्ट से क्षेत्र में आर्थिक विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, क्योंकि इस मार्ग के बेहतर और चौड़े होने से दोनों शहरों के बीच उद्योग, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। खासकर सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन के लिए यह रोड अहम भूमिका निभाएगा। एमपीआरडीसी का दावा है कि इस रोड के निर्माण से न सिर्फ यात्रा का समय घटेगा बल्कि सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी। आधुनिक तकनीक और मजबूत संरचना के साथ बनने वाला यह मार्ग यात्रियों के लिए सुरक्षित और आरामदायक सफर प्रदान करेगा। इस प्रकार, इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन रोड प्रोजेक्ट राज्य के विकास में एक बड़ा कदम साबित होगा। इस योजना से न केवल यातायात की गति में सुधार होगा, बल्कि इंदौर और उज्जैन के बीच कनेक्टिविटी को भी एक नया आयाम मिलेगा।
