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Indore: मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने के लिए मन पर कंट्रोल रखें, कार्यशाला में बताए अवसाद-तनाव से बचने के तरीके
Thu, 30 May 2024 09:26 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, इंदौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 30 May 2024 09:26 PM IST
सार
अगर हम मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं, तो यह हमारे काम से लेकर हमारे रिश्तों पर असर डालता है। फिर भी लोग अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देते हैं। दिमाग भी हमारे शरीर का एक हिस्सा है और इसमें भी कोई बीमारी हो सकती है।
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इंदौर में मानसिक स्वास्थ्य पर कार्यशाला आयोजित की गई।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
इंदौर में मोटिवेशन एंड मेंटल हेल्थ (मानसिक स्वास्थ्य) से जुड़े मुद्दों को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। मालवांचल यूनिवर्सिटी के शिक्षकों और छात्रों के साथ कर्मचारियों को विशेषज्ञ नीता कुमार द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे पर विभिन्न जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि डिजिटल वर्ल्ड के साथ मल्टीटास्किंग के जमाने में हमें 10 काम एक साथ करने की आदत हो गई। मन में 10 विचार एक साथ नहीं आए तो हमें जीवन में कुछ कमी सी लगती है। यही आदत हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए यह सबसे बड़ी परेशानी है। हम जब तक मन को नियंत्रित नहीं करेंगे तब तक हमारा वर्तमान और भविष्य दोनों बेहतर नहीं हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि अगर हम मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं, तो यह हमारे काम से लेकर हमारे रिश्तों पर असर डालता है। फिर भी लोग अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देते हैं। दिमाग भी हमारे शरीर का एक हिस्सा है और इसमें भी कोई बीमारी हो सकती है। इस स्थिति को हमें बहुत गंभीरता के साथ लेना चाहिए। वर्तमान की भाग-दौड़ में हर इंसान को अवसाद और तनाव से भरपूर जीवन जीने को मजबूर कर दिया है।
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उन्होंने बताया कि डिजिटल वर्ल्ड के साथ मल्टीटास्किंग के जमाने में हमें 10 काम एक साथ करने की आदत हो गई। मन में 10 विचार एक साथ नहीं आए तो हमें जीवन में कुछ कमी सी लगती है। यही आदत हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए यह सबसे बड़ी परेशानी है। हम जब तक मन को नियंत्रित नहीं करेंगे तब तक हमारा वर्तमान और भविष्य दोनों बेहतर नहीं हो सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि अगर हम मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं, तो यह हमारे काम से लेकर हमारे रिश्तों पर असर डालता है। फिर भी लोग अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देते हैं। दिमाग भी हमारे शरीर का एक हिस्सा है और इसमें भी कोई बीमारी हो सकती है। इस स्थिति को हमें बहुत गंभीरता के साथ लेना चाहिए। वर्तमान की भाग-दौड़ में हर इंसान को अवसाद और तनाव से भरपूर जीवन जीने को मजबूर कर दिया है।
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