Indore News: चूहाकांड को लेकर जयस कार्यकर्ता अर्धनग्न होकर निकले सड़क पर, डीन-अधीक्षक को निलंबित करने की मांग
लगातार दबाव बनाए जाने के बावजूद शासन ने जब डीन व अधीक्षक के खिलाफ एक्शन नहीं लिया तो रविवार को जयस कार्यकर्ता अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने निकले। एमवाय अस्पताल से रीगल तिराहा आए। यहां उन्होंने नारेबाजी कर जमकर अपना विरोध दर्ज कराया।
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इंदौर के एमवाय अस्पताल का चूहाकांड अभी भी ठंडा नहीं हो पाया है। जय आदिवासी संगठन ने लगातार इस मामले में अस्पताल प्रशासन को घेर रहा है। रविवार को हजारों जयस कार्यकर्ता सड़कों पर निकले। पहले उन्हें एमवाय अस्पताल पर प्रदर्शन किया फिर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उनकी मांग थी कि चूहाकांड को लेकर एमवाय अस्पताल डीन और अधीक्षक को निलंबित किया जाए। उन्होंने दोषियों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग भी रखी। जयस कार्यकर्ता बीते चार दिनों से एमवाय अस्पताल पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
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लगातार दबाव बनाए जाने के बावजूद शासन ने जब डीन व अधीक्षक के खिलाफ एक्शन नहीं लिया तो रविवार को जयस कार्यकर्ता अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने निकले। एमवाय अस्पताल से रीगल तिराहा आए। यहां उन्होंने नारेबाजी कर जमकर अपना विरोध दर्ज कराया। फिर वे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। अफसरों ने उन्हें आश्वासन दिया, लेकिन वे नहीं माने। रात को फिर वे एमवाय अस्पताल पहुंचे। बड़ी संख्या में भीड़ होने के कारण पुलिस बल भी तैनात किया गया था। एक नवजात बच्ची के परिजन भी प्रदर्शनकारियों के साथ थे। पिछली बार जब इंदौर में प्रदर्शन हुआ था तो प्रशासन ने दोनों बच्चियों के परिजनों को पांच-पांच लाख का मुआवजा भी दिया था।
दोषियों के खिलाफ निर्णय लेने में की जा रही देरी
आपको बता दें कि पिछले दिनों एमवाय अस्पताल में चूहों ने दो नवजात बच्चियों के अंग कुतर लिए थे। कुछ दिनों बाद दोनों बच्चियों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम में मौत की वजह कुछ और थी। इस मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग छह से ज्यादा डाॅक्टर व नर्सिंग स्टाफ को निलंबित कर चुका है। जयस पदाधिकारियों का कहना है कि हमें कड़ा एक्शन लेने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन दोषियों के खिलाफ निर्णय लेने में देरी की जा रही है।
