Indore: मरीज तीन घंटे तक अस्पताल की गैलरी में खड़ा रहा, उतारने के लिए क्रेन बुलवाई
सियाराम के बेटे ने बताया कि पिता टायलेट में गए थे और भीतर से दरवाजा लगा लिया। उन्होंने बाथरुम के वेंटिलेशन के कांच निकाले और खिड़की कूद कर गैलरी में आकर खड़े हो गए। वहां से वे बार-बार कूदने की धमकी दे रहे थे। हमने पुलिस को सूचना दी।
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इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में भर्ती एक मरीज के कारण तीन घंटे तक उसके परिजन, अस्पताल स्टाॅफ तिरपाल, जाल लेकर खड़े रहना पड़ा। गला काट कर आत्महत्या की कोशिश करने वाले युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था। आत्महत्या के इरादे से वह अस्पताल की पांचवीं मंजिल की गैलरी में खड़े रहा।
उसे उतराने के लिए क्रेन भी बुलवाई गई। तीन घंटे बाद वह खुद उतर गया। वह गैलरी तक टायलेट के वेंटिलेशन की खिड़की से निकल कर आया था। मौके पर पहुंचे पुलिस जवान भी उनसे समझाने की कोशिश करते रहे।
पुलिस के अनुसार रामचंद्र नगर निवासी सियाराम ने कुछ दिनों पहले पारिवारिक विवाद के कारण गला काट कर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। वह अरबिंदो अस्पताल में भर्ती था। दोपहर में वह अस्पताल की पांचवी मंजिल की गैलरी में लोगों को खड़ा नजर आया। वह वहां से कुछ बड़बड़ा रहा था। सिरायाम के परिजनों ने उससे नीचे उतरने की मन्नत की, लेकिन वह नहीं माना।
सियाराम के बेटे ने बताया कि पिता टायलेट में गए थे और भीतर से दरवाजा लगा लिया। उन्होंने बाथरुम के वेंटिलेशन के कांच निकाले और खिड़की कूद कर गैलरी में आकर खड़े हो गए। वहां से वे बार-बार कूदने की धमकी दे रहे थे। हमने पुलिस को सूचना दी। नीचे पुलिसकर्मी, अस्पताल स्टाॅफ और हम तिरपाल और जाल लेकर खड़े थे, ताकि वे कूदे तो हम उन्हें बचा सके
मेट्रो का काम छोड़ क्रेन आई
इस बीच पुलिस ने मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण में लगी एक क्रेन भी मौके पर बुलवा ली। पुलिस जवान क्रेन की मदद से उपर चढ़ते, उससे पहले ही सियाराम फिर खिड़की से भीतर चला गया और सीढि़यों से नीचे आ गया। पुलिस अफसरों ने कहा कि सियाराम का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। उधर अस्पताल प्रबंधन ने भी मरीज को तत्काल छुट्टी दे दी और परिजनों को उसे घर ले जाने को कहा।
