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होस्टल नहीं, पूरा कॉलेज खतरे में: इंदौर के 160 साल पुराने किले में चल रहा 3000 छात्राओं का महाविद्यालय
Wed, 09 Sep 2026 08:20 PM IST
Abhishek Chendke
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Abhishek Chendke
Updated Wed, 09 Sep 2026 08:20 PM IST
सार
दिल्ली में हॉस्टल की बिल्डिंग गिरने के हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन इंदौर में भी ऐसी ही अनहोनी का खतरा मंडरा रहा है। यहां तीन हजार से ज्यादा छात्राओं वाले न्यू जीडीसी कॉलेज की 160 साल से अधिक पुरानी इमारत जर्जर हो चुकी है।
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खतरनाक हो चुकी है काॅलेज का बिल्डिंग
- फोटो : amarujala
विस्तार
दिल्ली में पीजी हॉस्टल की इमारत गिरने के बाद देशभर में होस्टलों और कॉलेजों की इमारतों की सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इंदौर में भी ऐसी ही अनहोनी का खतरा एक कॉलेज पर मंडरा रहा है। 3000 से ज्यादा छात्राओं वाला न्यू जीडीसी कॉलेज 160 साल पुराने किले की इमारत में चलता है। किला मैदान स्थित यह इमारत जर्जर और खतरनाक हो चुकी है, लेकिन इसी भवन में छात्राओं की कक्षाएं भी संचालित हो रही हैं।
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इंदौर के किला मैदान स्थित इस न्यू जीडीसी कॉलेज का प्रबंधन छात्राओं के लिए कई सेल्फ-कोर्स भी यहां संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन जिस भवन में छात्राएं रोज पढ़ने पहुंचती हैं, उसके रखरखाव के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है। भवन की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार विभागों ने मरम्मत के नाम पर कितना काम किया है। भवन के कई हिस्सों में दरारें पड़ चुकी हैं। दीवारों पर पेड़ उग आए हैं, जबकि कई जगहों से प्लास्टर उखड़ चुका है। छात्राएं जिस कॉरिडोर से रोज आती-जाती हैं, वहां भी प्लास्टर उखड़ा हुआ है। ऐसे में किसी हिस्से का प्लास्टर अचानक गिरने पर बड़ा हादसा हो सकता है।
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कहने को न्यू गर्ल्स डिग्री कॉलेज
कहने को कॉलेज का नाम न्यू जीडीसी है, लेकिन इसकी मुख्य इमारत 160 साल से भी ज्यादा पुरानी है। इस ऐतिहासिक भवन को ‘लाल किला’ भी कहा जाता है। इसका निर्माण होलकर राजपरिवार ने कराया था। वर्ष 1963 से यहां कॉलेज संचालित होना शुरू हुआ। करीब दो साल पहले परिसर में नए ब्लॉक भी बनाए गए, लेकिन इसके बावजूद कई कक्षाएं आज भी पुरानी इमारत में ही संचालित हो रही हैं।
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