फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Student asks Collector Verma what it takes to become an IAS officer

Indore: कलेक्टर वर्मा से छात्रा ने पूछा-आईएएस बनने के लिए क्या करना होगा

Sat, 04 Apr 2026 01:00 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Sat, 04 Apr 2026 01:00 PM IST
सार

इंदौर में शनिवार को एक अनूठी पहल के तहत सरकारी अफसरों ने स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को सफलता के लिए प्रेरित किया। अफसरों ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए, अपने अनुभव साझा किए और उन्हें लक्ष्य तय कर मेहनत करने की सीख दी।

विज्ञापन
Indore: Student asks Collector Verma what it takes to become an IAS officer
स्कूली विद्यार्थियों से चर्चा करते कलेक्टर वर्मा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकारी स्कूलों के बच्चों को प्रेरित करने के लिए शनिवार को इंदौर के पचास से ज्यादा सरकारी स्कूलों में सरकारी अफसर पहुंचे। उन्होंने बच्चों के सवालों के जवाब दिए और सफलता पाने के टिप्स भी दिए।
विज्ञापन


इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा अहिल्याश्रम स्कूल सुबह सवा 11 बजे पहुंचे, हालांकि बच्चे सुबह साढ़े 9 बजे से स्कूल आ चुके थे। वर्मा बच्चों के बीच ही आलथी-पालथी मारकर बैठ गए और उनसे बातें करने लगे। एक बच्ची अपने हाथों की बनाई पेंटिंग लेकर आई थी, जिसे कलेक्टर ने देखा। उस बच्ची ने कलेक्टर से पूछा कि आईएएस बनने के लिए क्या करना होगा।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि पहले खुद पर भरोसा और अनुशासन रखना होगा। अपने लक्ष्य पर फोकस कर मेहनत करना होगी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ अपने शौक को भी कायम रखें। पढ़ाई के साथ अपने शौक भी जरूरी हैं। अन्य बच्चों से भी उन्होंने बात की और कहा कि भविष्य में क्या करना है, इसके बारे में बचपन से ही सोचना चाहिए और फिर उसके हिसाब से खुद को तैयार करना होगा। आपके भीतर जो भी गुण हैं, उन्हें निखारें और उसे अपने जीवन-यापन का जरिया बनाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन



कलेक्टर करीब 20 मिनट तक स्कूल में रुके और बच्चों को पढ़ाया। संभागायुक्त सुदाम खाड़े बाल विनय मंदिर पहुंचे। उन्होंने स्कूली बच्चों के बीच जाकर कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सतत प्रयास आवश्यक है। यदि एक बार में सफलता न मिले, तो दोगुनी ताकत से प्रयास करना चाहिए। वे बच्चों के बीच करीब आधे घंटे रहे और सफलता से जुड़ी कहानियां साझा कीं। अन्य अफसर भी सरकारी स्कूलों में बच्चों के बीच पहुंचे और उन्हें बेहतर पढ़ाई और भविष्य के लिए प्रेरित किया।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed