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सौर ऊर्जा का उजियाराः एक लाख घर रोशन, बिजली बिल हुआ जीरो
Sun, 08 Nov 2026 08:41 AM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 08 Nov 2026 08:41 AM IST
सार
मालवा-निमाड़ में सौर ऊर्जा उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है और कुल परिसर 97,500 के पार पहुंच गए हैं, जिनमें इंदौर 42,500 परिसरों के साथ पहले स्थान पर है।
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सोलर पैनल। प्रतिकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
मालवा-निमाड़ अंचल में सौर ऊर्जा का दायरा लगातार तेजी से बढ़ रहा है। घरों और अन्य परिसरों की छतों पर लगाए गए सोलर पैनल अब बिजली उत्पादन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सौर ऊर्जा से बिजली का उत्पादन करने वाले परिसरों की संख्या वर्तमान में 97,500 को पार कर चुकी है। इन सभी में इंदौर जिला 42,500 परिसरों के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में सौर ऊर्जा उत्पादन की कुल क्षमता भी 550 मेगावाट से अधिक हो चुकी है। यदि मौजूदा रफ्तार इसी तरह बनी रही तो जल्द ही यह आंकड़ा 1 लाख परिसरों के आंकड़े तक पहुंच जाएगा।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का विस्तार और अन्य जिलों की स्थिति
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अकेले इंदौर शहर के 29,900 से अधिक उपभोक्ता प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के साथ जुड़ चुके हैं। यदि पूरे इंदौर जिले की बात की जाए तो इस योजना के कुल लाभार्थियों की संख्या 35 हजार से अधिक दर्ज की गई है। विभिन्न योजनाओं को मिलाकर केवल जिले के 42,500 परिसरों में सोलर पैनलों के जरिए बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। इस मामले में उज्जैन 8,900 परिसरों के साथ दूसरे पायदान पर, रतलाम 8,630 परिसरों के साथ तीसरे पायदान पर, मंदसौर 5,950 परिसरों के साथ चौथे पायदान पर और देवास 5,250 परिसरों के साथ पांचवें स्थान पर मौजूद है।
उपभोक्ताओं को मिल रही 78 हजार रुपए तक की आकर्षक सब्सिडी
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पात्र उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट तक का सोलर संयंत्र स्थापित करने पर अधिकतम 78 हजार रुपए की केंद्रीय सब्सिडी प्रदान की जाती है। इस वित्तीय सहायता में पहले 2 किलोवाट पर 30 हजार और तीसरे किलोवाट पर 18 हजार रुपए की सब्सिडी शामिल होती है। यह पूरी राशि सीधे तौर पर हितग्राही के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 76 हजार से अधिक उपभोक्ता इस लाभकारी योजना से जुड़ चुके हैं और इन्हें अब तक 515 करोड़ रुपए से अधिक की सब्सिडी मिल चुकी है। इस योजना की मदद से पात्र परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है, जिससे घरेलू बिजली के खर्च में भारी कमी आने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को भी एक बड़ा बढ़ावा मिल रहा है।
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प्रस्तावों को मिलती है त्वरित मंजूरी
कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना से जुड़े प्रस्तावों को बहुत तेजी से मंजूरी दिलाने तथा सब्सिडी के वितरण की उचित निगरानी करने के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता स्तर के वरिष्ठ अधिकारी इस पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि विभिन्न जिलों में अधीक्षण यंत्री भी इन योजनाओं की नियमित समीक्षा कर रहे हैं ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से आसानी से जोड़ा जा सके।
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प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का विस्तार और अन्य जिलों की स्थिति
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अकेले इंदौर शहर के 29,900 से अधिक उपभोक्ता प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के साथ जुड़ चुके हैं। यदि पूरे इंदौर जिले की बात की जाए तो इस योजना के कुल लाभार्थियों की संख्या 35 हजार से अधिक दर्ज की गई है। विभिन्न योजनाओं को मिलाकर केवल जिले के 42,500 परिसरों में सोलर पैनलों के जरिए बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। इस मामले में उज्जैन 8,900 परिसरों के साथ दूसरे पायदान पर, रतलाम 8,630 परिसरों के साथ तीसरे पायदान पर, मंदसौर 5,950 परिसरों के साथ चौथे पायदान पर और देवास 5,250 परिसरों के साथ पांचवें स्थान पर मौजूद है।
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उपभोक्ताओं को मिल रही 78 हजार रुपए तक की आकर्षक सब्सिडी
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पात्र उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट तक का सोलर संयंत्र स्थापित करने पर अधिकतम 78 हजार रुपए की केंद्रीय सब्सिडी प्रदान की जाती है। इस वित्तीय सहायता में पहले 2 किलोवाट पर 30 हजार और तीसरे किलोवाट पर 18 हजार रुपए की सब्सिडी शामिल होती है। यह पूरी राशि सीधे तौर पर हितग्राही के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 76 हजार से अधिक उपभोक्ता इस लाभकारी योजना से जुड़ चुके हैं और इन्हें अब तक 515 करोड़ रुपए से अधिक की सब्सिडी मिल चुकी है। इस योजना की मदद से पात्र परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है, जिससे घरेलू बिजली के खर्च में भारी कमी आने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को भी एक बड़ा बढ़ावा मिल रहा है।
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प्रस्तावों को मिलती है त्वरित मंजूरी
कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना से जुड़े प्रस्तावों को बहुत तेजी से मंजूरी दिलाने तथा सब्सिडी के वितरण की उचित निगरानी करने के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता स्तर के वरिष्ठ अधिकारी इस पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि विभिन्न जिलों में अधीक्षण यंत्री भी इन योजनाओं की नियमित समीक्षा कर रहे हैं ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से आसानी से जोड़ा जा सके।
