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Indore: विधायक सप्रे के मामले में लगी याचिका हाईकोर्ट में खारिज

Tue, 02 Sep 2025 11:49 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Tue, 02 Sep 2025 11:49 PM IST
सार

कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की और अंतिम आदेश पारित किया। कोर्ट ने याचिका को क्षेत्राधिकार के आधार पर अस्वीकार करते हुए कहा कि यह मामला इंदौर खंडपीठ के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।  याचिकाकर्ता फिर से याचिका दायर करने के लिए स्वतंत्र हैं। 

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Indore: Petition filed in MLA Sapre's case rejected in High Court
हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीना विधानसभा क्षेत्र की विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल मामले में लगाई गई याचिका को इंदौर हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता जबलपुर कोर्ट में याचिका लगाने के लिए स्वतंत्र है।

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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यह याचिका इंदौर हाईकोर्ट में दायर की थी। जिसमें उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित होकर बाद में भाजपा में शामिल होने पर सप्रे की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की गई थी। उनका आरोप था निर्मला ने पार्टी बदली, लेकिन पद से इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने याचिका में कहा था कि संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुसार उनकी सदस्यता खत्म की जानी चाहिए।

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सिंगार ने कोर्ट को यह भी बताया था कि इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन उनकी मांग पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इस वजह से हाईकोर्ट की शरण की गई।


जस्टिस प्रणय वर्मा की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की और अंतिम आदेश पारित किया। कोर्ट ने याचिका को क्षेत्राधिकार के आधार पर अस्वीकार करते हुए कहा कि यह मामला इंदौर खंडपीठ के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। कोर्ट ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता इस विषय में मुख्य पीठ के समक्ष फिर से याचिका दायर करने के लिए स्वतंत्र हैं। आपको बता दें कि दो साल पहले सप्रे सागर जिले से विधानसभा चुनाव जीती थी, लेकिन फिर उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव व भाजपा पदाधिकारियों के साथ मंच साझा किया था। तब उन्होंने भाजपा की सदस्यता भी ग्रहण की थी।

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