Indore:होप टेक्सटाइल मिल मामले में हाईकोर्ट में याचिका खारिज, शासन का कब्जा रहेगा कायम
सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद सोनी ने तर्क रखते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के पास वैधानिक रूप से वैकल्पिक मौजूद है। सीधे तौर पर हाईकोर्ट में याचिका लगाना उचित नहीं है। कोर्ट ने कहा कि याचिका प्रचलन योग्य नहीं है।उसे निरस्त किया जाता है
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होप टेक्सटाइल मिल मामले में सरकार को बड़ी राहत प्राप्त हुई है। पिछले दिनों प्रशासन ने मिल की एक हजार करोड़ रुपये से अधिक कीमत की जमीन का कब्जा लिया था। मिल प्रबंधन ने कलेक्टर के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जो खारिज हो गई।
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सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद सोनी ने तर्क रखते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के पास वैधानिक रूप से वैकल्पिक मौजूद है। सीधे तौर पर हाईकोर्ट में याचिका लगाना उचित नहीं है। कोर्ट ने कहा कि याचिका प्रचलन योग्य नहीं है।उसे निरस्त किया जाता है।
न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि उपलब्ध वैधानिक उपायों को दरकिनार कर प्रत्यक्ष रूप से दायर की गई याचिका स्वीकार्य नहीं है।आपको बता दे कि पिछले दिनों होम मिल की 22 एकड़ बेशकीमती जमीन को कब्जे में लिया था। जमीन के कुछ हिस्से में जिला कोर्ट की पार्किंग भी संचालित होती है। 86 साल पहले 1939 में होलकर स्टेट ने उद्योग के लिए जमीन आवंटित की थी।
मिल प्रबंधन ने जमीन का कुछ हिस्सा बेच दिया था। वहां नया सियागंज मार्केट बन गया है। शासन ने माना था कि पट्टेदारी को जिस प्रायोजन से जमीन दी गई थी, उसका पालन नहीं किया गया। यह लीज शर्तों का उल्लघंन है।
