Indore: किसान के बेटे के अंगों ने बचाई पांच जिंदगी, हार्ट और लग्स चार्टर्ड प्लेन से पहुंचे अहमदाबाद
अस्पताल प्रबंधन ने मुस्कान ग्रुप को इसकी जानकारी दी। सेवादार जीतू बगानी और संदीपन आर्य ने परिजनों से चर्चा की। वे अंगदान के लिए राजी हो गए। इसके बाद चिकित्सकों ने ब्रेन डेथ सर्टिफिकेट जारी किया। इसके बाद ग्रीन काॅरिडोर की तैयारी शुरू हुई।
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इंदौर में शनिवार को 56 वीं बार ग्रीन काॅरिडोर बना। सड़क हादसे में ब्रेनडेथ हुए किसान के बेटे ने पांच लोगों को नई जिंदगी दी। उसका दिल और लग्स चार्टर्ड प्लेन से अहमदाबाद पहुंचाया गया और वहां आपरेशन के बाद दो मरीजों में उन्हें प्रत्यारोपित किया गया, जबकि लीवर और दो किडनी इंदौर में ही दो रोगियों को लगी।
हरदा के गांव तमोली रहटगांव निवासी 24 वर्षीय युवक सुनील राजपूत को सड़क हादसे के बाद हरदा के बघेल अस्पताल में भर्ती किया गया था। वे एक किसान के बेटे है। उन्हें इंदौर के विशेष जुपिटर अस्पताल में रैफर किया गया, लेकिन तब तक वह ब्रैनडेथ हो चुका था।
अस्पताल प्रबंधन ने मुस्कान ग्रुप को इसकी जानकारी दी। सेवादार जीतू बगानी और संदीपन आर्य ने परिजनों से चर्चा की। वे अंगदान के लिए राजी हो गए। इसके बाद चिकित्सकों ने ब्रेन डेथ सर्टिफिकेट जारी किया। इसके बाद ग्रीन काॅरिडोर की तैयारी शुरू हुई। रात सवा आठ बजे ग्रीन काॅरिडोर बना।
अहमदाबाद से एक चार्टर्ड प्लेन डाक्टरों की टीम के साथ इंदौर पहुंचा। अस्पताल से एयरपोर्ट तक ग्रीन काॅरिडोर बना। चौराहे पर पुलिस जवान तैनात हुए और उन्होंने एम्बुलैंस को एयरपोर्ट तक पहुंचाया। प्लेन से दिल और फेफड़े अहमदाबाद के मेरंगो सिम्स अस्पताल में पहुंचाए गए। एक किडनी विशेष जुपिटर अस्पताल से चोइथराम अस्पताल के बीच बना। अंगों के पहुंचने के बाद उनके प्रत्यारोपण के लिए आपरेशन शुरू हो गए।
जबकि लीवर और एक किडनी विशेष जूपिटर हॉस्पिटल के ही पंजीकृत महिला रोगी को प्रत्यारोपित गई। अंग प्रत्यारोपण के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया और शव परिजनों के हवाले किया गया। इंदौर में दो माह में तीन बार अंगदान हो चुके है।
