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Indore News: हुकमचंद मिल की हरियाली अब होगी खत्म, पेड़ों की कटाई होगी शुरू

Fri, 19 Apr 2024 08:58 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Fri, 19 Apr 2024 08:58 PM IST
सार

अभी मिल परिसर पर लाए जाने वाले प्रोजेक्ट की डीपीआर नहीं बनी है। आचार संहिता हटने के बाद काम डिजाइन तय होगी। बोर्ड यहां आईटी इंडस्ट्री के हिसाब से काम्प्लेक्स और आवासीय ब्लाॅकों का निर्माण कर सकता है।

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Indore News: The greenery of Hukamchand Mill will now end, cutting of trees will start.
मिल परिसर में पेड़ों की नंबरिंग हुृई। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हुकमचंद मिल की 42 एकड़ जमीन पर अब हाऊसिंग बोर्ड का कमर्शियल व रेसीडेंशियल प्रोजेक्ट  आकार लेगा। बोर्ड ने जमीन का कब्जा ले लिया है और आठ गार्ड भी परिसर में तैनात किए गए है। निर्माण से पहले परिसर में लगे सैकड़ों पेड़ हटाए जाएंगे।

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इसके लिए बोर्ड ने नगर निगम से अनुमति ले ली है। पेड़ों की नंबरिंग भी की गई है। हाऊसिंग बोर्ड अफसरों का कहना है कि ज्यादातर पेड़ बचा लिए जाएंगे और जो प्रोजेक्ट में बाधक बनेंगे। उनका प्रत्यारोपण भी किया जाएगा। चार माह बाद बोर्ड मिल परिसर में काम शुरू कर सकता है।

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अभी मिल परिसर पर लाए जाने वाले प्रोजेक्ट की डीपीआर नहीं बनी है। आचार संहिता हटने के बाद काम डिजाइन तय होगी। बोर्ड यहां आईटी इंडस्ट्री के हिसाब से काम्प्लेक्स और आवासीय ब्लाॅकों का निर्माण कर सकता है। तीन साल पहले होप मिल की जमीन पर भी बोर्ड ने हाईराइज का निर्माण किया। उस प्रोजेक्ट को भी अच्छा प्रतिसाद मिला है।

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80 से ज्यादा अतिक्रमण

33 सालों से बंद पड़ी मिल केे आसपास बड़े पैमाने पर अवैध गुमटियां तान दी है। दो माह नगर निगम के अमले ने परिसर के आसपास का दौरा किया था और 80 से ज्यादा बाधक निर्माण चिन्हित किए है। जल्दी ही उन्हें हटाया जाएगा।

आधे श्रमिकों को मिली राशि

कोर्ट ने चार माह पहले 425 करोड़ रुपये हाऊसिंग बोर्ड को बैंक में जमा कराने के निर्देश दिए थे। इनमें श्रमिकों के 218 करोड़  और अन्य बकायदारों की राशि है। दिसंबर में परिसमापक के खाते मेें बोर्ड ने राशि भेज दी, लेकिन अभी तक सभी श्रमिकों को भुगतान नहीं हो सका।हुकमचंद मिल के पांच हजार श्रमिकों में से ढाई हजार श्रमिकों को ही भुगतान हो पाया हैै। मृत श्रमिकों की पत्नी व पात्र वारिसों को अभी तक राशि नहीं मिल पाई है।

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