Indore: इंदौर के आश्रम में पांच बच्चों की मौत, 29 भर्ती,ठहाके लगाने वाले एसडीएम को हटाया
मल्हारगंज स्थित श्री युगपुरुष धाम में बच्चों को इन्फेक्शन होने की बात सामने आई है। सभी बच्चों को चाचा नेहरू में भर्ती करवाया गया है। 204 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे अभी यहां।
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यहां पर मध्यप्रदेश के कई जिलों से आए बच्चे पढ़ाई करते हैं। इन्हें अलग-अलग जिलों से लाकर आश्रम को सौंपा गया था। आश्रम 2006 में 78 दिव्यांग बच्चों से शुरू हुआ था। यहां फिलहाल 217 मानसिक दिव्यांग बच्चे (101 बालक और 116 बालिकाएं) हैं।
कलेक्टर बोले जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी
कलेक्टर आशीष सिंह के मुताबिक दो बच्चों की मौत हुई है। डायरिया या डीहाइड्रेशन से एक मौत की आशंका है। जांच के बाद ही पूरी तरह से स्थिति साफ हो पाएगी। कलेक्टर ने घटनास्थल पर तैनात मल्हारगंज एसडीएम ओमप्रकाश बड़कुल को भी हटा दिया है। बड़कुल इस संवेदनशील विषय पर ड्यूटी के दौरान ठहाके लगा रहे थे। उनका वीडियो वायरल हुआ था।
चौथी मौत के बाद अधिकारियों की घबराहट बढ़ी
सुबह दो बच्चों की मौत के बाद प्रशासन का कहना था कि दोनों ही बच्चे पहले से बीमार थे और उन्हें फिट आने की समस्या थी। दोपहर 12 बजे तक तीसरे बच्चे और शाम 4 बजे तक चौथे बच्चे की मौत के बाद अधिकारियों की घबराहट बढ़ने लगी। चौथी मौत के बाद प्रशासन ने हर बच्चे का चेकअप कराने का फैसला किया। कलेक्टर के निर्देश MHY और चाचा नेहरू अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें आश्रम भेजी गईं। कलेक्टर खुद भी मौजूद रहे। बता दें कि आश्रम में 204 बच्चे थे, जिनमें 27 से ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
जो बालिकाएं बचपन में आईं अब वही बड़ी होने पर अन्य बच्चों को संभालती हैं
इंदौर के पंचकुइया रोड स्थित श्री युगपुरुष धाम आश्रम में मानसिक दिव्यांग बच्चों को रखा जाता है। यहां अलग-अलग जिलों से बच्चों को चाइल्ड लाइन या अन्य माध्यम से सौंपा जाता है। सरकारी रिकॉर्ड में सभी बच्चों के साथ मां का नाम डॉ. अनिता शर्मा लिखा हुआ है। जो बच्चे 10-15 साल पहले आए थे, इन्हीं में से 18 बेटियां एक-एक बच्चे की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। युगपुरुष स्वामी परमानंदगिरि महाराज के सान्निध्य में यह आश्रम संचालित हो रहा है। सभी की मां का नाम प्राचार्य अनिता के नाम पर और पिता की जगह आश्रम के सचिव तुलसी शादीजा का नाम लिखा गया है। सभी बच्चों के सरनेम स्वामीजी के नाम पर परमानंद रखे गए हैं।
चाचा नेहरू अस्पताल में जब बच्चों को ले जाया गया तो वहां पहले से भर्ती कुछ बच्चों को नीचे के वार्ड में शिफ्ट किया गया। बताया जा रहा है कि पहले से आईसीयू में भर्ती जिन बच्चों की तबियत में सुधार था उन्हें नीचे शिफ्ट किया है। डाक्टर्स को संक्रमित बच्चों की संख्या अधिक होने की वजह से एेसा करना पड़ा।
बच्चों की मौत की जानकारी मिलते ही जांच के लिए SDM ओमप्रकाश बड़कुल खुद मौके पर पहुंचे। यहां वे मासूमों की मौत की कार्रवाई करने के बजाय आश्रम संचालिका अनिता शर्मा के साथ हंसी-मजाक करते नजर आए। इसका एक वीडियो वायरल हो रहा है। कलेक्टर ने बड़कुल को हटा दिया है।
