{"_id":"67a4cb95fd7aa89985003502","slug":"indore-news-shivaji-market-kanh-river-nadi-nagar-nigam-2025-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: शिवाजी मार्केट की दुकानें हटेंगी, पांच हजार लोगों का रोजगार खत्म होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: शिवाजी मार्केट की दुकानें हटेंगी, पांच हजार लोगों का रोजगार खत्म होगा
Fri, 07 Feb 2025 09:37 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Fri, 07 Feb 2025 09:37 PM IST
सार
Indore News: नगर निगम सड़क पर बनी दुकानों को बहुमंजिला इमारत में शिफ्ट कर रहा, व्यापारी बोले ग्राहक नहीं आएंगे, सभी धंधे चौपट हो जाएंगे।
विज्ञापन
शिवाजी मार्केट की दुकानें।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंदौर नगर निगम ने शिवाजी मार्केट के विस्थापन की तैयारी पूरी कर ली है। व्यापारियों को नंदलाल पुरा सब्जी मार्केट के पास स्थानांतरित करने का फैसला किया है, जिसका प्रस्ताव काफी पहले ही तैयार कर लिया गया था। व्यापारियों को यहां शिफ्ट होने के लिए 10 फरवरी तक की आखिरी मोहलत दी गई है, जिससे वे गहरे असंतोष में हैं। व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम ने उन्हें खिलौना बना दिया है। पिछले 30 वर्षों में पहले राजवाड़ा, फिर रेलवे स्टेशन से शिवाजी मार्केट में शिफ्ट किया गया, और अब चौथी बार उन्हें नई जगह भेजा जा रहा है। नगर निगम ने रिवर साइड पर बने 126 दुकानों वाले इस बाजार को हटाने के लिए व्यापारियों के साथ दो से तीन बैठकें भी की हैं जिसमें व्यापारी नई जगह शिफ्ट होने पर साफ विरोध दर्ज करवा चुके हैं।
पांच हजार लोग बेरोजगार होंगे
शिवाजी मार्केट व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय केथुनिया ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि बाजार हटने से पांच हजार से अधिक लोगों का रोजगार खत्म होगा। जिस जगह पर हमें शिफ्ट किया जा रहा है, वह तीन से चार मंजिला इमारत है। हमारी दुकानें मुख्य रूप से कपड़े, बेल्ट, मछली दाना, खिलौने, बैग, रेडीमेड गारमेंट और पक्षियों के पिंजरे जैसे सामानों की बिक्री करती हैं। अगर इन दुकानों को पहली, दूसरी या तीसरी मंजिल पर शिफ्ट किया गया तो ग्राहक कैसे आएंगे और हमें अपने व्यवसाय को बंद करना पड़ेगा।
विज्ञापन
नदी दिखाने के लिए व्यापार खत्म कर रही सरकार
संगठन के सचिव गयूर खान ने बताया कि हमारी दुकानों के पीछे से कान्ह नदी की गंदगी बहती है, लेकिन दुकानों की वजह से यह दिखाई नहीं देती। नगर निगम के पास इस नदी को सुधारने का कोई ठोस प्लान भी नहीं है। बताया जा रहा है कि नदी को दिखाने के लिए हमें हटाया जा रहा है। अधिकारी किसी भी कीमत पर व्यापारियों को हटाने पर आमादा हैं, जबकि इस विस्थापन से कोई विकास परियोजना सफल नहीं होगी, बल्कि व्यापारियों को केवल नुकसान झेलना पड़ेगा।
गुस्से में हैं व्यापारी
नगर निगम के मार्केट विभाग के उपायुक्त ने व्यापारियों को 30 जनवरी को एक पत्र जारी किया था, जिसमें 3 फरवरी को लॉटरी पद्धति से दुकानों का वितरण करने की बात कही गई थी। यह प्रक्रिया दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक एआईसीटीएसएल सभागृह में आयोजित की जानी थी। लेकिन इस लॉटरी में केवल पांच या छह व्यापारी ही पहुंचे, जबकि बाकी व्यापारियों ने इस फैसले का पुरजोर विरोध किया। व्यापारियों ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से भी चर्चा की, लेकिन उन्होंने सिर्फ सात दिन का समय देकर कोई ठोस समाधान नहीं दिया। इस फैसले से व्यापारियों का आक्रोश और बढ़ गया है, और वे अब अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता में हैं। अब नए पत्र में 10 फरवरी को लॉटरी से दुकानें देने का कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पांच हजार लोग बेरोजगार होंगे
शिवाजी मार्केट व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय केथुनिया ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि बाजार हटने से पांच हजार से अधिक लोगों का रोजगार खत्म होगा। जिस जगह पर हमें शिफ्ट किया जा रहा है, वह तीन से चार मंजिला इमारत है। हमारी दुकानें मुख्य रूप से कपड़े, बेल्ट, मछली दाना, खिलौने, बैग, रेडीमेड गारमेंट और पक्षियों के पिंजरे जैसे सामानों की बिक्री करती हैं। अगर इन दुकानों को पहली, दूसरी या तीसरी मंजिल पर शिफ्ट किया गया तो ग्राहक कैसे आएंगे और हमें अपने व्यवसाय को बंद करना पड़ेगा।
विज्ञापन
नदी दिखाने के लिए व्यापार खत्म कर रही सरकार
संगठन के सचिव गयूर खान ने बताया कि हमारी दुकानों के पीछे से कान्ह नदी की गंदगी बहती है, लेकिन दुकानों की वजह से यह दिखाई नहीं देती। नगर निगम के पास इस नदी को सुधारने का कोई ठोस प्लान भी नहीं है। बताया जा रहा है कि नदी को दिखाने के लिए हमें हटाया जा रहा है। अधिकारी किसी भी कीमत पर व्यापारियों को हटाने पर आमादा हैं, जबकि इस विस्थापन से कोई विकास परियोजना सफल नहीं होगी, बल्कि व्यापारियों को केवल नुकसान झेलना पड़ेगा।
गुस्से में हैं व्यापारी
नगर निगम के मार्केट विभाग के उपायुक्त ने व्यापारियों को 30 जनवरी को एक पत्र जारी किया था, जिसमें 3 फरवरी को लॉटरी पद्धति से दुकानों का वितरण करने की बात कही गई थी। यह प्रक्रिया दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक एआईसीटीएसएल सभागृह में आयोजित की जानी थी। लेकिन इस लॉटरी में केवल पांच या छह व्यापारी ही पहुंचे, जबकि बाकी व्यापारियों ने इस फैसले का पुरजोर विरोध किया। व्यापारियों ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से भी चर्चा की, लेकिन उन्होंने सिर्फ सात दिन का समय देकर कोई ठोस समाधान नहीं दिया। इस फैसले से व्यापारियों का आक्रोश और बढ़ गया है, और वे अब अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता में हैं। अब नए पत्र में 10 फरवरी को लॉटरी से दुकानें देने का कहा गया है।
