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Indore News: सोने चांदी के व्यापारी बोले नहीं लगने देंगे खानपान की दुकानें, सराफा में चौपाटी हटाकर रहेंगे
Thu, 28 Aug 2025 08:50 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 28 Aug 2025 08:50 PM IST
सार
Indore News: सराफा व्यापारियों ने 10 बजे तक दुकान खुली रखने की घोषणा की, बोले खानपान की चौपाटी वाले दुकानदारों को नहीं घुसने देंगे, मामला प्रदेश भाजपा तक पहुंचा
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दिनभर दुकानदारों से चौपाटी हटाने के लिए फॉर्म भरवाए गए
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर के लोकप्रिय सराफा बाजार में सोने चांदी के व्यापारियों और खानपान की चौपाटी लगाने वालों में विवाद सुलझता नजर नहीं आ रहा है। सराफा के व्यापारियों ने घोषणा की है कि वे रात्रि 10 बजे तक अपनी दुकानें खुली रखेंगे और चौपाटी लगाने वाले दुकानदारों को प्रवेश नहीं करने देंगे। यदि वो प्रवेश करने की कोशिश करेंगे तो उन्हें रोका जाएगा। इस मामले में सराफा एसोसिएशन ने सभी सोने चांदी के व्यापारियों से सहमति के फॉर्म भी भरवा लिए हैं।
वहीं दूसरी तरफ ये मामला प्रदेश भाजपा तक पहुंच गया है। महापौर स्पष्ट कर चुके हैं कि चौपाटी सराफा में ही लगेगी लेकिन जो सराफा व्यापारी चौपटी हटाना चाहते हैं बताया जा रहा है कि उन्हें भाजपा के ही एक विधायक का समर्थन मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि सराफा व्यापारियों ने चौपाटी न लगने देने के लिए कमर कस रखी है। उनकी दो बार महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात हो चुकी है और दोनों ही बार कोई सहमति नहीं बनी है।
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महापौर बोले वहीं पर लगेगी चौपाटी
महापौर का कहना है कि सराफा चौपाटी की अंतरर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग हो चुकी है, इसलिए वो वहीं लगेगी। ये हो सकता है कि 200 के बजाय परंपरागत रूप से लगती रहीं 80 दुकानें ही लगें। वहीं सराफा व्यापारियों का कहना है कि सराफा में चौपाटी लगने की कोई परंपरा ही नहीं थी और न ही कोई धरोहर है। इन दुकानों को लगाने की सहमति हम व्यापारियों ने दी थी और अब जबकि स्थिति खराब हो गई है तो सहमति वापस ले रहे हैं। इसमें विवाद है कहां?
सराफा व्यापारी बोले हम किसी भी कीमत पर चौपाटी नहीं लगने देंगे
सराफा व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम को चाहिए कि वो चौपाटी को कहीं और शिफ्ट कर दे। जिन्हें खाने-पीने का शौक है वो तो वहां भी पहुंच जाएंगे। महापौर ने कहा है कि सड़क नगर निगम की है, इसलिए चौपाटी हम वहां लगाने देंगे, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि जब हम नहीं चाहते तो फिर चौपाटी कैसे सड़क पर लगेगी। बहरहाल, व्यापारियों ने घोषणा कर दी है कि आज से सराफा बाजार रात्रि 10 बजे तक खुला रहेगा। हम व्यापार करेंगे और चौपाटी दुकानदारों को नहीं घुसने देंगे। अब स्थिति ये है कि चौपाटी दुकानदार आएंगे तो कहां जाएंगे? जाहिर है कि विवाद की स्थिति बनेगी। इंदौर चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकम सोनी ने बताया कि प्रशासन को सूचना दे दी गई है और आग्रह किया गया है कि रात्रि 10 बजे तक बाजार खुला रहने की स्थिति में ट्रैफिक समेत अन्य व्यवस्थाएं करें।
चौपाटी शिफ्ट करने के ये विकल्प बताए
सोनी ने प्रशासन को सराफा चौपाटी के लिए विकल्प बताए हैं। ये हैं-रिवर साइड रोड, पोद्दार प्लाजा, गांधी हॉल, हरसिद्धि मेनरोड। चौपाटी को इन स्थानों में से किसी पर शिफ्ट किया जा सकता है। जो व्यक्ति यहां खाने आता है वह वहां भी खाने जा सकता है। ऐसा नहीं है कि लोग नहीं जाएंगे। असामाजिक तत्वों के कारण सराफा का नाम बदनाम हो रहा है और हमें ठेस पहुंच रही है। फास्ट फूड की दुकानें ज्यादा हैं, परंपरागत व्यंजन खत्म हो गए हैं। नई जनरेशन फास्ट फूड खाती है। हमें भी यहां कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सराफा का नाम गर्त में जा रहा है, उसे वापस उठाना है इसलिए सराफा चौपाटी हटाओ अभियान चलाया है।
व्यापारी बोले नशा करके आते हैं युवा, बदनाम हो रहा सराफा
पूर्व सचिव अविनाश शास्त्री ने बताया कि सभी व्यापारियों को शपथ पत्र दिया गया था, जिसमें चौपाटी दुकानदारों को अपनी दुकान का ओटला या बाहरी स्पेस न देने की बात है। लगभग सभी व्यापारियों ने फॉर्म भरकर दे दिया है। कोषाध्यक्ष अजय लाहोटी का कहना है कि महापौर, विधायक से चर्चा की है। ये मामला डेढ़ दो साल से चला आ रहा है। हमने कलेक्टर ऑफिस के सामने पार्किंग दिखाई है। छप्पन दुकान पर जैसी चौपाटी है, वैसी ही यहां पर तैयार हो सकती है। पोद्दार प्लाजा के पीछे लगभग 7 एकड़ जमीन खाली है, वहां चौपाटी डेवलप की जा सकती है। किशनपुरा के पीछे रिवर साइड पर की जा सकती है। शेखर नगर फूल मंडी वहां भी चौपाटी डेवलप की जा सकती है। सराफा में संकरी जगह है, लेकिन दूसरी जगह खुली मिलेगी। कभी हादसा होता है तो हम सोच भी नहीं सकते कितना नुकसान होगा। परिवार आना पसंद नहीं करते। यहां पब से निकलने वाले लड़के-लड़कियां आते हैं। टीआई ने कुछ दिनों पहले ही 250 ड्रिंक एंड ड्राइव के चालान बनाए हैं। यहां पारिवारिक माहौल नहीं बचा है।
प्रदेश भाजपा ने मांगी जानकारी
सूत्रों ने बताया कि सराफा का ये विवाद प्रदेश भाजपा तक पहुंच गया है। वहां से मामले की पूरी जानकारी मांगी गई है। माना जा रहा है कि आजकल में जनप्रतिनिधियों से ये विवाद निपटाने के लिए कहा जाएगा।
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे महापौर
एसोसिएशन के मंत्री बसंत सोनी बोले 2024 में महापौर और अन्य अधिकारियों के द्वारा बनाई गई कमेटी ने एक जांच रिपोर्ट तैयार की थी। यह रिपोर्ट सार्वजनिक न करने पर भी सराफा व्यापारियों में नाराजगी है। बसंत सोनी बोले इस रिपोर्ट में चौपाटी हटाने के लिए कई बातें बताई गई थी। व्यापारियों का कहना है कि रिपोर्ट में चौपाटी हटाने का अभिमत देने वाले अब विवाद से बचने के लिए खामोश हो गए हैं। एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य अविनाश शास्त्री बोले हमें तो हैरानी है कमेटी की रिपोर्ट को आज तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। हमने कई बार रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की। अध्यक्ष हुकुम सोनी ने कहा कि रिपोर्ट में 80 दुकानें लगाने जैसा कोई जिक्र नहीं था। रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
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वहीं दूसरी तरफ ये मामला प्रदेश भाजपा तक पहुंच गया है। महापौर स्पष्ट कर चुके हैं कि चौपाटी सराफा में ही लगेगी लेकिन जो सराफा व्यापारी चौपटी हटाना चाहते हैं बताया जा रहा है कि उन्हें भाजपा के ही एक विधायक का समर्थन मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि सराफा व्यापारियों ने चौपाटी न लगने देने के लिए कमर कस रखी है। उनकी दो बार महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात हो चुकी है और दोनों ही बार कोई सहमति नहीं बनी है।
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महापौर बोले वहीं पर लगेगी चौपाटी
महापौर का कहना है कि सराफा चौपाटी की अंतरर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग हो चुकी है, इसलिए वो वहीं लगेगी। ये हो सकता है कि 200 के बजाय परंपरागत रूप से लगती रहीं 80 दुकानें ही लगें। वहीं सराफा व्यापारियों का कहना है कि सराफा में चौपाटी लगने की कोई परंपरा ही नहीं थी और न ही कोई धरोहर है। इन दुकानों को लगाने की सहमति हम व्यापारियों ने दी थी और अब जबकि स्थिति खराब हो गई है तो सहमति वापस ले रहे हैं। इसमें विवाद है कहां?
सराफा व्यापारी बोले हम किसी भी कीमत पर चौपाटी नहीं लगने देंगे
सराफा व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम को चाहिए कि वो चौपाटी को कहीं और शिफ्ट कर दे। जिन्हें खाने-पीने का शौक है वो तो वहां भी पहुंच जाएंगे। महापौर ने कहा है कि सड़क नगर निगम की है, इसलिए चौपाटी हम वहां लगाने देंगे, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि जब हम नहीं चाहते तो फिर चौपाटी कैसे सड़क पर लगेगी। बहरहाल, व्यापारियों ने घोषणा कर दी है कि आज से सराफा बाजार रात्रि 10 बजे तक खुला रहेगा। हम व्यापार करेंगे और चौपाटी दुकानदारों को नहीं घुसने देंगे। अब स्थिति ये है कि चौपाटी दुकानदार आएंगे तो कहां जाएंगे? जाहिर है कि विवाद की स्थिति बनेगी। इंदौर चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकम सोनी ने बताया कि प्रशासन को सूचना दे दी गई है और आग्रह किया गया है कि रात्रि 10 बजे तक बाजार खुला रहने की स्थिति में ट्रैफिक समेत अन्य व्यवस्थाएं करें।
चौपाटी शिफ्ट करने के ये विकल्प बताए
सोनी ने प्रशासन को सराफा चौपाटी के लिए विकल्प बताए हैं। ये हैं-रिवर साइड रोड, पोद्दार प्लाजा, गांधी हॉल, हरसिद्धि मेनरोड। चौपाटी को इन स्थानों में से किसी पर शिफ्ट किया जा सकता है। जो व्यक्ति यहां खाने आता है वह वहां भी खाने जा सकता है। ऐसा नहीं है कि लोग नहीं जाएंगे। असामाजिक तत्वों के कारण सराफा का नाम बदनाम हो रहा है और हमें ठेस पहुंच रही है। फास्ट फूड की दुकानें ज्यादा हैं, परंपरागत व्यंजन खत्म हो गए हैं। नई जनरेशन फास्ट फूड खाती है। हमें भी यहां कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सराफा का नाम गर्त में जा रहा है, उसे वापस उठाना है इसलिए सराफा चौपाटी हटाओ अभियान चलाया है।
व्यापारी बोले नशा करके आते हैं युवा, बदनाम हो रहा सराफा
पूर्व सचिव अविनाश शास्त्री ने बताया कि सभी व्यापारियों को शपथ पत्र दिया गया था, जिसमें चौपाटी दुकानदारों को अपनी दुकान का ओटला या बाहरी स्पेस न देने की बात है। लगभग सभी व्यापारियों ने फॉर्म भरकर दे दिया है। कोषाध्यक्ष अजय लाहोटी का कहना है कि महापौर, विधायक से चर्चा की है। ये मामला डेढ़ दो साल से चला आ रहा है। हमने कलेक्टर ऑफिस के सामने पार्किंग दिखाई है। छप्पन दुकान पर जैसी चौपाटी है, वैसी ही यहां पर तैयार हो सकती है। पोद्दार प्लाजा के पीछे लगभग 7 एकड़ जमीन खाली है, वहां चौपाटी डेवलप की जा सकती है। किशनपुरा के पीछे रिवर साइड पर की जा सकती है। शेखर नगर फूल मंडी वहां भी चौपाटी डेवलप की जा सकती है। सराफा में संकरी जगह है, लेकिन दूसरी जगह खुली मिलेगी। कभी हादसा होता है तो हम सोच भी नहीं सकते कितना नुकसान होगा। परिवार आना पसंद नहीं करते। यहां पब से निकलने वाले लड़के-लड़कियां आते हैं। टीआई ने कुछ दिनों पहले ही 250 ड्रिंक एंड ड्राइव के चालान बनाए हैं। यहां पारिवारिक माहौल नहीं बचा है।
प्रदेश भाजपा ने मांगी जानकारी
सूत्रों ने बताया कि सराफा का ये विवाद प्रदेश भाजपा तक पहुंच गया है। वहां से मामले की पूरी जानकारी मांगी गई है। माना जा रहा है कि आजकल में जनप्रतिनिधियों से ये विवाद निपटाने के लिए कहा जाएगा।
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे महापौर
एसोसिएशन के मंत्री बसंत सोनी बोले 2024 में महापौर और अन्य अधिकारियों के द्वारा बनाई गई कमेटी ने एक जांच रिपोर्ट तैयार की थी। यह रिपोर्ट सार्वजनिक न करने पर भी सराफा व्यापारियों में नाराजगी है। बसंत सोनी बोले इस रिपोर्ट में चौपाटी हटाने के लिए कई बातें बताई गई थी। व्यापारियों का कहना है कि रिपोर्ट में चौपाटी हटाने का अभिमत देने वाले अब विवाद से बचने के लिए खामोश हो गए हैं। एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य अविनाश शास्त्री बोले हमें तो हैरानी है कमेटी की रिपोर्ट को आज तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। हमने कई बार रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की। अध्यक्ष हुकुम सोनी ने कहा कि रिपोर्ट में 80 दुकानें लगाने जैसा कोई जिक्र नहीं था। रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
