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Indore News: सीएम हेल्पलाइन पर 17000 से ज्यादा शिकायतें, कलेक्टर की बढ़ी चिंता, अधिकारियों पर गिरेगी गाज
Tue, 08 Apr 2025 06:13 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 08 Apr 2025 06:13 PM IST
सार
Indore News: कलेक्टर ने शिकायतों के निराकरण के लिए समीक्षा बैठक बुलाई है। राजस्व, खाद्य, परिवहन और अन्य विभागों के तहत सबसे ज्यादा शिकायतें पेंडिंग हैं।
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इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
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विस्तार
इंदौर जिले में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों की संख्या अचानक 17000 के पार पहुंच गई है, हालांकि सुशासन और कलेक्टर द्वारा की गई कई पहलें भी प्रभावी रही हैं। सामान्यतः हर महीने की शिकायतों का निराकरण किया जा रहा था, लेकिन हाल के दिनों में शिकायतों के आंकड़े अचानक से बढ़ गए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा बैठक बुलाई है। 50 दिन से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद 5000 से ज्यादा शिकायतें लंबित हैं और कलेक्टर अब उन विभागों पर कार्रवाई करने वाले हैं जिनकी सुनवाई में देरी हो रही है।
शिकायतों में शामिल प्रमुख विभाग
इंदौर जिले में शिकायतों का सबसे अधिक दबाव राजस्व विभाग, खाद्य विभाग, परिवहन विभाग, जनजाति कार्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, पुलिस विभाग और नगर निगम पर देखा जा रहा है। विशेष रूप से नगरीय विकास एवं आवास विभाग में 4942 शिकायतें लंबित हैं। इसके अलावा, स्कूल शिक्षा विभाग में भी नए सत्र के दौरान 256 शिकायतें पेंडिंग हैं। कलेक्टर ने इन विभागों से संबंधित अधिकारियों को तलब किया है और 50 दिन से अधिक समय से लंबित 20 फीसदी शिकायतों के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी है।
सी और डी कैटेगरी में आने वाले विभाग
सीएम हेल्पलाइन पर हर महीने 20 तारीख को शिकायतों की रैंकिंग जारी की जाती है, जिसमें कई विभागों का प्रदर्शन काफी खराब नजर आता है। इंदौर जिले के श्रम विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, सहकारिता विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, गृह विभाग, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, वन विभाग और सबसे महत्वपूर्ण राजस्व विभाग की रैंकिंग सबसे निचले स्थान पर रही है। इन सभी विभागों को डी कैटेगरी में रखा गया है। वहीं, सी कैटेगरी में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, जनजाति कार्य विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, वित्त विभाग, नगर निगम, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग और पुलिस विभाग शामिल हैं, जिनमें सबसे ज्यादा शिकायतें आ रही हैं, लेकिन उनके समाधान का प्रतिशत बहुत कम है।
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समाधान ऑनलाइन प्रणाली और पेंडिंग शिकायतें
शासन के निर्देश पर सुशासन व समाधान ऑनलाइन प्रणाली को चलाया जा रहा है, लेकिन इस प्रणाली में भी 2155 से ज्यादा शिकायतें पेंडिंग पाई गई हैं। राजस्व विभाग की खसरा ऑनलाइन अपडेट करने से संबंधित शिकायतें सिमरोल, मानपुर, और खुड़ैल क्षेत्र में अधिक पेंडिंग हैं। नामांतरण और बंटवारे से संबंधित मामलों में भी पेंडेंसी बढ़ी है, जिनमें बिचौली हप्सी, कैलोद करताल, मल्हारगंज और खुड़ैल में 10 से ज्यादा शिकायतें लंबित हैं। इसके अलावा, नल जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति ना होने के 110 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
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शिकायतों में शामिल प्रमुख विभाग
इंदौर जिले में शिकायतों का सबसे अधिक दबाव राजस्व विभाग, खाद्य विभाग, परिवहन विभाग, जनजाति कार्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, पुलिस विभाग और नगर निगम पर देखा जा रहा है। विशेष रूप से नगरीय विकास एवं आवास विभाग में 4942 शिकायतें लंबित हैं। इसके अलावा, स्कूल शिक्षा विभाग में भी नए सत्र के दौरान 256 शिकायतें पेंडिंग हैं। कलेक्टर ने इन विभागों से संबंधित अधिकारियों को तलब किया है और 50 दिन से अधिक समय से लंबित 20 फीसदी शिकायतों के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी है।
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सी और डी कैटेगरी में आने वाले विभाग
सीएम हेल्पलाइन पर हर महीने 20 तारीख को शिकायतों की रैंकिंग जारी की जाती है, जिसमें कई विभागों का प्रदर्शन काफी खराब नजर आता है। इंदौर जिले के श्रम विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, सहकारिता विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, गृह विभाग, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, वन विभाग और सबसे महत्वपूर्ण राजस्व विभाग की रैंकिंग सबसे निचले स्थान पर रही है। इन सभी विभागों को डी कैटेगरी में रखा गया है। वहीं, सी कैटेगरी में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, जनजाति कार्य विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, वित्त विभाग, नगर निगम, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग और पुलिस विभाग शामिल हैं, जिनमें सबसे ज्यादा शिकायतें आ रही हैं, लेकिन उनके समाधान का प्रतिशत बहुत कम है।
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समाधान ऑनलाइन प्रणाली और पेंडिंग शिकायतें
शासन के निर्देश पर सुशासन व समाधान ऑनलाइन प्रणाली को चलाया जा रहा है, लेकिन इस प्रणाली में भी 2155 से ज्यादा शिकायतें पेंडिंग पाई गई हैं। राजस्व विभाग की खसरा ऑनलाइन अपडेट करने से संबंधित शिकायतें सिमरोल, मानपुर, और खुड़ैल क्षेत्र में अधिक पेंडिंग हैं। नामांतरण और बंटवारे से संबंधित मामलों में भी पेंडेंसी बढ़ी है, जिनमें बिचौली हप्सी, कैलोद करताल, मल्हारगंज और खुड़ैल में 10 से ज्यादा शिकायतें लंबित हैं। इसके अलावा, नल जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति ना होने के 110 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
