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Indore News: आंदोलन स्थल पर पहुंचे उमंग सिंघार, पुलिस ने छात्रों का खाना पानी रोका
Sat, 21 Dec 2024 09:21 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 21 Dec 2024 09:21 PM IST
सार
Indore News: छात्रों ने कहा कि पुलिस उन्हें वहां पर खाना नहीं बनाने दे रही। जो छात्र हमारे लिए आंदोलन स्थल पर खाना ला रहे हैं उन्हें भी रोका जा रहा है।
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एमपीपीएससी छात्रों का आंदोलन।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के अभ्यर्थियों का इंदौर में शनिवार को चौथे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। इसमें लगभग 5 हजार से अधिक छात्र शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन स्थल पर ही सोने, खाने की व्यवस्था कर ली है। शनिवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और सैलाना के निर्दलीय विधायक कमलेश्वर डोडियार भी उनसे मिलने के लिए पहुंचे। सिंघार और कमलेश्वर ने कहा कि वे विधानसभा में छात्रों की परेशानियों को उठाएंगे।
अनशन पर बैठे छात्रों की तबियत बिगड़ी
प्रदर्शन के दौरान, गुरुवार रात से आमरण अनशन पर बैठे अरविंद सिंह भदौरिया की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। उनके साथ राधे जाट भी अनशन पर हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन और आयोग के प्रतिनिधियों से हुई बातचीत अब तक बेनतीजा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज होगा।
प्रशासन आंदोलन खत्म करवाने की कोशिश में
प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की बात कही है और प्रशासन पर आंदोलन को बलपूर्वक समाप्त करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कुछ अज्ञात लोग अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से जारी रखेंगे।
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कांग्रेस का भी मिला समर्थन
इस आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन मिल रहा है। युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मितेंद्र सिंह ने अभ्यर्थियों के बीच पहुंचकर समर्थन व्यक्त किया और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो युवक कांग्रेस पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री के पुतले का दहन करेगी। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे बड़ी संख्या में आमरण अनशन शुरू करेंगे।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें हैं:
- परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाएं दिखाना और मार्कशीट जारी करना
- 87% और 13% प्रणाली को समाप्त कर 100% परिणाम घोषित करना
- 2025 की राज्य सेवा परीक्षा में 700 से अधिक पदों पर भर्ती
- राज्य वन सेवा और अन्य परीक्षाओं में पदों की संख्या बढ़ाना
- सहायक प्राध्यापक सहित अन्य परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करना
- MPPSC में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की तरह सुधार करना
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अनशन पर बैठे छात्रों की तबियत बिगड़ी
प्रदर्शन के दौरान, गुरुवार रात से आमरण अनशन पर बैठे अरविंद सिंह भदौरिया की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। उनके साथ राधे जाट भी अनशन पर हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन और आयोग के प्रतिनिधियों से हुई बातचीत अब तक बेनतीजा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज होगा।
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प्रशासन आंदोलन खत्म करवाने की कोशिश में
प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की बात कही है और प्रशासन पर आंदोलन को बलपूर्वक समाप्त करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कुछ अज्ञात लोग अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से जारी रखेंगे।
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कांग्रेस का भी मिला समर्थन
इस आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन मिल रहा है। युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मितेंद्र सिंह ने अभ्यर्थियों के बीच पहुंचकर समर्थन व्यक्त किया और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो युवक कांग्रेस पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री के पुतले का दहन करेगी। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे बड़ी संख्या में आमरण अनशन शुरू करेंगे।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें हैं:
- परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाएं दिखाना और मार्कशीट जारी करना
- 87% और 13% प्रणाली को समाप्त कर 100% परिणाम घोषित करना
- 2025 की राज्य सेवा परीक्षा में 700 से अधिक पदों पर भर्ती
- राज्य वन सेवा और अन्य परीक्षाओं में पदों की संख्या बढ़ाना
- सहायक प्राध्यापक सहित अन्य परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करना
- MPPSC में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की तरह सुधार करना
