{"_id":"6876853af9cf4964f201e69c","slug":"indore-news-mp-high-court-dismisses-new-pil-on-indore-dewas-bypass-citing-ongoing-case-2025-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: हाई कोर्ट ने दिया झटका, इंदौर-देवास बायपास पर लगी नई याचिका पहली सुनवाई में ही खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: हाई कोर्ट ने दिया झटका, इंदौर-देवास बायपास पर लगी नई याचिका पहली सुनवाई में ही खारिज
Tue, 15 Jul 2025 10:35 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 15 Jul 2025 10:35 PM IST
सार
Indore News: हाई कोर्ट ने इंदौर-देवास बायपास और सांवेर रोड की हालत को लेकर दायर नई जनहित याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इस विषय पर पहले से ही एक याचिका विचाराधीन है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वे अपनी बात उसी याचिका में रखें।
विज्ञापन
इंदौर देवास रोड पर ट्रैफिक जाम
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंदौर-देवास बायपास और इंदौर-सांवेर मार्ग की खराब हालत को लेकर दायर एक नई जनहित याचिका को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने पहली ही सुनवाई में खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर पहले से एक जनहित याचिका विचाराधीन है, इसलिए नई याचिका की आवश्यकता नहीं है।
यह याचिका नरेंद्र जैन द्वारा एडवोकेट अनिल ओझा के माध्यम से दायर की गई थी। इसमें बायपास की खस्ताहाल सड़क, लगातार लगने वाले जाम और अर्जुन बड़ौद क्षेत्र में निर्माणाधीन फ्लायओवर के चलते पैदा हो रही ट्रैफिक समस्या को मुद्दा बनाया गया था।
याचिका में मुख्य बिंदु
1. इंदौर-देवास बायपास पर हाल ही में लगातार तीन दिन तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
2. याचिकाकर्ता का कहना था कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को इस स्थिति की पूर्व जानकारी थी, बावजूद इसके कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाया गया।
3. फ्लायओवर निर्माण के कारण एम्बुलेंस, स्कूल बसें और रोजाना यातायात करने वाले लोग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
हाई कोर्ट की टिप्पणी
राज्य सरकार की ओर से अदालत को सूचित किया गया कि इसी विषय पर पूर्व से ही एक जनहित याचिका लंबित है। इसके आधार पर कोर्ट ने नई याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता यदि चाहें तो अपनी बातें उसी याचिका के तहत रख सकते हैं।
विज्ञापन
जाम वाली याचिका पर 23 जुलाई को सुनवाई
वहीं दूसरी ओर इंदौर-देवास रोड पर ट्रैफिक जाम के मामले में यह जनहित याचिका देवास के एडवोकेट आनंद अधिकारी ने दायर की थी। याचिकाकर्ता के एडवोकेट गिरीश पटवर्धन ने बताया कि कोर्ट ने यह याचिका खारिज करते हुए इसे 2 साल पहले इसी तरह के मुद्दे को लेकर चल रही जनहित याचिका में मर्ज करने का आदेश दिया। मामले में अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
विज्ञापन
यह याचिका नरेंद्र जैन द्वारा एडवोकेट अनिल ओझा के माध्यम से दायर की गई थी। इसमें बायपास की खस्ताहाल सड़क, लगातार लगने वाले जाम और अर्जुन बड़ौद क्षेत्र में निर्माणाधीन फ्लायओवर के चलते पैदा हो रही ट्रैफिक समस्या को मुद्दा बनाया गया था।
विज्ञापन
याचिका में मुख्य बिंदु
1. इंदौर-देवास बायपास पर हाल ही में लगातार तीन दिन तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
2. याचिकाकर्ता का कहना था कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को इस स्थिति की पूर्व जानकारी थी, बावजूद इसके कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाया गया।
3. फ्लायओवर निर्माण के कारण एम्बुलेंस, स्कूल बसें और रोजाना यातायात करने वाले लोग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
हाई कोर्ट की टिप्पणी
राज्य सरकार की ओर से अदालत को सूचित किया गया कि इसी विषय पर पूर्व से ही एक जनहित याचिका लंबित है। इसके आधार पर कोर्ट ने नई याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता यदि चाहें तो अपनी बातें उसी याचिका के तहत रख सकते हैं।
विज्ञापन
जाम वाली याचिका पर 23 जुलाई को सुनवाई
वहीं दूसरी ओर इंदौर-देवास रोड पर ट्रैफिक जाम के मामले में यह जनहित याचिका देवास के एडवोकेट आनंद अधिकारी ने दायर की थी। याचिकाकर्ता के एडवोकेट गिरीश पटवर्धन ने बताया कि कोर्ट ने यह याचिका खारिज करते हुए इसे 2 साल पहले इसी तरह के मुद्दे को लेकर चल रही जनहित याचिका में मर्ज करने का आदेश दिया। मामले में अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
