Indore News: सैन्य सम्मान के साथ मेजर हमजा को किया सुपुर्द-ए-खाक, जनाजे में लगे देशभक्ति के नारे
जैसलमेर में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले इंदौर के मेजर हमजा आरिफ को रविवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। तिरंगे में लिपटी उनकी पार्थिव देह के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े।
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राजस्थान के जैसलमेर में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मेजर हमजा आरिफ का पार्थिव शरीर रविवार की सुबह इंदौर स्थित राजेंद्र नगर निवास पर पहुंचा। सुबह से ही उनके निवास पर लोगों का तांता लगा हुआ था। सबसे पहले पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया।
इसके बाद सेना के वाहन में उनकी पार्थिव देह को रखा गया। तिरंगे में लिपटी ताबूत के साथ जनाजा सैनी नगर मस्जिद से आगे बढ़ा। पीछे चल रहे लोगों ने 'शहीद हमजा अमर रहें', 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के जयघोष लगाए। जनाजा माणिकबाग पुल, कलेक्टर चौराहा और राजवाड़ा होते हुए इमली बाजार कब्रिस्तान पहुंचा। नमाज अदा करने के बाद जनाजे को कब्र में उतारने की रस्म हुई और मृत आत्मा की शांति के लिए सभी ने दुआ मांगी।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी अंतिम विदाई
मेजर हमजा की पार्थिव देह तिरंगे में लिपटा हुआ था। दफनाने से पहले सैन्य सम्मान के साथ सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और अंतिम सलामी दी। पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित किया गया। इस विदाई को देखकर कब्रिस्तान में मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
पत्नी को सौंपा तिरंगा
शव दफनाने से पहले पार्थिव देह से तिरंगे को हटाकर सम्मान के साथ मेजर हमजा की पत्नी को सौंपा गया। पत्नी की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। मेजर हमजा के परिजनों की आंखें भी नम थीं।
रात को सेना के वाहन से पहुंची थी पार्थिव देह
मेजर हमजा के परिजन सेना के विशेष वाहन में पार्थिव देह को सड़क मार्ग से लेकर शनिवार सुबह जैसलमेर से निकले थे। देर रात शव इंदौर पहुंचा। सबसे पहले वाहन महू छावनी पहुंचा। वहां मेजर हमजा को श्रद्धांजलि देने के बाद पार्थिव देह को उनके निवास पर लाया गया।
ऊंट से टकराकर पलट गया था वाहन
गुरुवार देर रात ड्यूटी पूरी कर लौटते समय सेना की टाटा सफारी अचानक सड़क पर आए ऊंट से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पांच बार पलट गया। हादसे में मेजर हमजा की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल लेफ्टिनेंट आयुष्मान और लेफ्टिनेंट अभिनव राठौड़ का इलाज चल रहा है।
