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Indore News: कैलाश सोनी और महेन्द्र राठौर सम्मानित, प्रकृति और मानवता को चित्रों में समेटा
Mon, 19 Aug 2024 08:49 AM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 19 Aug 2024 08:49 AM IST
सार
सोनी को ‘एस्थीट ऑफ लेंस माइस्ट्रो ग्रुप’ डिग्री दी गई, राठौर को रीवा विश्वविद्यालय में सम्मान मिला
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कैलाश सोनी और महेन्द्र राठौर सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
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विस्तार
वरिष्ठ छायाकार कैलाश सोनी के दो छायाचित्रों को हाल ही में ‘निहारिका ऑल इंडिया डिजिटल कलर फोटो प्रतियोगिता 2024’ में पुरस्कृत किया गया है। इस प्रतियोगिता में उनके ‘स्पिरिचुअल एडवाइसर’ छायाचित्र को बेस्ट पोर्ट्रेट श्रेणी तथा ‘अ परफेक्ट कम्पैनियन’ को एक्सेप्टेंस में चुना गया है। ये पुरस्कार उन्हें अहमदाबाद ललित कला परिसर में विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा एक अन्य प्रतियोगिता ‘थर्ड एलएमजी नेशनल डिजिटल सलून 2024’ में उनके छायाचित्र ‘मुद्रा के परे’ को ‘ओपन कलर’ श्रेणी में एफआईपी रिबन से पुरस्कृत किया गया है। इसके साथ ही उन्हें इसी वर्ष जेसीएम सर्किट 2024 प्रतियोगिता में तीन पुरस्कार प्रदान किए गए जिनमें कलर प्रिंट के लिए ‘ई’ सर्टिफिकेट, मोनो प्रिंट के लिए एफआईपी रिबन तथा जेसीएम सिल्वर शामिल थे। सेकंड ग्लोबल फोटोग्राफी फाउंडेशन नेशनल सलून 2024 द्वारा सलून डिप्लोमा पोर्ट्रेट, एट्थ एफआईपी नेशनल डिजिटल सर्किट 2024 द्वारा एफआईपी रिबन, फोटोग्राफी सोसाइटी ऑफ अमेरिका द्वारा क्यूपीएसए पुरस्कार भी उन्हें इसी वर्ष प्रदान किए गए।
कुछ ही दिन पहले उन्हें लेंस माइस्ट्रो के संस्थापक गुरुदास दुआ द्वारा ‘एस्थीट ऑफ लेंस माइस्ट्रो ग्रुप’ की महत्वपूर्ण डिग्री भी प्रदान की गई। पिक्टोरियल कैटेगरी में चुने गए उनके पोर्टफोलियो ‘रेजिलिएंट ब्लिस’ पर अपनी टिप्पणी देते हुए संस्था ने कहा, ये छायाचित्र मालवा के ग्रामीण परिवेश को दर्शाते हैं जिनमें महसूस किया जा सकता है कि ये समुदाय किस तरह जमीन से गहरे तक जुड़े हुए हैं। उनकी मासूमियत उन चुनौतियों को छिपा लेती है जिनसे ये परिवार जूझते रहते हैं। इन चुनौतियों के बावजूद उनके मन प्रफुल्लित रहते हैं, एक ऐसे समुदाय के तानेबाने में गुंथे हुए जो साधारण क्षणों में खुशी ढूंढ लेता है और सामूहिक प्रयासों में मजबूत होता है।
राठौर का रीवा विश्वविद्यालय में सम्मान
अखिल भारतीय विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ, नई दिल्ली का अखिल भारतीय सम्मेलन अवधेश प्रतापसिंह विश्वविद्यालय, रीवा में आयोजित किया गया। सम्मेलन में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के पूर्व फोटोग्राफर महेन्द्र राठौर को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. सुरेंद्र सिंह एवं रीवा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बुद्धसेन पटेल ने राठौर को शाल, श्रीफल और स्मृतिचिंह देकर सम्मानित किया। कुलसचिव डा. सिंह ने कहा, राठौर विगत 45 सालों से फोटोग्राफी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे है, जो अपने आप में एक मिसाल है। आपने फोटोग्राफी को देश की सीमाओं से बाहर विदेशों तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई और इसी कारण राठौर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पुरस्कार मिले हैं। आपने मध्यप्रदेश का नाम विदेशों में भी रोशन किया है। राठौर की अपने काम के प्रति लगन हम सभी को प्रेरणा देती है। युवा फोटोग्राफरों को राठौर से कई गुण सिखना चाहिए। इस अवसर पर महासंघ के पदाधिकारियों के साथ ही बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे। सम्मान मिलने पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर डा. रेणु जैन, कुलसचिव अजय वर्मा, कर्मचारी संघ के चैनसिंह यादव, रमेश कुशवाह, दीपक सोलंकी, सोहेल परवेज, हनुमान सिंह रघुवंशी, प्यारेलाल नकसवाल ने राठौर को बधाई दी।
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कुछ ही दिन पहले उन्हें लेंस माइस्ट्रो के संस्थापक गुरुदास दुआ द्वारा ‘एस्थीट ऑफ लेंस माइस्ट्रो ग्रुप’ की महत्वपूर्ण डिग्री भी प्रदान की गई। पिक्टोरियल कैटेगरी में चुने गए उनके पोर्टफोलियो ‘रेजिलिएंट ब्लिस’ पर अपनी टिप्पणी देते हुए संस्था ने कहा, ये छायाचित्र मालवा के ग्रामीण परिवेश को दर्शाते हैं जिनमें महसूस किया जा सकता है कि ये समुदाय किस तरह जमीन से गहरे तक जुड़े हुए हैं। उनकी मासूमियत उन चुनौतियों को छिपा लेती है जिनसे ये परिवार जूझते रहते हैं। इन चुनौतियों के बावजूद उनके मन प्रफुल्लित रहते हैं, एक ऐसे समुदाय के तानेबाने में गुंथे हुए जो साधारण क्षणों में खुशी ढूंढ लेता है और सामूहिक प्रयासों में मजबूत होता है।
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राठौर का रीवा विश्वविद्यालय में सम्मान
अखिल भारतीय विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ, नई दिल्ली का अखिल भारतीय सम्मेलन अवधेश प्रतापसिंह विश्वविद्यालय, रीवा में आयोजित किया गया। सम्मेलन में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के पूर्व फोटोग्राफर महेन्द्र राठौर को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. सुरेंद्र सिंह एवं रीवा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बुद्धसेन पटेल ने राठौर को शाल, श्रीफल और स्मृतिचिंह देकर सम्मानित किया। कुलसचिव डा. सिंह ने कहा, राठौर विगत 45 सालों से फोटोग्राफी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे है, जो अपने आप में एक मिसाल है। आपने फोटोग्राफी को देश की सीमाओं से बाहर विदेशों तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई और इसी कारण राठौर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पुरस्कार मिले हैं। आपने मध्यप्रदेश का नाम विदेशों में भी रोशन किया है। राठौर की अपने काम के प्रति लगन हम सभी को प्रेरणा देती है। युवा फोटोग्राफरों को राठौर से कई गुण सिखना चाहिए। इस अवसर पर महासंघ के पदाधिकारियों के साथ ही बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे। सम्मान मिलने पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर डा. रेणु जैन, कुलसचिव अजय वर्मा, कर्मचारी संघ के चैनसिंह यादव, रमेश कुशवाह, दीपक सोलंकी, सोहेल परवेज, हनुमान सिंह रघुवंशी, प्यारेलाल नकसवाल ने राठौर को बधाई दी।
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