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Indore News: क्या इंदौर बनेगा अगला स्टार्टअप हब? आईएमए कॉन्क्लेव में दिग्गजों ने खोले राज
Thu, 26 Feb 2026 11:05 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Thu, 26 Feb 2026 11:05 PM IST
सार
Indore News: IMA द्वारा इंटरनेशनल मैनेजमेंट कॉन्क्लेव का शुभारंभ ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुआ। कार्यक्रम में उद्योग जगत के दिग्गजों ने युवाओं को नवाचार, ब्रांडिंग और मजबूत टीम निर्माण के गुर सिखाए।
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सीएस प्रकल्प जैन ने निवेश की बारीकियों को समझाया।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन यानी आईएमए ने अपने प्रतिष्ठित 33वें इंटरनेशनल मैनेजमेंट कॉन्क्लेव के तहत स्टार्टअप समवर्धन 3.0 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस वर्ष के कॉन्क्लेव का मुख्य विषय इनोवेटिंग इंडिया: स्वदेशी, स्वाभाविक, स्वनिर्मित रखा गया है। इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य युवा पीढ़ी को स्वयं का व्यवसाय आरंभ करने हेतु प्रेरित करना और स्टार्टअप संस्कृति को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, युवा प्रोफेशनल्स, नवोदित उद्यमियों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह आयोजन विचारों के आदान-प्रदान, नई सीख प्राप्त करने और नेटवर्किंग के लिए एक बेहतरीन मंच साबित हुआ जिससे प्रतिभागियों को अपने आइडिया को सफल बिजनेस मॉडल में बदलने की समझ मिली।
अनुभवी वक्ताओं ने साझा किए सफलता के मंत्र
कॉन्क्लेव के दौरान विभिन्न सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने अपने अनुभवों से युवाओं का मार्गदर्शन किया। अमित सिंघल ने सतत विकास के लिए क्लीन कैप टेबल और मजबूत निवेशकों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने टियर-2 शहरों से इंडिकॉर्न्स विकसित करने और स्टार्टअप्स को शुरुआती स्तर पर नेटवर्क सहायता प्रदान करने का सुझाव दिया। वहीं ईशा नागर ने ब्रांडिंग के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह केवल विज्ञापन नहीं बल्कि दीर्घकालिक विश्वास है। उन्होंने उपभोक्ता निर्णयों में भावनात्मक जुड़ाव को प्राथमिकता देते हुए वास्तविक प्रगति के लिए लाइफ दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। कीर्ति सिंह ने प्रभावशाली स्टोरीटेलिंग के माध्यम से ब्रांड की पहचान बनाने पर जोर दिया ताकि स्टार्टअप्स शुरू से ही एक मजबूत नैरेटिव के साथ बाजार में उतर सकें।
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उद्यमिता की बारीकियों पर विशेषज्ञों का जोर रहा
तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए नरेंद्र सेन ने अवलोकन कौशल विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को सही परिस्थितियों की प्रतीक्षा करने के बजाय छोटी शुरुआत करनी चाहिए और वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। प्रकल्प जैन ने केवल वैल्यूएशन के पीछे भागने के बजाय स्पष्ट उद्देश्य के साथ निर्माण करने पर बल दिया। उनके अनुसार मजबूत बुनियादी सिद्धांत, तकनीकी गहराई और अनुशासित क्रियान्वयन ही सफलता का आधार हैं। उन्होंने टीम निर्माण को उद्यमिता की असली कुंजी बताया। कार्यक्रम में आशुतोष अग्रवाल, ईशानी माहेश्वरी, स्वाति जैन, प्रखर सिंह, गोविंद अग्रवाल और प्रखर जैन जैसे अन्य गणमान्य अतिथि भी सम्मिलित हुए।
निवेशकों से सीधे संवाद का अवसर मिला
आयोजन के दौरान बिजनेस प्लान प्रतियोगिता, आइडियाबाज, प्रोडक्ट मार्केट फिट और बिल्डिंग फॉर भारत जैसी विविध गतिविधियां आयोजित की गईं। इन सत्रों में प्रतिभागियों को अमित सिंघल, शशिकांत चौधरी और सीए विजय सिंह राठौड़ जैसे निवेशकों से सीधे संवाद करने का दुर्लभ अवसर प्राप्त हुआ। इन गतिविधियों से न केवल प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ा बल्कि उन्हें अपने व्यावसायिक विचारों को परिष्कृत करने का मौका भी मिला। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा और उन्हें पुरस्कृत करने का कार्य सम्मेलन के समापन दिवस यानी 28 फरवरी को किया जाएगा।
युवा उद्यमियों के लिए नई ऊर्जा का संचार
स्टार्टअप समवर्धन 3.0 केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न रहकर नई सोच और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने वाला एक जीवंत मंच बनकर उभरा। सभी प्रतिभागी इस सत्र के बाद नई ऊर्जा और भविष्य के प्रति स्पष्ट सोच लेकर लौटे हैं।
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अनुभवी वक्ताओं ने साझा किए सफलता के मंत्र
कॉन्क्लेव के दौरान विभिन्न सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने अपने अनुभवों से युवाओं का मार्गदर्शन किया। अमित सिंघल ने सतत विकास के लिए क्लीन कैप टेबल और मजबूत निवेशकों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने टियर-2 शहरों से इंडिकॉर्न्स विकसित करने और स्टार्टअप्स को शुरुआती स्तर पर नेटवर्क सहायता प्रदान करने का सुझाव दिया। वहीं ईशा नागर ने ब्रांडिंग के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह केवल विज्ञापन नहीं बल्कि दीर्घकालिक विश्वास है। उन्होंने उपभोक्ता निर्णयों में भावनात्मक जुड़ाव को प्राथमिकता देते हुए वास्तविक प्रगति के लिए लाइफ दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। कीर्ति सिंह ने प्रभावशाली स्टोरीटेलिंग के माध्यम से ब्रांड की पहचान बनाने पर जोर दिया ताकि स्टार्टअप्स शुरू से ही एक मजबूत नैरेटिव के साथ बाजार में उतर सकें।
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उद्यमिता की बारीकियों पर विशेषज्ञों का जोर रहा
तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए नरेंद्र सेन ने अवलोकन कौशल विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को सही परिस्थितियों की प्रतीक्षा करने के बजाय छोटी शुरुआत करनी चाहिए और वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। प्रकल्प जैन ने केवल वैल्यूएशन के पीछे भागने के बजाय स्पष्ट उद्देश्य के साथ निर्माण करने पर बल दिया। उनके अनुसार मजबूत बुनियादी सिद्धांत, तकनीकी गहराई और अनुशासित क्रियान्वयन ही सफलता का आधार हैं। उन्होंने टीम निर्माण को उद्यमिता की असली कुंजी बताया। कार्यक्रम में आशुतोष अग्रवाल, ईशानी माहेश्वरी, स्वाति जैन, प्रखर सिंह, गोविंद अग्रवाल और प्रखर जैन जैसे अन्य गणमान्य अतिथि भी सम्मिलित हुए।
निवेशकों से सीधे संवाद का अवसर मिला
आयोजन के दौरान बिजनेस प्लान प्रतियोगिता, आइडियाबाज, प्रोडक्ट मार्केट फिट और बिल्डिंग फॉर भारत जैसी विविध गतिविधियां आयोजित की गईं। इन सत्रों में प्रतिभागियों को अमित सिंघल, शशिकांत चौधरी और सीए विजय सिंह राठौड़ जैसे निवेशकों से सीधे संवाद करने का दुर्लभ अवसर प्राप्त हुआ। इन गतिविधियों से न केवल प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ा बल्कि उन्हें अपने व्यावसायिक विचारों को परिष्कृत करने का मौका भी मिला। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा और उन्हें पुरस्कृत करने का कार्य सम्मेलन के समापन दिवस यानी 28 फरवरी को किया जाएगा।
युवा उद्यमियों के लिए नई ऊर्जा का संचार
स्टार्टअप समवर्धन 3.0 केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न रहकर नई सोच और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने वाला एक जीवंत मंच बनकर उभरा। सभी प्रतिभागी इस सत्र के बाद नई ऊर्जा और भविष्य के प्रति स्पष्ट सोच लेकर लौटे हैं।
