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Indore News: जर्मन कंपनियों का दौरा, उज्जैन-इंदौर में होगे इनोवेशन से जुड़े बड़े निवेश
Wed, 20 Aug 2025 10:43 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 20 Aug 2025 10:43 PM IST
सार
Indore News: जर्मनी की अग्रणी टेक कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल उज्जैन और इंदौर पहुंचा, जहां उन्होंने आईआईटी इंदौर के डिजिटल हेल्थकेयर सेंटर, इनोवेशन स्टार्टअप्स और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया।
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जर्मन प्रतिनिधिमंडल
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के निरंतर प्रयासों का असर बुधवार को उज्जैन और इंदौर में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। ‘मध्यप्रदेश ग्लोबल इनोवेशन प्रोग्राम 2025’ के तीसरे दिन जर्मनी की पांच अग्रणी टेक कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी इंदौर, चरक सेन्टर फॉर डिजिटल हेल्थ केयर का भ्रमण किया और उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड में स्थानीय उद्यमियों, स्टार्टअप्स से संवाद किया।
22 अगस्त तक चलेगा दौरा
प्रतिनिधिमंडल का दौरा एमपीआईडीसी के नेतृत्व में जीआईआईसी एवं आईएम ग्लोबल के सहयोग से हो रहा है। यह दौरा 22 अगस्त तक इंदौर और भोपाल में जारी रहेगा। प्रतिनिधि मंडल की तीसरे दिवस दिन की शुरुआत आईआईटी इंदौर के चरक सेन्टर फॉर डिजिटल हेल्थ केयर के अनुभवात्मक दौरे से हुई। इस दौरान आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन और उनके स्टार्टअप कार्यों का परिचय दिया गया। इसके बाद डिजिटल हेल्थकेयर टेक्नोलॉजीज का प्रदर्शन किया गया। साथ ही इंटेलिजेंट मैन्यूफैक्चरिंग सेंटर का भ्रमण भी हुआ।
युवा उद्यमियों से हुआ संवाद
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल उज्जैन पहुंचा, उज्जैन स्मार्ट सिटी कार्यालय में आयोजित सत्रों में प्रतिनिधिमंडल ने पहले स्थानीय उद्योगपतियों एवं HNIs से बैठक की। इस दौरान निवेश और संभावित साझेदारियों के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही उज्जैन आधारित टेक स्टार्टअप्स के साथ विशेष इंटरैक्शन हुआ, जिसमें युवा उद्यमियों ने अपने नवाचारपूर्ण उत्पाद एवं समाधानों का प्रदर्शन किया। उज्जैन स्मार्ट सिटी में आयोजित राउंड टेबल मीटिंग में आयुक्त स्मार्ट सिटी अभिलाष मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप शिवा सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्यमी उपस्थित रहे। "आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स एंड सिंहस्थ-2028" सत्र में प्रतिनिधिमंडल एवं स्थानीय उद्यमियों ने चर्चा के दौरान यह जाना कि एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्मार्ट समाधान आगामी सिंहस्थ 2028 को एक वैश्विक आयोजन के रूप में प्रस्तुत करने में कैसे योगदान दे सकते हैं। इस अवसर पर स्मार्ट मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण, रियल टाइम डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे विषयों पर विस्तृत संवाद हुआ।
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एआई पर हुई विशेष चर्चा
बैठक के दौरान स्मार्ट सिटी के लिए इनोवेटिव समाधान, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित रिप्लेसमेंट एजेन्ट्स पर गहन चर्चा हुई। इस अवसर पर एआई और टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स की सक्रिय भागीदारी ने स्थानीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को नई दिशा प्रदान की। लेक्सीनेक्सी एआई, मिलेट आईटी, एमआर सॉफ्ट प्रा.लि. जैसे स्थानीय उद्यम अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों एवंजर्मन डेलीगेशन के साथसाझेदारी व सहयोग के अवसर तलाश रहे हैं। यह पहल उज्जैन को ग्लोबल इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
उज्जैन बनेगा सस्टेनेबल डेवलपमेंट का केंद्र
इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक एमपीआईडीसी राजेश राठौड़ एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप शिवा ने अपने संबोधन में कहा कि महाकुंभ प्रोजेक्ट को आधुनिक तकनीकी समाधानों के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि उज्जैन शीघ्र ही सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट और स्मार्ट टेक्नोलॉजी एडॉप्शन का अग्रणी केंद्र बनेगा। आईएम ग्लोबल के संस्थापक सी.के. तिवारी ने कहा कि नए व्यवसायों की चुनौतियों का समाधान केवल रिसर्च-ड्रिवन अप्रोच और ग्लोबल कोलैबोरेशन से ही संभव है। उन्होंने स्टार्टअप्स को अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी और प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाजारों में सफलता के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
जर्मनी की टीम ने किए मंदिरों के दर्शन
जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने उज्जैन प्रवास के दौरान सर्वप्रथम महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजनकर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। इसके बाद मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के क्षेत्रीय कार्यालय उज्जैन का दौरा किया, जहां कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ ने उनका स्वागत किया। बैठक के दौरान मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल को राज्य में विकसित हो रहे नवीन औद्योगिक ढांचे, प्रौद्योगिकी आधारित पारिस्थितिकी तंत्र तथा सरकार द्वारा निवेशकों को प्रदत्त सुगम और पारदर्शी नीतिगत वातावरण की जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल को विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड की औद्योगिक परियोजनाओं और उज्जैन में उभरते निवेश अवसरों से भी अवगत कराया गया। यह संवाद भारत-जर्मनी के मध्य औद्योगिक सहयोग और भविष्य की साझेदारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
जर्मन टीम ने की उज्जैन दौरे की तारीफ
जर्मन कंपनी टाइलर्स, हैलोनिक, स्टेक्स, क्यू-कनेक्ट-एजी और क्लाउड-स्क्विड के प्रतिनिधि मंडल ने अपनी प्रतिक्रिया में उज्जैन दौरे को अत्यंत सार्थक बताया। उनका मानना था कि उद्योग और अध्यात्म का यह अनूठा संगम है। एआई एवं टेक्नोलॉजी के जरिए वैश्विक आयोजन ‘सिंहस्थ-2028’ की तैयारियां मध्यप्रदेश की प्रगतिशील सोच और नवाचार क्षमता का प्रमाण हैं।
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22 अगस्त तक चलेगा दौरा
प्रतिनिधिमंडल का दौरा एमपीआईडीसी के नेतृत्व में जीआईआईसी एवं आईएम ग्लोबल के सहयोग से हो रहा है। यह दौरा 22 अगस्त तक इंदौर और भोपाल में जारी रहेगा। प्रतिनिधि मंडल की तीसरे दिवस दिन की शुरुआत आईआईटी इंदौर के चरक सेन्टर फॉर डिजिटल हेल्थ केयर के अनुभवात्मक दौरे से हुई। इस दौरान आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन और उनके स्टार्टअप कार्यों का परिचय दिया गया। इसके बाद डिजिटल हेल्थकेयर टेक्नोलॉजीज का प्रदर्शन किया गया। साथ ही इंटेलिजेंट मैन्यूफैक्चरिंग सेंटर का भ्रमण भी हुआ।
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युवा उद्यमियों से हुआ संवाद
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल उज्जैन पहुंचा, उज्जैन स्मार्ट सिटी कार्यालय में आयोजित सत्रों में प्रतिनिधिमंडल ने पहले स्थानीय उद्योगपतियों एवं HNIs से बैठक की। इस दौरान निवेश और संभावित साझेदारियों के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही उज्जैन आधारित टेक स्टार्टअप्स के साथ विशेष इंटरैक्शन हुआ, जिसमें युवा उद्यमियों ने अपने नवाचारपूर्ण उत्पाद एवं समाधानों का प्रदर्शन किया। उज्जैन स्मार्ट सिटी में आयोजित राउंड टेबल मीटिंग में आयुक्त स्मार्ट सिटी अभिलाष मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप शिवा सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्यमी उपस्थित रहे। "आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स एंड सिंहस्थ-2028" सत्र में प्रतिनिधिमंडल एवं स्थानीय उद्यमियों ने चर्चा के दौरान यह जाना कि एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्मार्ट समाधान आगामी सिंहस्थ 2028 को एक वैश्विक आयोजन के रूप में प्रस्तुत करने में कैसे योगदान दे सकते हैं। इस अवसर पर स्मार्ट मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण, रियल टाइम डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे विषयों पर विस्तृत संवाद हुआ।
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एआई पर हुई विशेष चर्चा
बैठक के दौरान स्मार्ट सिटी के लिए इनोवेटिव समाधान, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित रिप्लेसमेंट एजेन्ट्स पर गहन चर्चा हुई। इस अवसर पर एआई और टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स की सक्रिय भागीदारी ने स्थानीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को नई दिशा प्रदान की। लेक्सीनेक्सी एआई, मिलेट आईटी, एमआर सॉफ्ट प्रा.लि. जैसे स्थानीय उद्यम अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों एवंजर्मन डेलीगेशन के साथसाझेदारी व सहयोग के अवसर तलाश रहे हैं। यह पहल उज्जैन को ग्लोबल इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
उज्जैन बनेगा सस्टेनेबल डेवलपमेंट का केंद्र
इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक एमपीआईडीसी राजेश राठौड़ एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप शिवा ने अपने संबोधन में कहा कि महाकुंभ प्रोजेक्ट को आधुनिक तकनीकी समाधानों के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि उज्जैन शीघ्र ही सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट और स्मार्ट टेक्नोलॉजी एडॉप्शन का अग्रणी केंद्र बनेगा। आईएम ग्लोबल के संस्थापक सी.के. तिवारी ने कहा कि नए व्यवसायों की चुनौतियों का समाधान केवल रिसर्च-ड्रिवन अप्रोच और ग्लोबल कोलैबोरेशन से ही संभव है। उन्होंने स्टार्टअप्स को अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी और प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाजारों में सफलता के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
जर्मनी की टीम ने किए मंदिरों के दर्शन
जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने उज्जैन प्रवास के दौरान सर्वप्रथम महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजनकर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। इसके बाद मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के क्षेत्रीय कार्यालय उज्जैन का दौरा किया, जहां कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ ने उनका स्वागत किया। बैठक के दौरान मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल को राज्य में विकसित हो रहे नवीन औद्योगिक ढांचे, प्रौद्योगिकी आधारित पारिस्थितिकी तंत्र तथा सरकार द्वारा निवेशकों को प्रदत्त सुगम और पारदर्शी नीतिगत वातावरण की जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल को विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड की औद्योगिक परियोजनाओं और उज्जैन में उभरते निवेश अवसरों से भी अवगत कराया गया। यह संवाद भारत-जर्मनी के मध्य औद्योगिक सहयोग और भविष्य की साझेदारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
जर्मन टीम ने की उज्जैन दौरे की तारीफ
जर्मन कंपनी टाइलर्स, हैलोनिक, स्टेक्स, क्यू-कनेक्ट-एजी और क्लाउड-स्क्विड के प्रतिनिधि मंडल ने अपनी प्रतिक्रिया में उज्जैन दौरे को अत्यंत सार्थक बताया। उनका मानना था कि उद्योग और अध्यात्म का यह अनूठा संगम है। एआई एवं टेक्नोलॉजी के जरिए वैश्विक आयोजन ‘सिंहस्थ-2028’ की तैयारियां मध्यप्रदेश की प्रगतिशील सोच और नवाचार क्षमता का प्रमाण हैं।
