{"_id":"69e1c3fdad35ab906d0bd2ea","slug":"indore-news-forest-department-to-plant-over-3-lakh-saplings-in-monsoon-2026-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: 15 जून से लगेंगे 3 लाख पौधे, औषधीय प्रजातियों पर जोर, इंदौर के जंगलों में छाएगी हरियाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: 15 जून से लगेंगे 3 लाख पौधे, औषधीय प्रजातियों पर जोर, इंदौर के जंगलों में छाएगी हरियाली
Sat, 18 Apr 2026 05:37 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Sat, 18 Apr 2026 05:37 AM IST
सार
Indore News: इंदौर वन विभाग ने इस मानसून सीजन में इंदौर, मानपुर और महू के जंगलों में 3 लाख से अधिक पौधे लगाने की योजना बनाई है, जिसमें दुर्लभ और औषधीय प्रजातियां भी शामिल रहेंगी।
विज्ञापन
इंदौर के आसपास के जंगल।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर और इसके आसपास के वन क्षेत्रों को हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग ने कमर कस ली है। विभाग की योजना के अनुसार इस वर्ष इंदौर, मानपुर और महू के जंगलों में 3 लाख से अधिक नए पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने आगामी मानसून सत्र की तैयारियों को लेकर अमर उजाला के साथ विस्तृत जानकारी साझा की।
यह भी पढ़ें...
Indore News: 40 डिग्री पार पहुंचा पारा, अस्पतालों में बढ़े हीट स्ट्रोक के मरीज, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
पौधरोपण के लिए तैयारियां पूर्ण
वन मंडल अधिकारी इंदौर (डीएफओ) लाल सुधाकर सिंह ने अमर उजाला को बातचीत में बताया कि जंगलों में पौधरोपण के लिए आवश्यक गड्ढे खोदने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। विभाग को शासकीय नर्सरी से पर्याप्त संख्या में पौधे भी प्राप्त हो चुके हैं। इस अभियान के तहत विभिन्न रेंज में कुल 1 लाख 85 हजार पौधे सीधे तौर पर लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, प्रतिस्थापन प्रक्रिया या कैजुअल्टी सुधार के अंतर्गत 82 हजार पौधे लगाए जाएंगे, जिनमें पूर्व में लगाए गए कमजोर या मृत पौधों के स्थान पर नए पौधे रोपे जाते हैं। अभियान के अंतिम चरण में 60 हजार अन्य पौधे भी लगाए जाने की योजना है। पारंपरिक वृक्षारोपण के साथ-साथ सागौन जैसे पेड़ों को कलम के माध्यम से लगाने की विशेष प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
विज्ञापन
15 जून से शुरू होगा अभियान
पौधरोपण की शुरुआत मानसून की पहली बारिश के साथ ही कर दी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि 15 जून के आसपास इंदौर में एक-दो अच्छी बारिश होने के बाद मौसम में ठंडक आएगी, जिसके तुरंत बाद यह कार्य प्रारंभ हो जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह तक रोपण का अधिकांश कार्य पूर्ण कर लिया जाए।
दुर्लभ और औषधीय प्रजातियों पर जोर
इस वर्ष के अभियान की खास बात यह है कि नियमित प्रजातियों के साथ-साथ दुर्लभ प्रजातियों के पौधों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पर्यावरण वानिकी विभाग की नर्सरी में पौधे तैयार हो चुके हैं और संबंधित अधिकारियों को उनकी रेंज के अनुसार जिम्मेदारी सौंप दी गई है। लगाए जाने वाले पौधों में मुख्य रूप से पीपल, सागौन, जामुन, सीताफल, महुआ, आंवला, बांस, नीम, जंगलजलेबी, चिरोल, हर्रा, बहेड़ा, गूलर, कुसुम और अमलतास शामिल हैं। इनके अलावा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए संकटकालीन दुर्लभ प्रजाति के औषधीय पौधों का रोपण भी बड़े स्तर पर किया जाएगा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें...
Indore News: 40 डिग्री पार पहुंचा पारा, अस्पतालों में बढ़े हीट स्ट्रोक के मरीज, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
विज्ञापन
पौधरोपण के लिए तैयारियां पूर्ण
वन मंडल अधिकारी इंदौर (डीएफओ) लाल सुधाकर सिंह ने अमर उजाला को बातचीत में बताया कि जंगलों में पौधरोपण के लिए आवश्यक गड्ढे खोदने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। विभाग को शासकीय नर्सरी से पर्याप्त संख्या में पौधे भी प्राप्त हो चुके हैं। इस अभियान के तहत विभिन्न रेंज में कुल 1 लाख 85 हजार पौधे सीधे तौर पर लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, प्रतिस्थापन प्रक्रिया या कैजुअल्टी सुधार के अंतर्गत 82 हजार पौधे लगाए जाएंगे, जिनमें पूर्व में लगाए गए कमजोर या मृत पौधों के स्थान पर नए पौधे रोपे जाते हैं। अभियान के अंतिम चरण में 60 हजार अन्य पौधे भी लगाए जाने की योजना है। पारंपरिक वृक्षारोपण के साथ-साथ सागौन जैसे पेड़ों को कलम के माध्यम से लगाने की विशेष प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
विज्ञापन
15 जून से शुरू होगा अभियान
पौधरोपण की शुरुआत मानसून की पहली बारिश के साथ ही कर दी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि 15 जून के आसपास इंदौर में एक-दो अच्छी बारिश होने के बाद मौसम में ठंडक आएगी, जिसके तुरंत बाद यह कार्य प्रारंभ हो जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह तक रोपण का अधिकांश कार्य पूर्ण कर लिया जाए।
दुर्लभ और औषधीय प्रजातियों पर जोर
इस वर्ष के अभियान की खास बात यह है कि नियमित प्रजातियों के साथ-साथ दुर्लभ प्रजातियों के पौधों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पर्यावरण वानिकी विभाग की नर्सरी में पौधे तैयार हो चुके हैं और संबंधित अधिकारियों को उनकी रेंज के अनुसार जिम्मेदारी सौंप दी गई है। लगाए जाने वाले पौधों में मुख्य रूप से पीपल, सागौन, जामुन, सीताफल, महुआ, आंवला, बांस, नीम, जंगलजलेबी, चिरोल, हर्रा, बहेड़ा, गूलर, कुसुम और अमलतास शामिल हैं। इनके अलावा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए संकटकालीन दुर्लभ प्रजाति के औषधीय पौधों का रोपण भी बड़े स्तर पर किया जाएगा।
