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Indore News: गौरैया बचाने के लिए इंदौर में उठाया अनोखा कदम, 500 पक्षी निलय लगाए जाएंगे

Thu, 20 Mar 2025 04:02 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला ,इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ,इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Thu, 20 Mar 2025 04:02 PM IST
सार

Indore News: इंदौर में गौरैया पक्षी की घटती संख्या को देखते हुए "मालवमंथन" संस्था ने विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर 500 पक्षी निलय लगाने की अनूठी पहल शुरू की। 

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Indore News Efforts to Save Sparrows in Indore, 500 Bird Nests to Be Installed
Indore News - फोटो : अमर उजाला, इंदौर

विस्तार

पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, आधुनिक शहरीकरण और बढ़ते प्रदूषण के कारण गौरैया पक्षी विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी है। एक समय था जब गौरैया की चहचहाहट से सुबह की शुरुआत होती थी, लेकिन अब यह आवाज सुनाई नहीं देती। गौरैया एक ऐसी पक्षी है जो मनुष्य के आसपास रहना पसंद करती है। इसकी संख्या में लगातार आ रही कमी एक चेतावनी है कि प्रदूषण और रेडिएशन प्रकृति और मानव जीवन पर कितना गंभीर प्रभाव डाल रहे हैं। गौरैया पृथ्वी पर सबसे आम और प्राचीन पक्षी प्रजातियों में से एक है, जो सदियों से हमारे पर्यावरण और संस्कृति का हिस्सा रही है।

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गौरैया का सांस्कृतिक और पारिस्थितिक महत्व

भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में गौरैया पक्षी की संख्या तेजी से घट रही है। यह पक्षी कई संस्कृतियों में सादगी, खुशी और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। गौरैया का महत्व केवल पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव संस्कृति, परंपराओं और लोककथाओं में भी गहरी पैठ रखती है। कभी यह पक्षी घरों की मुंडेरों, आंगनों और बगीचों में आमतौर पर दिखता था, लेकिन अब यह बहुत कम नजर आता है। इसका अस्तित्व खतरे में पड़ गया है, और कहीं-कहीं तो यह पूरी तरह से लुप्त होती जा रही है।

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गौरैया को बचाने के लिए आवश्यक कदम

गौरैया प्राकृतिक रूप से उन्हीं स्थानों पर जीवित रह सकती है जहां उसे अनुकूल पर्यावरण मिले, विशेषकर देशी पौधों वाले क्षेत्र। यदि हम चाहते हैं कि यह नन्हा परिंदा वापस लौटे, तो हमें अपने घरों और बगीचों में ऐसे पौधे लगाने चाहिए जो गौरैया के अनुकूल हों। इसके अलावा, हमें पक्षियों के लिए घोंसले (पक्षी निलय) उपलब्ध कराने और भोजन-पानी की व्यवस्था करने जैसे प्रयास करने चाहिए। पर्यावरणविद स्वप्निल व्यास का कहना है कि गौरैया संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके लिए ठोस कदम उठाने की सख्त जरूरत है।

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विश्व गौरैया दिवस पर विशेष पहल

गौरैया के संरक्षण के लिए पिछले कुछ वर्षों से विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर "मालवमंथन" संस्था द्वारा पक्षी निलय लगाने का अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष भी बटुकेश्वर दत्त उद्यान, साऊथ राज मोहल्ला, इंदौर में पक्षी निलय स्थापित कर आगामी दिनों में 500 निलय लगाने की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का संचालन संयोजक आभा उपाध्याय ने किया और आभार एन.के. उपाध्याय ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विजया रघुवंशी, राकेश ओझा, संपत प्रजापत, आरती शर्मा, अनिता जोशी और लक्ष्मी गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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