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Indore News: कचरा संग्रहण और छंटाई बना सूरत का टर्निंग पाइंट, कमजोरी को ताकत बना इंदौर से की बराबरी
Fri, 12 Jan 2024 07:34 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Fri, 12 Jan 2024 07:34 PM IST
सार
सूरत मेयर दक्षेश ने कहा कि स्वच्छता रैंकिंग के लिए सबसे पहला कदम हमारा कमजोर रहता था। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और सेग्रीगेशन में लोगों की जागरुकता की कमी के कारण सूरत बेहतर नहीं कर पाता था
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देश के सबसे साफ शहरों में इंदौर के साथ सूरत।
- फोटो : amar ujala digital
विस्तार
इस बार इंदौर के साथ ही सूरत ने भी देश में स्वच्छता में पहला स्थान पाया है। राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में इंदौर लगातार सातवीं बार नंबर वन रहा और सूरत पहली बार संयुक्त रूप से यह मुकाम पाने में सफल रहा। पिछले स्वच्छता रैंकिंग यानी 2022 में काफी कम अंकों से पिछड़े सूरत ने इस बार अपनी कमजोरी को ताकत बनाया और इंदौर के करीब आ गया।
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इंदौर के साथ स्वच्छता रैंकिंग में पहले स्थान पर आने वाले सूरत के मेयर दक्षेश मेवानी ने शुक्रवार को उजाला से विशेष चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस तरह सूरत ने इंदौर की बराबरी की। दक्षेश ने कहा कि स्वच्छता रैंकिंग के लिए सबसे पहला कदम हमारा कमजोर रहता था। घर घर कचरा संग्रहण और कचरे की घर से छंटाई में लोगों की जागरूकता की कमी के कारण सूरत बेहतर नहीं कर पाता था।
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रहवासी संघों को गोद लिया
सूरत के मेयर मेवानी ने बताया कि पिछले साल हमने सूरत के 30 वार्डों के रहवासी संघों को पार्षदों और अफसरों ने गोद दिया और वहां लगातार बैठकें, जागरूकता रैलियों से सफाई को जन आंदोलन बनाया। पिछली बार सूरत की कचरा मुक्त शहर में फाइव स्टार रेटिंग थी, इस बार सेवन स्टार रेटिंग हासिल की। इस साल स्वच्छ भारत मिशन ने 'वेस्ट टू वेल्थ' की थीम रखी थी।
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इस तरह सूरत ने ज्यादा अंक पाए
मेवानी ने बताया कि छह तरीके से कचरा कलेक्शन में सूरत ने इंदौर से ज्यादा अंक पाए। इंदौर को इस श्रेणी में 98.13 प्रतिशत अंक मिले तो सूरत ने 98.38 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। गार्बेज फ्री सिटी में दोनों शहरों की सेवन स्टार रेटिंग प्राप्त की। मेयर मेवानी का कहना है कि हमने कचरे के रिसाइकल और रियूज के लिए प्लांट लगाए हैं। गीले कचरे से सीएनजी का प्लांट इस साल शुरू हो जाएगा। इस साल भी स्वच्छता रैंकिंग में हमारा दावा मजबूत रहेगा।
सूरत की बदली तस्वीर
- इंदौर की तरह जीरो डस्टबिन सिटी बनाया, कचरा सड़कों पर नजर नहीं आता।
- सूरत में भी इंदौर की तरह अलग-अलग छह तरीके से कचरा संग्रहित होता है और सीधे प्रोसेसिंग प्लांट तक जाता है।
- शहर की सड़कों, चौराहों पर वॉल पेटिंग, सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सफाई होती है।
- कचरे के रियूज के लिए अलग-अलग प्लांट लगाए गए है।
