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Indore News: सिलेंडर में कम आ रही गैस, तोलकर लेने पर धमका रहे एजेंसी वाले
Sat, 27 Jun 2026 07:02 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Sat, 27 Jun 2026 07:02 AM IST
सार
उपभोक्ता का दावा है कि शिकायत करने पर एजेंसी संचालक ने समाधान करने के बजाय अपनी ऊंची सेटिंग होने का धौंस दिखाते हुए धमकी दी, जिसके बाद इस पूरे मामले की लिखित शिकायत खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से की गई है।
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Indore News
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर के स्कीम नंबर 71 में घरेलू गैस सिलेंडर में तय मात्रा से कम गैस मिलने का एक नया मामला प्रकाश में आया है। यहां के एक निवासी ने एचपी कंपनी की सांई लक्ष्मी गैस एजेंसी पर सील पैक सिलेंडर में दो किलोग्राम से अधिक गैस कम देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित उपभोक्ता का कहना है कि जब उन्होंने इस गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराने के लिए एजेंसी संचालक से संपर्क किया, तो समस्या का समाधान करने के स्थान पर उन्हें धमकी दी गई। आरोप है कि संचालक ने कहा कि वह जहां चाहें शिकायत कर सकते हैं, क्योंकि उसकी सभी जगह सेटिंग है। इस दुर्व्यवहार और धोखाधड़ी के बाद पीड़ित उपभोक्ता ने मामले की लिखित शिकायत खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को सौंप दी है।
तौल के दौरान पकड़ी गई गैस की चोरी
स्कीम 71 के रहने वाले अरुण माहेश्वरी ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उनके निवास पर 20 जून को एचपी की सांई लक्ष्मी गैस एजेंसी के माध्यम से एक घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी की गई थी। यह गैस एजेंसी दशहरा मैदान के सामने महावर नगर में संचालित होती है और चिंटू राजौरिया इसका संचालक है। अरुण को सिलेंडर हाथ में लेते ही उसके वजन पर संदेह हुआ, जिसके कारण उन्होंने सील को तोड़े बिना ही उसका वजन करवाया। वजन करने पर कांटा 27.350 किलोग्राम पर आकर रुक गया। जबकि सिलेंडर की बनावट के अनुसार उस पर 14.400 किलोग्राम गैस और खाली टंकी का वजन 15.100 किलोग्राम स्पष्ट रूप से अंकित है। इस नियमानुसार सिलेंडर का कुल वजन 29.500 किलोग्राम होना अनिवार्य था, जिसका अर्थ यह है कि सिलेंडर में सीधे तौर पर करीब 2.150 किलोग्राम गैस कम पाई गई।
शिकायत करने पर उपभोक्ता को मिली धमकी
अरुण माहेश्वरी का आरोप है कि जब उन्होंने इस गड़बड़ी को लेकर गैस एजेंसी के आधिकारिक नंबर पर फोन किया और अपनी शिकायत दर्ज करानी चाही, तो शुरुआत में उन्हें सिलेंडर बदलकर दूसरा देने का आश्वासन दिया गया। इस पर उपभोक्ता ने कड़ा सवाल उठाया कि पूर्व में भी कई बार उन्हें कम गैस प्राप्त हुई है और यदि उपभोक्ताओं के साथ बार-बार इस प्रकार की धोखाधड़ी हो रही है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा। आरोप के मुताबिक इस सवाल से भड़ककर एजेंसी संचालक ने उपभोक्ता को सीधे शब्दों में कहा कि तुम्हें जहां भी शिकायत करनी है जाकर कर दो, मेरी ऊपर तक सब जगह सेटिंग है और मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
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खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से निष्पक्ष जांच की गुहार
एजेंसी संचालक के इस अड़ियल और धमकी भरे रवैये से क्षुब्ध होकर अरुण माहेश्वरी ने पूरे घटनाक्रम की औपचारिक शिकायत खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के उच्च अधिकारियों से की है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि इस गैस एजेंसी के स्टॉक और कार्यप्रणाली की आकस्मिक जांच की जाए। साथ ही आम उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन कर उन्हें कम गैस देने के इन गंभीर आरोपों की निष्पक्षता से जांच कर दोषी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषी एजेंसी पर क्या कार्रवाई सुनिश्चित करता है।
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तौल के दौरान पकड़ी गई गैस की चोरी
स्कीम 71 के रहने वाले अरुण माहेश्वरी ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उनके निवास पर 20 जून को एचपी की सांई लक्ष्मी गैस एजेंसी के माध्यम से एक घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी की गई थी। यह गैस एजेंसी दशहरा मैदान के सामने महावर नगर में संचालित होती है और चिंटू राजौरिया इसका संचालक है। अरुण को सिलेंडर हाथ में लेते ही उसके वजन पर संदेह हुआ, जिसके कारण उन्होंने सील को तोड़े बिना ही उसका वजन करवाया। वजन करने पर कांटा 27.350 किलोग्राम पर आकर रुक गया। जबकि सिलेंडर की बनावट के अनुसार उस पर 14.400 किलोग्राम गैस और खाली टंकी का वजन 15.100 किलोग्राम स्पष्ट रूप से अंकित है। इस नियमानुसार सिलेंडर का कुल वजन 29.500 किलोग्राम होना अनिवार्य था, जिसका अर्थ यह है कि सिलेंडर में सीधे तौर पर करीब 2.150 किलोग्राम गैस कम पाई गई।
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शिकायत करने पर उपभोक्ता को मिली धमकी
अरुण माहेश्वरी का आरोप है कि जब उन्होंने इस गड़बड़ी को लेकर गैस एजेंसी के आधिकारिक नंबर पर फोन किया और अपनी शिकायत दर्ज करानी चाही, तो शुरुआत में उन्हें सिलेंडर बदलकर दूसरा देने का आश्वासन दिया गया। इस पर उपभोक्ता ने कड़ा सवाल उठाया कि पूर्व में भी कई बार उन्हें कम गैस प्राप्त हुई है और यदि उपभोक्ताओं के साथ बार-बार इस प्रकार की धोखाधड़ी हो रही है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा। आरोप के मुताबिक इस सवाल से भड़ककर एजेंसी संचालक ने उपभोक्ता को सीधे शब्दों में कहा कि तुम्हें जहां भी शिकायत करनी है जाकर कर दो, मेरी ऊपर तक सब जगह सेटिंग है और मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
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खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से निष्पक्ष जांच की गुहार
एजेंसी संचालक के इस अड़ियल और धमकी भरे रवैये से क्षुब्ध होकर अरुण माहेश्वरी ने पूरे घटनाक्रम की औपचारिक शिकायत खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के उच्च अधिकारियों से की है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि इस गैस एजेंसी के स्टॉक और कार्यप्रणाली की आकस्मिक जांच की जाए। साथ ही आम उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन कर उन्हें कम गैस देने के इन गंभीर आरोपों की निष्पक्षता से जांच कर दोषी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषी एजेंसी पर क्या कार्रवाई सुनिश्चित करता है।
