फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore News: Central Education Minister Discusses Promotion of Regional Languages in Schools and Colleges

Indore News: स्कूल-कॉलेजों में हिंदी से मेडिकल-इंजीनियरिंग पढ़ाई, एआई तकनीक से बहुभाषीय कक्षाओं की तैयारी

Fri, 06 Jun 2025 07:48 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Fri, 06 Jun 2025 07:48 PM IST
सार

Indore News: बैठक में विद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों में भारतीय भाषाओं के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा देने, एआई जैसी तकनीक से बहुभाषीय कक्षाओं की संभावनाओं और हिंदी में मेडिकल, इंजीनियरिंग एवं कानून की पढ़ाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

विज्ञापन
Indore News: Central Education Minister Discusses Promotion of Regional Languages in Schools and Colleges
धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

इंदौर में शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद की परामर्शदात्री समिति की बैठक में भाग लिया। इस बैठक में विद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों में भारतीय भाषाओं के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा देने पर गंभीर चर्चा की गई। यह जानकारी अधिकारियों द्वारा दी गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय भाषाओं की भागीदारी बढ़ाने की संभावनाओं का मूल्यांकन करना था।

विज्ञापन


Indore Couple Missing News: राजा के परिजनों ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर की सीबीआई जांच की मांग

विज्ञापन

शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी समिति की दूसरी बैठक आयोजित
अधिकारियों ने बताया कि धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में संसद की परामर्शदात्री समिति की यह दूसरी बैठक थी, जो शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध है। बैठक में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार भी मौजूद रहे। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी ने जानकारी दी कि इस बैठक में विशेष रूप से भारतीय भाषाओं के उपयोग से शिक्षा को सुलभ और समावेशी बनाने पर विचार किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

एआई जैसी तकनीक से बहुभाषीय कक्षाओं की संभावना पर विचार
बैठक के दौरान यह सुझाव भी सामने आया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी आधुनिक तकनीकों की सहायता से ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म या कक्षाएं विकसित की जाएं, जहां विभिन्न भाषाएं बोलने वाले छात्र एक साथ पढ़ सकें। इसका उद्देश्य यह है कि भाषा की विविधता छात्रों के बीच अवरोध न बने, बल्कि तकनीक की मदद से इसे शिक्षा का साधन बनाया जा सके।

स्थानीय भाषाओं में पेशेवर शिक्षा को मिल रहा बढ़ावा
सचिव जोशी ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश समेत एक-दो अन्य राज्यों में मेडिकल की पढ़ाई अब हिन्दी में भी करवाई जा रही है। इसके अलावा, बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने भी कानूनी पाठ्यक्रमों की पढ़ाई हिन्दी में शुरू की है। उन्होंने आगे बताया कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने देश के लगभग 40 उच्च शिक्षा संस्थानों को स्थानीय भाषाओं में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराने की अनुमति दी है, जिससे छात्रों को मातृभाषा में तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed