फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   indore news : biometric attendance system fails in DAVV university departments

Indore News: डीएवीवी में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम ठप, 33 में से सिर्फ 7 विभागों में ही लग रही हाजिरी!

Sun, 05 Oct 2025 10:10 AM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Sun, 05 Oct 2025 10:10 AM IST
सार

Indore News: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) के तक्षशिला परिसर में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम केवल नाम के लिए रह गया है।

विज्ञापन
indore news : biometric attendance system fails in DAVV university departments
DAVV - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर

विस्तार

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) के तक्षशिला परिसर में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने का फैसला तो किया गया, लेकिन यह व्यवस्था केवल नाम मात्र की रह गई है। परिसर के 33 विभागों में से केवल छह से सात विभाग ही बायोमेट्रिक मशीनों के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। बाकी विभागों में या तो मशीनें लगाई ही नहीं गई हैं या फिर जो मशीनें लगी हैं, वे बंद पड़ी हैं। एक साल पहले यूटीडी के सभी विभागों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस को अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया था। मार्च में कार्यपरिषद की बैठक में कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंघई की अध्यक्षता में यह निर्णय दोहराया गया, ताकि छात्रों और स्टाफ की उपस्थिति में पारदर्शिता बनी रहे और यूजीसी द्वारा निर्धारित 75 प्रतिशत उपस्थिति नियम को सख्ती से लागू किया जा सके।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें 
Indore: छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के बाद इंदौर में तैयार सिरप भी बाजार से वापस बुलाया
विज्ञापन


मशीनें खराब, रिकॉर्ड अधूरा 
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों पर उपस्थिति का दबाव तो बढ़ा दिया, लेकिन उपस्थिति की सटीक निगरानी के लिए बनाए गए तंत्र की उपेक्षा की जा रही है। कई विभागों में मशीनें महीनों से खराब पड़ी हैं और उनकी मरम्मत या बदलाव की प्रक्रिया शुरू तक नहीं की गई है। छात्रों का कहना है कि यदि औपचारिक रिकॉर्ड ही तैयार नहीं होता, तो उपस्थिति का मूल्यांकन कैसे किया जाएगा? वहीं, फैकल्टी का कहना है कि मशीनें अक्सर काम नहीं करतीं, जिससे वास्तविक उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती। सवाल यह भी उठता है कि जब सिस्टम को लागू ही नहीं किया जा रहा, तो फिर इन मशीनों पर समय, पैसा और संसाधन खर्च करने का क्या औचित्य है? फिलहाल विश्वविद्यालय के यूटीडी में 200 से अधिक शिक्षक और 12 हजार से ज्यादा नियमित छात्र हैं, जिनकी उपस्थिति का सही रिकॉर्ड तैयार नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नैक मूल्यांकन से पहले बढ़ी चिंता
डीएवीवी जल्द ही नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल (NAAC) की ग्रेडिंग प्रक्रिया में शामिल होने जा रहा है। इसके लिए विश्वविद्यालय 'विजन-2047' दस्तावेज तैयार कर रहा है, जिसमें आने वाले 22 वर्षों के लिए नीतियां और शैक्षणिक विकास की रूपरेखा तय की जाएगी। ऐसे में बायोमेट्रिक अटेंडेंस जैसी बुनियादी व्यवस्था में लापरवाही विश्वविद्यालय की साख को नुकसान पहुंचा सकती है। नैक मूल्यांकन में संस्थान के अकादमिक अनुशासन, उपस्थिति की निगरानी, पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को विशेष महत्व दिया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसी व्यवस्थाएं ही ढंग से नहीं चल रहीं, तो विश्वविद्यालय नैक की कसौटी पर कैसे खरा उतरेगा?

जल्द ही पूरी व्यवस्था बन जाएगी
डीएवीवी के कुलपति राकेश कुमार सिंघई का कहना है कि सभी विभागों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अभी पूरा प्लान तैयार नहीं हो सका है। फिलहाल शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर के आधार पर दर्ज की जा रही है। जल्द ही सभी विभागों में मशीनें लगाकर अटेंडेंस को नियमित किया जाएगा। हालांकि छात्रों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को लेकर कोई ठोस योजना अब तक नहीं बनी है। इस पर भी शीघ्र विचार किया जाएगा, ताकि उपस्थिति प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed