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Indore News: छात्रों ने कुलगुरु को 3 दिन का अल्टीमेटम दिया, DAVV परिसर में जमकर हंगामा
Wed, 29 Oct 2025 05:52 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 29 Oct 2025 05:52 PM IST
सार
Indore News: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में एबीवीपी ने छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। मुख्य मुद्दा 7 विभागों का इंस्टीट्यूशन कोड न मिलना था, जिससे छात्रों की स्कॉलरशिप रुकी हुई है। एबीवीपी ने कुलगुरु को 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
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छात्रों ने जमकर हंगामा किया।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
स्टूडेंट्स से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र नेताओं ने आरएनटी मार्ग स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) परिसर में प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तीन दिन में कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम दिया है।
इंस्टीट्यूशन कोड न मिलने से रुकी स्कॉलरशिप
एबीवीपी के महानगर मंत्री देवेश गुर्जर ने बताया कि प्रदर्शन का मुख्य कारण विश्वविद्यालय के सात विभागों को इंस्टीट्यूशन कोड नहीं मिलना है। इस कोड के अभाव में कई स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप (छात्रवृत्ति) नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण उन्हें पढ़ाई में आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने आरोप लगाया कि इसके चलते उन्हें कई अन्य समस्याएं भी आ रही हैं।
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कुलगुरु को 3 दिन का अल्टीमेटम
देवेश गुर्जर ने कहा कि स्टूडेंट्स की मांगों को लेकर कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई को ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर तीन दिन के भीतर इन मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है, तो एबीवीपी द्वारा उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में सारी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
इन सात सूत्रीय मांगों को लेकर दिया ज्ञापन
1.विभाग के इंस्टीट्यूशन कोड के अभाव में छात्रों को छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में अत्यंत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शीघ्र इंस्टीट्यूशन कोड जारी किया जाए ताकि छात्रों को राहत मिल सके।
2. देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की मुख्य दीवार, विशेषकर आईसीएच और आईएमएस के सामने की दीवार की ऊंचाई अत्यंत कम है, जिससे कई असामाजिक तत्व परिसर में कूदकर प्रवेश कर जाते हैं। सुरक्षा के दृष्टिकोण से दीवार की ऊंचाई बढ़ाई जाना आवश्यक है। इस विषय पर परिषद द्वारा दो बार ज्ञापन भी दिया जा चुका है, किंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
3. स्कूल ऑफ फार्मेसी तक जाने वाला रास्ता काफी खराब स्थिति में है। पिछले दो वर्षों में परिषद द्वारा तीन बार ज्ञापन देने के बावजूद निर्माण काम शुरू नहीं हुआ। छात्रों और संकायजनों को आने-जाने में बहुत परेशानी होती है, इसलिए शीघ्र रास्ते का निर्माण काम शुरू कराया जाए।
4. विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता की अत्यंत कमी है। जगह-जगह घास और झाड़ियां उग आई हैं, जिनसे सांप और अन्य जीव-जंतु निकल रहे हैं। परिसर की नियमित सफाई और रखरखाव की व्यवस्था की जाए ताकि छात्रों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।
5. विश्वविद्यालय के सभी विभागों में वॉशरूम की हालत बहुत दयनीय है। गर्ल्स वॉशरूम में सेनेटरी वेंडिंग मशीन नहीं है, कई गेट टूटे हुए हैं और सफाई की स्थिति अत्यंत खराब है। इसके अतिरिक्त कई विभागों में पीने के पानी के वाटर कूलर भी खराब हैं। इस दिशा में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
6. स्पोर्ट्स ग्राउंड की मेंटेनेंस की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही विश्वविद्यालय में खेलों के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल सुविधाओं की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए।
7. विश्वविद्यालय परिसर में स्ट्रीट लाइट की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। परिषद द्वारा इस विषय पर पूर्व में ज्ञापन दिया गया था, किंतु अब भी रात में कई स्थानों पर लाइट बंद रहती हैं जिससे सुरक्षा संबंधी खतरे उत्पन्न होते हैं। इस पर भी तत्काल ध्यान दिया जाए।
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इंस्टीट्यूशन कोड न मिलने से रुकी स्कॉलरशिप
एबीवीपी के महानगर मंत्री देवेश गुर्जर ने बताया कि प्रदर्शन का मुख्य कारण विश्वविद्यालय के सात विभागों को इंस्टीट्यूशन कोड नहीं मिलना है। इस कोड के अभाव में कई स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप (छात्रवृत्ति) नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण उन्हें पढ़ाई में आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने आरोप लगाया कि इसके चलते उन्हें कई अन्य समस्याएं भी आ रही हैं।
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कुलगुरु को 3 दिन का अल्टीमेटम
देवेश गुर्जर ने कहा कि स्टूडेंट्स की मांगों को लेकर कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई को ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर तीन दिन के भीतर इन मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है, तो एबीवीपी द्वारा उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में सारी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
इन सात सूत्रीय मांगों को लेकर दिया ज्ञापन
1.विभाग के इंस्टीट्यूशन कोड के अभाव में छात्रों को छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में अत्यंत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शीघ्र इंस्टीट्यूशन कोड जारी किया जाए ताकि छात्रों को राहत मिल सके।
2. देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की मुख्य दीवार, विशेषकर आईसीएच और आईएमएस के सामने की दीवार की ऊंचाई अत्यंत कम है, जिससे कई असामाजिक तत्व परिसर में कूदकर प्रवेश कर जाते हैं। सुरक्षा के दृष्टिकोण से दीवार की ऊंचाई बढ़ाई जाना आवश्यक है। इस विषय पर परिषद द्वारा दो बार ज्ञापन भी दिया जा चुका है, किंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
3. स्कूल ऑफ फार्मेसी तक जाने वाला रास्ता काफी खराब स्थिति में है। पिछले दो वर्षों में परिषद द्वारा तीन बार ज्ञापन देने के बावजूद निर्माण काम शुरू नहीं हुआ। छात्रों और संकायजनों को आने-जाने में बहुत परेशानी होती है, इसलिए शीघ्र रास्ते का निर्माण काम शुरू कराया जाए।
4. विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता की अत्यंत कमी है। जगह-जगह घास और झाड़ियां उग आई हैं, जिनसे सांप और अन्य जीव-जंतु निकल रहे हैं। परिसर की नियमित सफाई और रखरखाव की व्यवस्था की जाए ताकि छात्रों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।
5. विश्वविद्यालय के सभी विभागों में वॉशरूम की हालत बहुत दयनीय है। गर्ल्स वॉशरूम में सेनेटरी वेंडिंग मशीन नहीं है, कई गेट टूटे हुए हैं और सफाई की स्थिति अत्यंत खराब है। इसके अतिरिक्त कई विभागों में पीने के पानी के वाटर कूलर भी खराब हैं। इस दिशा में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
6. स्पोर्ट्स ग्राउंड की मेंटेनेंस की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही विश्वविद्यालय में खेलों के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल सुविधाओं की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए।
7. विश्वविद्यालय परिसर में स्ट्रीट लाइट की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। परिषद द्वारा इस विषय पर पूर्व में ज्ञापन दिया गया था, किंतु अब भी रात में कई स्थानों पर लाइट बंद रहती हैं जिससे सुरक्षा संबंधी खतरे उत्पन्न होते हैं। इस पर भी तत्काल ध्यान दिया जाए।
