NEET UG Result 2025:नीट यूजी-2025 के नतीजे जारी, इंदौर के उत्कर्ष अवधिया की देश में दूसरी रैंक
NEET UG Result 2025:नीट यूजी परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए है। इसमे इंदौर निवासी उत्कर्ष अवधिया की देशभर में दूसरी रैंक आई है। इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले 75 उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी सभी की परीक्षा के नजीते घोषित किए गए है।
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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट यूजी परीक्षा 2025 के परिणाम जारी कर दिए हैं। इसमें इंदौर के रहने वाले उत्कर्ष अवधिया की देशभर में दूसरी रैंक आई है। इस परीक्षा में इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले 75 उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी सभी की परीक्षा के नजीते घोषित किए गए हैं। उत्कर्ष ने भी इंदौर सेंटर से परीक्षा दी थी। तब इंदौर में आंधी के कारण परीक्षा केंद्रों की बिजली गुल हो गई थी। कई विद्यार्थी तो रोते हुए परीक्षा केंद्रों से बाहर आए थे।
इस बार राजस्थान के महेश कुमार ने देशभर में पहली रैंक हासिल की है। दूसरे नंबर पर उत्कर्ष इंदौर के हैं, जबकि तीसरे नंबर पर महाराष्ट्र के कृषांग जोशी रहे। अविका अग्रवाल ने लड़कियों में सबसे ज्यादा नंबर हासिल किए हैं। देशभर के टाॅप 100 में मध् प्रदेश के चार स्टूडेंट हैं। एमपी से अगम जैन ने 45वीं, अनुभव पांडे ने 79वीं व मोहित भारती ने 82वीं रैंक हासिल की है।
दादा जी का सपना किया पूरा
देश में दूसरी रैंक बनाने वाले उत्कर्ष अवधिया ने बताया कि उनके दादा जी का सपना था कि वे डॉक्टर बनें। इस लक्ष्य को पाने के लिए उन्होंने टाइम टेबल बनाया। उत्कर्ष ने बताया कि दो साल पहले कक्षा 11 वीं में इस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। शाम 6 बजे के बाद वे सेल्फ स्टडी करते थे। शाम को दो से तीन घंटे तक पढ़ाई करने के बाद वे जल्दी सोने की कोशिश करते थे। इसके बाद सुबह जल्दी उठकर भी सेल्फ स्टडी करते थे। उत्कर्ष ने बताया कि वे सुबह 6 बजे उठ जाते थे। जैसे परीक्षा का समय नजदीक आया उन्होंने पढ़ाई के घंटे बढ़ा दिए थे। परीक्षा के ठीक पहले के दिनों में वे 15 घंटे तक पढ़ाई करते थे। उत्कर्ष ने बताया कि वे दोस्तों के साथ पढ़ाई करते थे। इससे माहौल अच्छा मिला।
हॉस्टल में रखकर पढ़ाई की
उत्कर्ष ने कहा कि उन्होंने पढ़ाई को लेकर ज्याादा तनाव नहीं लिया, लेकिन दस घंटे पढ़ाई के लिए निकलता था। सोशल मीडिया से मैं दूर रहा। खेल के लिए भी समय देता था। उत्कर्ष ने कहा कि उनका घर इंदौर में ही है, लेकिन उन्होंने हॉस्टल में रहकर ही तैयारी की। उनका मानना है कि मेहनत के साथ पढ़ाई के लिए टाइम टेबल भी जरूरी है।
नहीं था तनाव
उत्कर्ष अवधिया ने बताया कि उनको पढ़ना अच्छा लगता है। इस वजह से किसी तरह का कोई तनाव नहीं था। उत्कर्ष के पिता ने बताया कि उनका बेटा अच्छा डॉक्टर बने और देश की सेवा करे, वे यही चाहते हैं। वहीं मां ने कहा कि बेटे को कभी भी पढ़ाई के लिए कुछ कहना नहीं पढ़ा। वो स्वयं ही बहुत जिम्मेदार है।
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