Indore एमवायएच चूहाकांड- आंदोलन की चेतावनी दी तो शाम तक हो गई जांच पूरी
जयस ने गुरुवार को बड़े आंदोलन की तैयारी कर रखी थी, लेकिन बुधवार रात इस कांड की जांच पूरी हो गई और रिपोर्ट आने के बाद प्रभारी विभागाध्यक्ष को हटा दिया गया।
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एमवाय अस्पताल का चूहाकांड सरकार के लिए भी सिरदर्द साबित हो रहा है। अब तक सात से ज्यादा अफसरों पर इस मामले में गाज गिर चुकी है और एमवाय अधीक्षक को भी लंबी छुट्टी पर भेज दिया है। इस कांड को लेकर राजनीति भी होने लगी है। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अस्पताल का दौरा किया। उधर जयस ने गुरुवार को बड़े आंदोलन की तैयारी कर रखी थी, लेकिन बुधवार रात इस कांड की जांच पूरी हो गई और रिपोर्ट आने के बाद प्रभारी विभागाध्यक्ष को हटा दिया गया।
अब चिकित्सा विभाग के उच्च अधिकारी इस मामले को ठंडा करना चाहते है। उधर इस मामले में हाईकोर्ट में संज्ञान लेते हुए याचिका दायर कर ली है। कोर्ट ने सरकार को 15 सितंबर तक स्टेटस रिपोट पेश करने के लिए कहा है।
छवि धूमिल हुई है
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने इस मामले में भोपाल में बैठक ली और अफसरों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चूहे काटने की घटना लापरवाही का नतीजा है। इससे स्वास्थ्य सेवा की छवि धूमिल हुई है। दोषी व्यक्तियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की गई है। अस्पताल परिसरों की स्वच्छता, सुरक्षा और मरीजों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आपको बता दे कि अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव, विभागाध्यक्ष डॉ. बृजेश लाहोटी, प्रो. डॉ. मनोज जोशी एवं सहायक प्रभारी नर्सिंग अधिकारी श्रीमती कलावती भलावी को इस घटना के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। बुधवार शाम जोशी को भी निलंबित कर दिया गया। सहायक अधीक्षक एवं भवन प्रभारी डॉ. मुकेश जायसवाल, प्रभारी नर्सिंग अधिकारी प्रवीणा सिंह, नर्सिंग अधिकारी आकांक्षा बेंजामिन,श्वेता चौहान को निलंबित किया गया है। नर्सिंग अधीक्षक श्रीमती मार्गरेट जोसफ को पद से हटाया गया है। नर्सिंग अधिकारी प्रेमलता राठौर का स्थानांतरण मानसिक चिकित्सालय में किया गया है।
