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मुरासुः बंगाल की खाड़ी में आया खतरनाक चक्रवाती तूफान, देखिए कल इंदौर का मौसम कैसा रहेगा?
Mon, 02 Nov 2026 05:57 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 02 Nov 2026 05:57 PM IST
सार
इंदौर और आसपास के तापमान में बदलाव के बीच बंगाल की खाड़ी में गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु के सक्रिय होने से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी तबाही और तेज हवाओं का रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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इंदौर का मौसम
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मुरासु अब एक गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो चुका है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा आज सुबह जारी किए गए राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार यह चक्रवात पिछले 6 घंटों के दौरान 25 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ा है। इस भयंकर तूफान के आज देर रात से कल तड़के के बीच आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकराने की प्रबल संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार यह तूफान फिलहाल पश्चिम मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित बना हुआ है। इसका मुख्य केंद्र चेन्नई से लगभग 200 किलोमीटर पूर्व उत्तर-पूर्व, नेल्लोर से 210 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व और मछलीपट्टनम से 270 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित है। इस चक्रवात के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की पूरी संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रतिघंटे और हवा के झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और उससे सटे उत्तरी तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। तूफान के तट से टकराने के समय तेज हवाओं और खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए सभी तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
यह बंगाल की खाड़ी में कुछ ही दिनों के अंतराल में उठा दूसरा चक्रवाती तूफान है, इससे पहले अर्नब तूफान ने भारी तबाही मचाई थी। अर्नब तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के अनेक इलाकों में भारी बारिश और विनाश की स्थिति उत्पन्न हुई थी। इस चक्रवात का असर मध्य प्रदेश तक भी देखने को मिला था और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई थी। अब कुछ ही दिनों के भीतर एक बार फिर बंगाल की खाड़ी में मुरासु तूफान के सक्रिय होने से आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों पर नया खतरा मंडराने लगा है। इसके प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश का मौसम भी आने वाले कुछ दिनों में बदल सकता है, हालांकि राज्य के पश्चिमी हिस्सों में इसके किसी खास असर की कोई उम्मीद नहीं है।
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दूसरी ओर स्थानीय मौसम में भी बदलाव देखा जा रहा है जहां शहर के आसमान से बादल छंटने के साथ ही तापमान में भारी उछाल दर्ज किया गया है। विमानतल स्थित मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री कम जरूर था लेकिन परसों की तुलना में 2.3 डिग्री अधिक था। वहीं शनिवार रात से सुबह के बीच न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री और बीते कल की अपेक्षा 1.8 डिग्री अधिक रहा। इस दौरान हवाओं की दिशा मुख्य रूप से पूर्वी बनी रही और इनकी अधिकतम रफ्तार 21 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में रात के तापमान में फिर से गिरावट आने की संभावना जताई है।
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मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार यह तूफान फिलहाल पश्चिम मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित बना हुआ है। इसका मुख्य केंद्र चेन्नई से लगभग 200 किलोमीटर पूर्व उत्तर-पूर्व, नेल्लोर से 210 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व और मछलीपट्टनम से 270 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित है। इस चक्रवात के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की पूरी संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रतिघंटे और हवा के झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और उससे सटे उत्तरी तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। तूफान के तट से टकराने के समय तेज हवाओं और खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए सभी तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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यह बंगाल की खाड़ी में कुछ ही दिनों के अंतराल में उठा दूसरा चक्रवाती तूफान है, इससे पहले अर्नब तूफान ने भारी तबाही मचाई थी। अर्नब तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के अनेक इलाकों में भारी बारिश और विनाश की स्थिति उत्पन्न हुई थी। इस चक्रवात का असर मध्य प्रदेश तक भी देखने को मिला था और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई थी। अब कुछ ही दिनों के भीतर एक बार फिर बंगाल की खाड़ी में मुरासु तूफान के सक्रिय होने से आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों पर नया खतरा मंडराने लगा है। इसके प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश का मौसम भी आने वाले कुछ दिनों में बदल सकता है, हालांकि राज्य के पश्चिमी हिस्सों में इसके किसी खास असर की कोई उम्मीद नहीं है।
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दूसरी ओर स्थानीय मौसम में भी बदलाव देखा जा रहा है जहां शहर के आसमान से बादल छंटने के साथ ही तापमान में भारी उछाल दर्ज किया गया है। विमानतल स्थित मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री कम जरूर था लेकिन परसों की तुलना में 2.3 डिग्री अधिक था। वहीं शनिवार रात से सुबह के बीच न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री और बीते कल की अपेक्षा 1.8 डिग्री अधिक रहा। इस दौरान हवाओं की दिशा मुख्य रूप से पूर्वी बनी रही और इनकी अधिकतम रफ्तार 21 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में रात के तापमान में फिर से गिरावट आने की संभावना जताई है।
