{"_id":"6ab9325f5e332ee67a0027a8","slug":"indore-mpta-world-tourism-day-heritage-preservation-event-2026-news-2026-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंदौर: हेरिटेज वॉक और किस्सागोई से बदल रहा मालवा का पर्यटन, खिंचे चले आ रहे विदेशी पर्यटक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंदौर: हेरिटेज वॉक और किस्सागोई से बदल रहा मालवा का पर्यटन, खिंचे चले आ रहे विदेशी पर्यटक
Mon, 28 Sep 2026 06:43 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Mon, 28 Sep 2026 06:43 AM IST
सार
इंदौर में विश्व पर्यटन दिवस पर मध्य प्रदेश ट्रैवल एसोसिएशन ने परिचर्चा आयोजित की। इसमें संघमित्रा सिंह और जफर अंसारी ने प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर, स्थापत्य संरक्षण और इंदौर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
विज्ञापन
मध्य प्रदेश ट्रैवल एसोसिएशन के सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल
विस्तार
मध्य प्रदेश ट्रैवल एसोसिएशन द्वारा विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाना था। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं, ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और बदलते परिदृश्य पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
यात्रा खुद को गहराई से समझने का बेहतर माध्यम: संघमित्रा सिंह
कार्यक्रम में बतौर अतिथि वक्ता शामिल हुईं कल्चरल एवं आर्किटेक्चरल कंजर्वेशनिस्ट संघमित्रा सिंह पिपलोदा ने यात्रा के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक बार किसी नई जगह की यात्रा अवश्य करनी चाहिए। नई जगहों पर जाने से न केवल मानसिक शांति और सकारात्मकता मिलती है, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों को करीब से जानने का अवसर भी प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि यात्रा किताबों से परे वास्तविक जीवन का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है। उन्होंने साझा किया कि वे जब भी किसी स्थल का दौरा करती हैं, तो एक सामान्य पर्यटक के बजाय स्थानीय नागरिक की तरह वहां समय बिताती हैं। इससे वहां के इतिहास और जीवनशैली को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। मध्य प्रदेश और मालवा की समृद्ध धरोहर पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में पाषाण युग के अवशेषों से लेकर आधुनिक कला तक का विस्तृत इतिहास मौजूद है। स्थापत्य संरक्षण में पर्यटन से जुड़े लोगों की भूमिका को उन्होंने बेहद महत्वपूर्ण बताया।
इंदौर की सांस्कृतिक धरोहर अत्यंत समृद्ध: जफर अंसारी
सेंट्रल इंडिया के इतिहासकार जफर अंसारी ने इंदौर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इंदौर की सांस्कृतिक परंपराएं और त्यौहार अत्यंत समृद्ध हैं। रंगपंचमी, मोहर्रम और अनंत चतुर्दशी जैसे पारंपरिक आयोजन अब वैश्विक स्तर पर पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अभी भी इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसे ऐतिहासिक पहलू हैं जो आम पर्यटकों की पहुंच से दूर हैं। हेरिटेज वॉक और किस्सागोई जैसे प्रयोगों के माध्यम से पर्यटकों को शहर के वास्तविक इतिहास से प्रभावी ढंग से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का आह्वान किया कि वे पर्यटकों की रुचि और जुड़ाव के बिंदुओं को समझकर नए प्रयास करें।
विज्ञापन
पर्यटन विकास के लिए निरंतर संवाद जरूरी: हेमेंद्र सिंह जादौन
मध्य प्रदेश ट्रैवल एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन ने परिचर्चा का संचालन करते हुए संस्था के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन का प्रयास रहता है कि पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को नियमित रूप से ऐसा मंच उपलब्ध कराया जाए, जहां विचारों का आदान-प्रदान हो सके। इस प्रकार के आयोजनों से प्रदेश के पर्यटन को नई दिशा देने वाले विचार सामने आते हैं।
विज्ञापन
यात्रा खुद को गहराई से समझने का बेहतर माध्यम: संघमित्रा सिंह
कार्यक्रम में बतौर अतिथि वक्ता शामिल हुईं कल्चरल एवं आर्किटेक्चरल कंजर्वेशनिस्ट संघमित्रा सिंह पिपलोदा ने यात्रा के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक बार किसी नई जगह की यात्रा अवश्य करनी चाहिए। नई जगहों पर जाने से न केवल मानसिक शांति और सकारात्मकता मिलती है, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों को करीब से जानने का अवसर भी प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि यात्रा किताबों से परे वास्तविक जीवन का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है। उन्होंने साझा किया कि वे जब भी किसी स्थल का दौरा करती हैं, तो एक सामान्य पर्यटक के बजाय स्थानीय नागरिक की तरह वहां समय बिताती हैं। इससे वहां के इतिहास और जीवनशैली को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। मध्य प्रदेश और मालवा की समृद्ध धरोहर पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में पाषाण युग के अवशेषों से लेकर आधुनिक कला तक का विस्तृत इतिहास मौजूद है। स्थापत्य संरक्षण में पर्यटन से जुड़े लोगों की भूमिका को उन्होंने बेहद महत्वपूर्ण बताया।
विज्ञापन
इंदौर की सांस्कृतिक धरोहर अत्यंत समृद्ध: जफर अंसारी
सेंट्रल इंडिया के इतिहासकार जफर अंसारी ने इंदौर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इंदौर की सांस्कृतिक परंपराएं और त्यौहार अत्यंत समृद्ध हैं। रंगपंचमी, मोहर्रम और अनंत चतुर्दशी जैसे पारंपरिक आयोजन अब वैश्विक स्तर पर पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अभी भी इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसे ऐतिहासिक पहलू हैं जो आम पर्यटकों की पहुंच से दूर हैं। हेरिटेज वॉक और किस्सागोई जैसे प्रयोगों के माध्यम से पर्यटकों को शहर के वास्तविक इतिहास से प्रभावी ढंग से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का आह्वान किया कि वे पर्यटकों की रुचि और जुड़ाव के बिंदुओं को समझकर नए प्रयास करें।
विज्ञापन
पर्यटन विकास के लिए निरंतर संवाद जरूरी: हेमेंद्र सिंह जादौन
मध्य प्रदेश ट्रैवल एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन ने परिचर्चा का संचालन करते हुए संस्था के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन का प्रयास रहता है कि पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को नियमित रूप से ऐसा मंच उपलब्ध कराया जाए, जहां विचारों का आदान-प्रदान हो सके। इस प्रकार के आयोजनों से प्रदेश के पर्यटन को नई दिशा देने वाले विचार सामने आते हैं।
