फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Man who cheated Australian in name of Tim Cook arrested, took Rs 1 crore in name of making software

Indore: टिम कुक के नाम पर ऑस्ट्रेलियन को ठगने वाला गिरफ्तार, सॉफ्टवेयर बनाने का झांसा दिया और वसूले एक करोड़

Thu, 04 Jul 2024 10:07 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, इंदौर Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 04 Jul 2024 10:07 PM IST
सार

मध्य प्रदेश स्टेट साइबर सेल ने इंदौर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। उस पर ऑस्ट्रेलियन नागरिक से ठगी करने का आरोप है। ये ठगी टिम कुक के नाम का सहारा लेकर की गई। 

विज्ञापन
Indore: Man who cheated Australian in name of Tim Cook arrested, took Rs 1 crore in name of making software
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऑस्ट्रेलिया के नागरिक से ठगी करने वाले इंदौर के एक सॉफ्टेयर इंजीनियर को स्टेट सायबर सेल ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एपल के सीईओ टिम कुक की कंपनी के लिए सॉफ्टेवर बनाने के नाम पर फरियादी से एक करोड़ रुपये ले लिए थे। उसे पार्टनरशिप का लालच भी दिया था। आरोपी मयंक सलूजा ने आरोपी का विश्वास जीतने के लिए टिम कुक के फर्जी साइन का एक कॉन्ट्रेक्ट लेटर भी ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अल शेफर्ड को दिया। 
विज्ञापन


शेफर्ड ने वकील के माध्यम से कोर्ट में याचिका लगाई। इसके बाद स्टेट सायबर सेल ने जांच की और आरोपी तक पहुंची। शेफर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्होंने एप बनाने के लिए प्रोग्राम डेवलपर के लिए सर्च किया, तो मयंक का पता चला। मयंक से संपर्क किया। मयंक ने सॉफ्टवेयर बनाने के लिए प्रोग्राम डेवलमेंट, एंड्रॉयड मोबाइल एप आदि की अलग-अलग फीस बताई और एक करोड़ रुपये की डिमांड की। शेफर्ड ने रुपये भेज दिए, लेकिन तीन साल बीतने के बावजूद सॉफ्टवेयर तैयार नहीं किया। इसके बाद शेफर्ड ने बार-बार मयंक से रुपये मांगे, लेकिन वह आनाकानी करता रहा। आखिकार शेफर्ड को कोर्ट की शरण लेना पड़ी। 
विज्ञापन


फर्जी कॉन्ट्रेक्ट की जानकारी कंपनी को सौंपी
राज्य सायबर सेल के अफसरों ने मयंक से पूछताछ की, लेकिन वह गुमराह करता रहा। अफसरों ने टिम कुक के फर्जी हस्ताक्षर वाले लेटर की जानकारी उनकी कंपनी को भेजी है। पुलिस ने मयंक को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि कहीं अन्य लोगों को भी आरोपी ने अपना शिकार तो नहीं बनाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मयंक ने पुलिस को बताया कि शेफर्ड ने वेबसाइट का डोमेन खुद खरीदा था। मैं उस पर ही काम कर रहा था। वेबसाइट की होस्टिंग ऑल शेफर्ड ने अपलोड की थी, लेकिन एप डेवलपमेंट करने के लिए शेफर्ड ने इसकी होस्टिंग मयंक को ट्रांसफर कर दी। मयंक का दावा है कि इस वजह से शेफर्ड होस्टिंग को एक्सेस नहीं कर पा रहा था। हाईकोर्ट के निर्देश पर साइबर सेल ने इसकी होस्टिंग अपने कब्जे में ले ली है। पुलिस ने बताया कि केस में स्काइप एवं एपल कंपनी को ई मेल के माध्यम से भेजा गया है, जानकारी दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed