Indore: नेता प्रतिपक्ष चौकसे बोले- भाजपा नेताओं के दबाव में महिला को दी तीन घंटे में अनुंकपा नियुक्ति
चौकसे ने कहा कि भाजपा नेताओं के दबाव में आकर नियम के विपरीत यह नियुक्ति का आदेश जारी किया गया है।निगम के मृत कर्मचारी पंकज के द्वारा अपने जीवन काल में जो वारिस नाम बनाया गया,उसमें उनके द्वारा अपनी पत्नी दीपिका और माता कमला का नाम लिखा गया।
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इंदौर में जनसुनवाई में पहुंची एक महिला को तीन घंटे में अनुकंपा नियुक्ति देने का मामला चर्चा में है। निगमायुक्त ने इस काम में देरी होने पर एक निगमकर्मी को निलंबित तक कर दिया। अब इस नियुक्ति पर सवाल उठने लगे है। नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि निगमायुक्त शिवम वर्मा ने भाजपा नेताओं के दबाव में अनुकंपा नियुक्ति दी है, जबकि नियमानुसार वह ठीक नहीं है। चौकसे ने कहा कि सफाई मित्र पंकज पिता कमल की मौत हो जाने पर कविता को अनुकंपा नियुक्ती तीन घंटे में कर दी गई। यह नियुक्ति पत्र नियम के विपरीत जाकर जारी किया गया है। इस नियुक्ति पत्र को यदि रद्द नहीं किया गया तो कांग्रेस इस मामले को लेकर लोकायुक्त में जाएगी।
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चौकसे ने कहा कि निगम के सफाई मित्र पंकज पिता कमल की मृत्यु हो जाने के कारण कविता नामक महिला के द्वारा नगर निगम में अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। इस आवेदन पर नियुक्ति का आदेश जारी नहीं करने के कारण निगम आयुक्त के द्वारा मंगलवार को निगम की स्वास्थ्य यूनिट के प्रभारी राजेश करोसिया को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद निगम आयुक्त के आदेश पर तीन घंटे में महिला की अनुकंपा नियुक्ति का आदेश जारी किया गया।
चौकसे ने कहा कि भाजपा नेताओं के दबाव में आकर नियम के विपरीत यह नियुक्ति का आदेश जारी किया गया है।निगम के मृत कर्मचारी पंकज के द्वारा अपने जीवन काल में जो वारिस नाम बनाया गया,उसमें उनके द्वारा अपनी पत्नी दीपिका और माता कमला का नाम लिखा गया। उक्त कर्मचारी के सर्विस रिकॉर्ड नॉमिनेशन में भी यही नाम है। ऐसे में जब किसी के नाम पर वारिस नामा नहीं हो तो उसे अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं दिया जा सकता है।
निगम के द्वारा भाजपा नेताओं के दबाव में आकर यह नियुक्ति का गलत आदेश जारी किया गया है। चौकसे ने निगम आयुक्त से मांग की है कि एक बार फिर इस मामले की जांच की जाए और नियम के अनुसार ही पूरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यदि इस मामले में भाजपा नेताओं के दबाव में नियम के विपरीत कार्रवाई की गई तो कांग्रेस पार्षद दल के द्वारा लोकायुक्त में शिकायत की जाएगी।
