Indore: सिंगोली में जैन संतों के साथ हुई मारपीट से इंदौर का जैन समाज नाराज
जैन ने कहा कि जैन संत अहिंसा, शांति, तप और संयम के प्रतीक होते हैं, सदैव समाज को नैतिकता व सदाचार की प्रेरणा देते आए हैं। ऐसे संतों के साथ इस प्रकार की हिंसक व अमानवीय घटना होना शर्मनाक है। घटना के दोषियों को कड़ी सजा मिलना चाहिए।
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नीमच जिले के सिंगोली गांव के मंदिर में रात्रि विश्राम के लिए रुके जैन संतों के साथ मारपीट करने की घटना को लेकर जैन समाज मेें रोष है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन समाज आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग पर अड़ा हुआ है।
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इस मामले में श्री नाकोड़ा जैन कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्षय जैन ने कहा कि सिंगोली में जैन संतों के साथ हुई अमानवीय घटना ने समस्त जैन समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश के धार्मिक व नैतिक मूल्यों को झकझोर कर रख दिया है। यह केवल एक संप्रदाय पर नहीं, हमारी भारतीय संस्कृति की सहिष्णुता, संयम और आध्यात्मिक गरिमा पर भी सीधा आघात है। जो असहनीय है।
जैन ने कहा कि जैन संत अहिंसा, शांति, तप और संयम के प्रतीक होते हैं, सदैव समाज को नैतिकता व सदाचार की प्रेरणा देते आए हैं। ऐसे संतों के साथ इस प्रकार की हिंसक व अमानवीय घटना होना शर्मनाक है। घटना के दोषियों को कड़ी सजा मिलना चाहिए।
आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून या अन्य कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी राज्यों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। धार्मिक साधु-संतों की यात्रा व ठहराव को सुरक्षित बनाने हेतु एक विशेष सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाए।
