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Indore:इंदौर के संत सत्यप्रकाशानंद गिरि की नासिक के पास सड़क हादसे में मौत
Sun, 17 Nov 2024 08:36 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Sun, 17 Nov 2024 08:36 PM IST
सार
हादसे की खबर मिलने पर त्र्यंबकेश्वरआश्रम से भी कुछ सेवक मौके पर पहुंच गए थे। बाद में उनका शव आश्रम ले जा गया। उनके निधन पर अनेक संतों ने शोक व्यक्त किया है। स्वामी सत्यप्रकाशानंद को त्र्यंबकेश्वर के आश्रम में ही सोमवार सुबह समाधि दी जाएगी।
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संत स्वामी सत्यप्रकाशानंद गिरि
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
इंदौर के अन्नपूर्णा आश्रम के संत स्वामी सत्यप्रकाशानंद गिरि की रविवार को नासिक के समीप सड़क हादसे में मौत हो गई। वे इंदौर से त्र्यंबकेश्वर आश्रम जाने के लिए निकले थे। इस बीच उनकी कार को किसी वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इससे कार पलट गई। मौजूद लोगों ने कार में सवार संत को निकाला और नासिक के अस्पताल में पहुंचाया, लेकिन सिर में में लगी चोट व ज्यादा खून बहने के कारण उन्हें नहीं बचाया जा सका। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
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हादसे की खबर मिलने पर त्र्यंबकेश्वर आश्रम से भी कुछ सेवक मौके पर पहुंच गए थे। बाद में उनका शव आश्रम ले जा गया। उनके निधन पर अनेक संतों ने शोक व्यक्त किया है। स्वामी सत्यप्रकाशानंद को त्र्यंबकेश्वर के आश्रम में ही सोमवार सुबह समाधि दी जाएगी।
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अकेले ही कार से रवाना हुए थे।
स्वामी सत्यप्रकाशानंद गिरि इंदौर से अकेले ही कार से रवाना हुए थे। हादसे के बाद घायल अवस्था में उन्होंने लोगों को आश्रम के पदाधिकारियों को जानकारी देने के लिए कहा।
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15 सालों से अन्नपूर्णा आश्रम से जुड़े थे
इंदौर आश्रम के स्वामी जयेंद्रानंद गिरि महाराज ने बताया कि स्वामी सत्यप्रकाशानंद बनारस से कर्मकांड के अध्ययन के पश्चात विगत 15 वर्षों से अन्नपूर्णा आश्रम से जुड़े थे और महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि महाराज के शिष्य थे। मूलतः उनकी जन्मभूमि महाराष्ट्र थी।
