फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: How will the drug trade be attacked, only the chairs of big posts are vacant, the intelligence system

Indore: नशे के कारोबार पर कैसे होगा वार,बड़े पदों की कुर्सियां ही खाली, खुफिया तंत्र फेल होना ही था

Mon, 07 Oct 2024 07:23 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Mon, 07 Oct 2024 07:23 PM IST
सार

 आरोपी अमित चतुर्वेदी का इंदौर के कई केमिकल व्यापारियों से संपर्क है। वह सीधे इंदौर से फैक्ट्री में कच्चा माल मंगवा लेता था। इसकी भी जानकारी संबंधित विभागों को नहीं लगी। इस बड़ी खेप के पकड़े जाने के बाद प्रदेश के खुफिया तंत्र पर सवाल उठ रहे है। 

विज्ञापन
Indore: How will the drug trade be attacked, only the chairs of big posts are vacant, the intelligence system
भोपाल की फैक्ट्री में बन रही थी एमडी ड्रग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल में 18 सौ करोड़ की मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स गुजरात एटीएस और दिल्ली की एनसीबी की टीम ने पकड़ी। मध्य प्रदेश के अफसरों को इस फैक्ट्री के बारे में पता ही नहीं था। इस फैक्ट्री पर छापे की खबर भी गुजरात के एक मंत्री गृह मंत्री हर्ष संघवी की पोस्ट से लगी।

विज्ञापन



इतने बड़े पैमाने पर हो रहे नशे के कारोबार का इंदौर और भोपाल जैसे शहरों का खुफिया तंत्र पता नहीं लगा पाया,जबकि फैक्ट्री में बनने वाली ड्रग के लिए कच्चा माल इंदौर और उज्जैन से जाता था।

विज्ञापन

 

नशे के कारोबार का आरोपी अमित चतुर्वेदी का इंदौर के कई केमिकल व्यापारियों से संपर्क है। वह सीधे इंदौर से फैक्ट्री में कच्चा माल मंगवा लेता था। इसकी भी जानकारी संबंधित विभागों को नहीं लगी। इस बड़ी खेप के पकड़े जाने के बाद प्रदेश के खुफिया तंत्र पर सवाल उठ रहे है। इंदौर में अब कलेक्टर ने एक टीम तैयार की है। जिसमें  औषधि विभाग, एकेवीएन और प्रशासन के अफसर फैक्टरियों की जांच करेंगे। इंदौर के सांवेर रोड, पीथमपुर में सैकड़ों फैक्ट्री है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

15 दिन से एडीजी इंटेजिलेंस की कुर्सी खाली

 

पिछले माह प्रदेश में 15 आईपीएस के तबादले हुए थे। जिसमें एडीजी इंटेलिजेंस की जिम्मेदारी संभाल रहे जयदीप प्रसाद को लोकायुक्त संगठन का प्रभारी पुलिस महानिदेशक बनाया गया, लेकिन एडीजी इंटेलिजेंस की पोस्ट पर अभी तक नियुक्ति नहीं हो पाई है। इंदौर के एसपी इंटेलिजेंस डाॅ. राजेश सहाय का भी तबादला हो गया। एक माह से वह कुर्सी भी खाली है।




जब मुखिया की कुर्सी ही खाली रहेगी तो फिर टीम कैसे फिल्ड में मजबूत रह सकती है। हैरानी की बात यह है कि इंदौर के एसडीएफ एसपी की पोस्ट पर सालभर से नियुक्ति नहीं हो पाई है। प्रदेश के पूर्व डीजीपी एसके दास का इस बारे में कहना है कि पुलिस विभाग में यह पद काफी महत्वपूर्ण होते है। लंबे समय तक इनकी कुर्सी खाली नहीं रखी जाना चाहिए। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed